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ऑफिस में ये काम करेगा बदनाम

ऑफिस में ये काम करेगा बदनाम

बढ़ती आधुनिक तकनीकों ने इंसान की प्राइवेसी छीन ली है। अगर आप अपने दफ्तर में काम के समय में ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल साइट्स पर चैटिंग करते हैं, निजी या गोपनीय तस्वीरें भेजते हैं, पॉर्न साइट्स देखते हैं, या फिर चालाकी से कामचोरी करते हैं, लेकिन आपका बॉस या एच.आर डिपार्टमेंट चुप रहता है, तो यह मत सोचिये कि आप बड़े सयाने हैं और आपकी करतूतों का पता आपके बॉस या एच.आर को नहीं है। यह भ्रम अधिकांश लोगों को रहता है और वे सभी इसी भ्रम में रहते हुए खुद को चालाक समझ कर खुश रहते हैं। क्योंकि, आधुनिक तकनीक अब इतनी आगे जा चुकी है, कि आप अपने बॉस को बेवकूफ नहीं बना सकते। हम आपसे उन आठ कारणों को साझा करेंगे जो आपकी चोरी पकड़ कर आपको अपने साथियों और बॉस की नजरों में शर्मिंदा करा सकती हैं। क्योंकि अब ऐसे टूल बाजार में मौजूद हैं, जिनके माध्यम से बॉस आप पर नजर रखे हुए हैं और आपको पता तक नहीं है।

ईमेल के जरिये भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच कब करनी पड़ जाये, इसका पता नहीं होता, लिहाजा ज्यादातर कंपनियां ई-मेल्स का आरकाइव बनाकर रखती हैं। अगर आप मेल डिलीट भी कर देते हैं, तो भी वो ई-मेल आरकाइव में सेव ही रहते हैं। यानि आपका ऑफिशियल ईमेल प्राइवेट बिल्कुल नहीं रहता।

ब्राउजर किये साइट्स की हिस्ट्री क्लियर करने से भी कुछ नहीं होता। जैसे कि अगर आप ऑफिस में फेसबुक, ट्विटर, चुटकुले, गेम्स और पॉर्न साइट्स को देखने के बाद ब्राउजर हिस्ट्री डिलीट कर देते हैं या फिर डाउनलोडिंग का काम करते हैं और यह सोचते हैं कि मेरी कोई भी बात किसी को पता नहीं चलेगी तो आपकी सोच कतई सही नहीं है। क्योंकि ऑफिस की फायरवॉल पर सब कुछ रजिस्टर ही नहीं हो जाता है, बल्कि ये भी पता चल जाता है कि आपने किन-किन साइट्स पर कितनी देर समय बिताया हैं और उसमें कितना डाटा खर्च हुआ है।

अगर आप ये सोचते हैं कि आप कंप्यूटर नहीं फोन के जरिये वाई-फाई का इस्तेमाल कर गेम्स डाउनलोड कर खुद का मनोरंजन कर सकते हैं और किसी को भी पता नहीं चलेगा, तो आप पूरी तरह गलत हैं। क्योंकि अधिकांश ऑफिसों में इंटरनेट फिल्टर के जरिये पहले तो आपके दफ्तर का आईटी डिपार्टमेंट फिर बॉस और एच.आर चुपके से यह पता लगा लेता है कि उसके किस एंम्पलाई ने ऑफिस के वाई-फाई का इस्तेमाल कर अपने मोबाइल पर क्या-क्या ऐक्सेस किया। इसका पता आपको चले या न चले, वे खुलकर आपको ये बातें बताएं या न बताएं, लेकिन आपकी छवि को जो बट्टा आपके सहयोगियों के बीच लगेगा उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।

कई लोग बेहद ही शातिर तरीके से बॉस को भी बेवकूफ बनाते रहते हैं और कहां हो? पूछने पर अपनी सही लोकेशन नहीं बताते हैं और यह सोचते हैं कि बॉस को पता कैसे चलेगा। तो आप गलत हैं क्योंकि स्मार्ट बॉस न केवल आपकी ठीक-ठाक लोकेशन को दूर बैठे जान लेगा, बल्कि कई कंपनियां तो अपने एम्पलाईज को दिये जाने वाले मोबाइल और लैपटॉप की जियोलोकेशन भी ट्रैक करती रहती हैं।

बाजार में एस.एम.एस के जरिये ट्रैक करने के कई ऐसे साफ्टवेयर भी आ चुके हैं, जो उन एस.एम.एस की पूरी डिटेल भी कंपनी को दे सकते हैं, जो आप अपने मोबाइल से टाइप करते हैं। यानी आपके बेहद ही प्राइवेट एस.एम.एस भी अब आपके लिये प्राइवेट नहीं रह गये हैं।

कई कंपनियां आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही हैं, जो उन वेबसाइटों का स्क्रीन शॉट खींच कर आपके ऑफिस के आईटी डिपार्टमेंट, मैनेजमेंट और बॉस को भेज देते हैं, जो फायरवॉल पर ब्लॉक तो नहीं हैं, लेकिन ऑफिस का कर्मचारी काम के बदले क्या कर रहा है, इसका पता लगाने के लिये काफी है।

अगर आप ऑफिस सर्वर पर काम कर रहे हैं और इसी बीच आप अपने निजी काम निबटाने लगे, तो आपको मालूम होना चाहिये कि आपके कंप्यूटर से ट्रांसफर होने वाली एक-एक फाइल की जानकारी एक साफ्टवेयर ट्रैक कर रहा है और आप इससे अनजान अपनी मस्ती में अपनी निजी फाईलें या वीडियो देखते और भेजते रहते हैं तो अपनी आदत को तुरंत बदल डालिये। क्योंकि तकनीक ने इंसान को आगे तो बढ़ाया है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिये न तो ऑफिस सही जगह है और न ही ऑफिस से मिला इंटरनेट कनेक्शन ही।

कुमार मयंक

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