ब्रेकिंग न्यूज़ 

क्या सोनिया, राहुल जाएंगे जेल?

क्या सोनिया, राहुल जाएंगे जेल?

अनेक अविस्मरणीय यादों को समेटे वर्ष 2015 अब इतिहास बन चुका है और साल 2016 पंख फैलाए हम सब का स्वागत कर रहा है। ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के अनुसार देश में वर्ष 2015 में शुरू हुईं राजनीतिक सरगर्मियां अगले वर्ष जहां अपने चरम पर होंगी, वहीं जातिवाद, साम्प्रदायिकता और आतंकवादी हमलों में भारी तेजी आ सकती है। नये वर्ष में ग्रहों के योग इस प्रकार के बन रहे हैं कि देश को अपने किसी राजनीतिक विशिष्ट व्यक्ति को भी खोना पड़ सकता है। अयोध्या में मन्दिर निर्माण का मुद्दा भी पूरे जोरों पर छाया रह सकता है। नव वर्ष कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के लिये कानूनी मामलों में शुभ नहीं है। भूकम्प के जबर्दस्त झटके दिलों को दहलाने में अपनी भूमिका अदा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को न चाहते हुए भी अपने मंत्रिमंडल में कुछ फेरबदल करने पड़ सकते हैं। उनकी पार्टी भाजपा भी इन फेरबदल से अछूती नहीं रह पायेगी। लेकिन, ऐसा नहीं है कि नया वर्ष केवल अंधकारमय ही होगा। नव वर्ष में ग्रहों के योग देश में आशा का संचार करने में भी अपनी भूमिका निभाने में पीछे नहीं रहेंगे। भारत में विदेशी निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बड़ी संख्या में रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता से अपने चुनावी भाषणों में किये गये वादे भी अमली जामा पहनते नजर आएंगे और देश अच्छे दिनों का सवेरा देखना शुरू कर देगा।

हालांकि हिन्दू नव वर्ष 7 अप्रैल से शुरू होगा, लेकिन 1 जनवरी से शुरू हुए पारंपरिक नव वर्ष की पूर्व संध्या पर उदय इंडिया के पाठकों को बधाई देते हुए अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिष गुरू के.एन. राव ने लेखक के साथ विशेष बातचीत में ज्योतिषीय आंकलन के अनुसार नये साल को आशा-निराशा और अविस्मरणीय घटनाओं से भरे वर्ष की संज्ञा देते हुए कहा कि वर्ष 2015 में सुब्रह्मणयम स्वामी द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में दायर याचिका की परिणति कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए प्रतिकूल समय लेकर आ सकती है। उल्लेखनीय है कि श्री राव नेशनल हेराल्ड के संस्थापक संपादक स्वर्गीय के. रामाराव के बेटे हैं और भारत सरकार के महालेखाकार एवं नियंत्रक पद से सेवानिवृत हुए हैं। लगभग तीन दशकों से देश-विदेश में वैदिक ज्योतिष सिखाने में व्यस्त के.एन. राव ने वैदिक ज्योतिष के कई गूढ़ विषयों पर लिखी अपनी अनेक पुस्तकों में ज्योतिष के बहुत से रहस्यों से पर्दा हटाने के अतिरिक्त ज्योतिष के संबंध में अनेक भ्रान्तियों को दूर किया है।

उदय इंडिया के लिए बातचीत के दौरान राव ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसकी अध्यक्षा सोनिया गांधी तथा उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कुंडलियों का अध्ययन किया है और उनकी कुंडलियों के योग बताते हैं कि नेशनल हेराल्ड मामले में दायर याचिका के फैसले इन नेताओं के लिये प्रतिकूल होंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या उससे सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा उनकी पार्टी को राजनीतिक लाभ मिलेगा, जैसा कि इन्दिरा गांधी को आपातकाल के बाद उनके विरोधियों के व्यवहार से मिला था, तो के.एन. राव का कहना था कि इंदिरा गांधी ने देश के लिये जो कुछ किया था, उसने उन्हें एक चमत्कारिक नेता बना दिया था। सोनिया गांधी में तो उन जैसा कोई चमत्कार ही नहीं है। उनके खिलाफ फैसले आने से देश की जनता के मानस पर कोई असर पडऩे वाला नहीं है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के मामले का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि केजरीवाल को इस मामले में मुंह की खानी पड़ सकती है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी के उदय से भारतीय राजनीति रसातल को जा रही है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल परिचित कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधानों को खुद ही नजरअंदाज करते हुए किसी के विरूद्ध कोई भी आरोप लगा देते हैं। यह सब तब तक नहीं रूकेगा जब तक कि उन जैसे राजनेताओं को अदालत से कोई पाठ पढऩे को नहीं मिल जाता। केन्द्रीय मंत्री अरूण जेटली ने केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के छह सदस्यों को अदालत में चुनौती दी है।

विख्यात ज्योतिष के.एन. राव ने लेखक का ध्यान नव वर्ष में भारत की कुंडली के तीसरे घर में मंगल और शनि की युति और दशमेश का आठवें घर में बैठना तथा अष्टमेश मंगल द्वारा दशम भाव को आठवीं दृष्टि से देखने की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि, यह अमंगल का द्योतक है। साथ ही उनका कहना था कि अष्टम घर पर गुरू बृहस्पति की नौंवी दृष्टि राहत देने वाली है। मंगल तृतीयेश और अष्टमेश है और शनि पंचमेश और षष्टेश है। यह केवल मंगल और शनि का ही प्रभाव नहीं होगा बल्कि, ये षष्टेश और अष्टमेश भी है जिससे बगैर कोई गलती के कहा जा सकता है कि ये भयावह संदेश दे रहे हैं। इनका स्पष्ट संकेत साम्प्रदायिक दंगों, आतंकवादी हमलों और देश की राजनीति में भूचाल ला देने वाले अदालत के फैसलों और धरती को भूकंप से दहला देने की ओर है।

ज्योतिष गुरू का कहना था कि मंगल और शनि का भारत की कुंडली के तीसरे घर में बैठ कर नौवें घर पर दृष्टिपात करना साम्प्रदायिक और जातिवादी दंगों या झड़पों और आतंकवादी हमले होने की ओर संकेत करता है। तीसरे घर में मंगल और शनि की युति भारत की सीमाओं पर गड़बड़ी के संदेश भी देती है। षष्टेश शनि और अष्टमेश मंगल का न्यायायिक प्रणाली के नौवें घर पर नजर डालना शुभ नहीं हैं। यह योग कई वर्ग चार्टों में भी दोहराया गया है। आपराधिक मामलों में कुछ राजनेताओं को जेल भी हो सकती है जो खुद को राजनीतिक शहीद दिखाने की कोशिश कर सकते हैं। भारत की कुंडली के नवांश का नवमेश बुध राहु-केतु की धुरी पर छठे घर में है जिस पर ग्यारहवें घर से मंगल की आठवीं दृष्टि पड़ रही है। दशमांश वर्ग में मंगल की दृष्टि नवमेश शनि और अष्टमेश गुरू बृहस्पति पर पड़ रही है। गुजरात में समृद्ध पटेल समुदाय का पटीदार आंदोलन भी आसानी से समाप्त होने वाला दिखाई नहीं देता।

23-01-2016के.एन.राव ने कहा कि अयोध्या में रामजन्म भूमि स्थल पर मन्दिर निर्माण के लिए पत्थरों के पहुंचने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने तक मन्दिर बनाने का स्वप्न साकार होने वाला नहीं है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से राजनेता इस मामले को हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट को जल्दी सुनवाई करनी चाहिए, जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय भी वहां राम मन्दिर होने के पर्याप्त सबूतों पर गहराई से विचार कर चुका है। नरेन्द्र मोदी सरकार को भी इस मामले की सुनवाई जल्दी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करना चाहिए। ग्रहों की दशाएं बताती हैं कि यह मामला 2016 में अप्रैल, सितंबर और दिसंबर मास में देश में काफी गरमा सकता है। आईएसआईएस से प्रभावित युवकों की मनोदशा के कारण भी अयोध्या से जुड़े मामले को लेकर आतंकवादी हमलों से इंकार नहीं किया जा सकता। छोटा राजन भी जेल में सुरक्षित नहीं लगता। पूरे वर्ष देश पर यह डर छाया रह सकता है। मंगल के साथ पंचमेश शनि की न्यायालय के नौंवे घर पर पड़ती दृष्टि साफ तौर पर इस भय को दिखाती है। लेकिन ग्रहों की इस स्थिति का एक और पहलू भी है जो छात्रों को तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित होने का संकेत देता है।

अष्टम घर में दशमेश बुध और दशम घर पर दृष्टिपात करता अष्टमेश मंगल नरेन्द्र मोदी सरकार की मुश्किलों में किसी प्रकार की राहत न होने देने का संकेत भी दे रहा है। इस बात की प्रबल संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को न चाहते हुए भी अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करना पड़े। इन ग्रहों की इस प्रकार की स्थिति से देश के किसी बड़े नेता के साथ किसी भयंकर त्रासदी होने की भी भारी आशंका है।

केन्द्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की कुंडली के अध्ययन के मुताबिक ज्योतिष गुरू का कहना था कि भाजपा में भी शीर्ष स्थानों पर महत्वपूर्ण फेरबदल होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जिससे भाजपा के अध्यक्ष पद पर आसीन खुद अमित शाह की कुर्सी को भी खतरा हो सकता है। किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेता के वित्तीय विदेशी संपर्कों से उसकी पार्टी की छवि धूमिल हो सकती है।

चतुर्थेश और सप्तमेश गुरू बृहस्पति का सप्तम घर में सूर्य के साथ एक्सचेंज और एकादशेश चन्द्रमा तथा द्वितीयेश और नवमेश उच्च के शुक्र के साथ युति भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि के निखरने और विदेशी बैंकों से भारतीय धन की वापसी के लिये बेहतरीन संकेत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने चुनावी भाषणों में किए वायदों के सकारात्मक परिणाम इस वर्ष से स्पष्ट तौर पर आते दिखने शुरू हो सकते हैं। इस संबंध में 12वें घर में गुरू बृहस्पति पर शनि की नजर किसी बड़े उद्योगपति पर अदालत में बड़ा मामला चलने की ओर संकेत करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ”मेक इन इंडिया’’ का स्वप्न इस साल से चुम्बकीय आकर्षण के साथ सच्चाई में परिवर्तित होता दिखाई देगा। इसमें रक्षा उत्पादन को प्राथमिकता मिल सकती है और देश का रक्षा सेक्टर मजबूत होगा।

कुंडली का तृतीय घर मीडिया को दर्शाता है। लेकिन भारत की कुंडली में इस वर्ष मंगल और शनि बैठे होने से मीडिया के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं है। देश की नीतियों को प्रभावित करने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करने वाले कुछ टेलीविजन चैनलों को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

श्रीकान्त शर्मा

как раскрутить сайт самомупродвижение за рубежом

Leave a Reply

Your email address will not be published.