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सफलता का गूढ़ रहस्य ‘आउटलायर्स’

सफलता का गूढ़ रहस्य ‘आउटलायर्स’

”अपने सिर उठाएं’’ रॉबर्ट विनथ्रॉप ने कई वर्ष पहले अमेरिकी स्वाधीनता के महान नायक बेंजामिन फ्रैंकलिन की प्रतिमा के अनावरण समारोह मे दर्शकों से कहा था, ”और, उस व्यक्ति की प्रतिमा देखें, जो शून्य से ऊपर उठे थे, जिनकी प्रगति में परवरिश या संरक्षण का कोई योगदान नहीं था, जिन्हें शुरूआती शिक्षा के वे लाभ नहीं मिले थे जो आपके लिए खुले हैं और सौ गुना ज्यादा खुले हैं, जिन्होंने ऐसे कारोबारों में बहुत नीचे के काम किए, जिनमें उन्हें पहले पहल नौकरी पर रखा गया था, लेकिन आगे चलकर वे शहंशाहों के सामने खड़े हो सकते थे और उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद एक ऐसा नाम छोड़ा, जिसे संसार कभी नहीं भूल पाएगा।’’

31-01-2016पुस्तक ‘आउटलायर्स’ उन असाधारण स्त्री-पुरूषों के बारे में है जो साधारण से कुछ हटकर करते हैं। पुस्तक ‘आउटलायर्स’ के प्रत्येक अध्याय में कई प्रकार के आउटलायर्स से परिचय करवाया गया है जैसे- जीनियस, शक्तिशाली उद्योगपति, रॉक स्टार और सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर के बारे में। एक उल्लेखनीय वकील के भेद, ऐसे सर्वश्रेष्ठ पायलटों की पहचान को उन पायलटों से अलग करती है, जो हवाई जहाजों को दुर्घटनाग्रस्त कर देते हैं। पुस्तक में ये भी बताया गया है कि एशिया के लोग गणित में इतने अच्छे क्यों होते हैं। ये पुस्तक इस तरह की जानकारियों से भरी है।

‘आउटलायर्स’ में मैल्कम ग्लैडवेल तर्क देते हैं कि सफलता की सच्ची कहानी बहुत अलग होती है और अगर हम यह समझना चाहते हैं कि कुछ लोग ही सफल क्यों होते हैं, तो हमें उनके बारे में ज्यादा जानकारियां एकत्र करनी चाहिएं – जैसे उनका परिवार, उनका जन्म स्थान या उनके जन्म की तिथि। सफलता की कहानी शुरुआत में जितनी नजर आती है, उससे कहीं ज्यादा जटिल और रोचक होती है। आउटलायर्स बताती है, कि बीटल्स और बिल गेट्स में क्या समानता है, शीर्ष खिलाडिय़ों की जीत के पीछे कौन सी बड़ी बातें छिपी हैं, न्यूयॉर्क के सभी शीर्ष वकीलों के बायोडाटा एक जैसे क्यों नहीं? यह सब पीढ़ी, परिवार, संस्कृति और सामाजिक वर्गों के संदर्भ में समझाया गया है। ग्लैडवेल बताते हैं कि अगर आप सिलिकॉन वैली के अरबपति बनना चाहते हैं, तो यह मायने रखता है कि आप किस साल पैदा हुए थे। आउटलायर्स (वे लोग जिनकी उपलब्धियां सामान्य से अधिक होती हैं) एक विचित्र और अप्रत्याशित तर्क का अनुसरण करते हैं, और उस तर्क को स्पष्ट करते हुए ग्लैडवेल मानव क्षमता को अधिकतम बनाने का एक रोचक और विचारोत्तेजक नक्शा प्रदान कर रहे हैं।

आउटलायर्स

लेखक       : मैल्कम ग्लैडवेल

अनुवाद    : डॉ. सुधीर दीक्षित

प्रकाशक : मंजुल पब्लिशिंग हाउस

मूल्य: 195 रु.

पृष्ठ: 252

सफल लोगों के बारे मे लोग हमेशा यही जानने की कोशिश करते हैं कि वह कैसे हैं, उनका व्यक्तित्व कैसा है या वे कितने बुद्धिमान हैं या उनकी जीवनशैली कैसी है या वे किन खास योग्यताओं के साथ पैदा हुए हैं? फिर हम यह मान लेते हैं कि अमुक व्यक्ति अपने निजी गुणों की बदौलत ही शिखर पर पहुंचे हैं।

लेखक इसी तरह के भ्रमों को तोड़ते हुए बताते हैं कि सफलता के पीछे के क्या रहस्य हैं और कैसे ये लोग आम लोगों से अलग हटकर अपनी सफलता के शिखर तक पहुंचते हैं। इसके विषय में बहुत ही गूढ़ रहस्य को उजागर किया गया है। कैसे इंसान आम से खास बन जाता है, इसे सारणी के माध्यम से भी समझाया गया है। पुस्तक में सफलता के मुख्य तत्वों के रहस्यों से बखूबी पर्दा उठाया गया है।

पुस्तक ‘आउटलायर्स’ अंग्रेजी का हिंदी अनुवाद है जिसे मूल रूप से मैल्कम ग्लैडवेल ने लिखा है और इसका हिंदी अनुवाद डॉ. सुधीर दीक्षित ने किया है। लेखक मैल्कम ग्लैडवेल की यह तीसरी पुस्तक है। इससे पहले वह ‘द टिपिंग प्लाइंट: हाउ लिटिल थिंग्स कैन मेक अ बिग डिफरेंस’ तथा ‘ब्लिंक: द पावर ऑफ थिंकिंग विदाउट थिंकिंग’ लिख चुके हैं।

प्रीति ठाकुर

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