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अपराधों की नगरी बंगलुरू

कर्नाटक में आपका स्वागत है! अब तक सोने और चंदन की भूमि कहलाने वाली कर्नाटक की धरती अब बलात्कार और हत्या जैसे घृणित अपराधों की भूमि बनती जा रही है। अगर ये अपराध राज्य के कोने-कोने में हो रहे हों, तो राजधानी बंगलुरू इससे पीछे कैसे रह सकता है? दूसरी तरफ, सिलिकॉन सिटी कहलाने वाला शहर अब अपराध की राजधानी बनता जा रहा है।

पुराने समय से खानदानी रहे और अपनी शांतचित्त प्रवृत्ति से आनंदित रहने वाले निर्मल और शांत शहर बंगलुरू के लिए यह एक सांस्कृतिक झटका है। बसावनगुडी में पले-बढ़े और वर्तमान में विजयनगर में रहने वाले 73 वर्षीय शारदा प्रभाकर का कहना है – ”मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि बंगलुरू में आज ऐसे घृणित अपराध हो रहे हैं। यह सब आम लोगों के विश्वास और सोच से परे है।’’ राज्य में ऐसे शारदाओं की कमी नहीं है, जिनकी बातों से दर्द और पीड़ा छलकती है।

बढ़ती जनसंख्या, पुलिसकर्मियों की कमी, चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा लोगों की वास्तविक जरूरतों की समझ की कमी, नौकरशाहों की असंवेदनशीलता, बाजार आधारित तेजी से बदलती जीवन-शैली, संयुक्त परिवार का एकल परिवार में परिवर्तन, जहां नाजुक उम्र में बच्चों का मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं होता – ये कुछ ऐसे कारक हैं, जिनका वर्तमान परेशानियों में बड़ा योगदान है।

सबसे दुखद स्थिति यह थी कि जब सदन में बलात्कार और हत्या पर चर्चा हो रही थी, तब राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया झपकी ले रहे थे। जयनगर से भाजपा के विधायक बी.एन. विजय कुमार ने कहा – ”माननीय मुख्यमंत्री जी, गहरी नींद से बाहर निकलिए।’’ सिद्धरमैया खुद का बचाव करते हुए बोले – ”मैं सो नहीं रहा हूं। मैं इन अपराधों के बारे में सोच-सोच कर परेशान हो रहा हूं और आंखें बंद कर सोच रहा हूं कि इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। मैं उन बातों को दुहरा सकता हूं जो पिछले आधे घंटे में सदस्यों द्वारा कही गई हैं।’’

इस तरह की बढ़ती घटनाओं के बीच विग्योर हाईस्कूल में एक 6 वर्षीया बच्ची के साथ बलात्कार की घटना ने लोगों में सत्ता, पुलिस और स्कूल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भर दिया है। अपमानजनक स्थिति यह है कि यह घटना 2 जून को घटी, लेकिन कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। गुस्साए लोगों का प्रदर्शन इतना तीव्र था कि बंगलुरू शहर के पुलिस कमीश्रर डॉ. राघवेन्द्र औराडकर का जल्दबाजी में स्थानांतरण करना पड़ा। इसके पहले डॉ. राघवेन्द्र ने मीडिया से कहा था – ”हमने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसका नाम मुस्तफा है। वह स्कूल में स्केटिंग टीचर है। अगले कुछ दिनों में इस अपराध में शामिल कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।’’


कुछ अहम तथ्य


  • बंगलुरू – फ्रेजर टाउन में अपने पुरूष मित्र के सामने एक 22 वर्षीया छात्रा का कथित बलात्कार।
  • मैसूर – एक ऑटोरिक्शा चालक ने 14 वर्षीया नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने की कोशिश की।
  • बंगलुरू – चेन छिनने का विरोध करने पर 64 वर्षीया महिला की गला दबाकर हत्या।
  • मैसूर – नंजागुंड तालुक में 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने 23 वर्षीया विकलांग महिला से दुष्कर्म।
  • बंगलुरू – 6 वर्षीया बालिका के साथ स्कूल के ही शिक्षक ने दुष्कर्म किया।
  • हावेरी - 55 वर्षीय व्यक्ति द्वारा कथित रूप से 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म।
  • बेल्लारी – अपनी बहु के साथ दुष्कर्म करने के बाद 86 वर्षीय व्यक्ति लापता।
  • बंगलुरू – नन का प्रशिक्षण लेने जाने वाली 15 वर्षीया नाबालिग द्वारा अज्ञात व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म।
  • मंड्या – नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाला 25 वर्षीय पेंटर गिरफ्तार।
  • बंगलुरू – शादी का झांसा देकर 24 वर्षीय फल विक्रेता द्वारा लड़की से दुष्कर्म।

विग्योर स्कूल के सामने धरने पर बैठे लोगों की न्याय और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग, दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड से उपजे गुस्से की याद दिला रहा था। बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस हमेशा असंवेदनशीलता का परिचय देती है और इसके लिए उसे सही प्रशिक्षण की जरूरत है, ताकि दुष्कर्म की शिकार बनी 6 वर्षीया बच्ची को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आने की जरूरत न पड़े। वरिष्ठ वकील प्रमिला नसार्गी का कहना है – ”यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। पुलिस को पीडि़ता के घर जाना चाहिए था और उसके माता-पिता एवं चाईल्ड काउंसलर के सामने पूछना चाहिए था। फ्रेजर टाऊन बलात्कार मामले में पुलिस इंस्पेक्टर मोहम्मद रफीक आरोपी हैदर नसिर (आरोपी नं. 1) पर बलात्कार का मुकदमा न लगाकर सिर्फ जबरन वसूली का दफा लगाने का आरोपी है।

जांच में जो अकथनीय और नृशंस मामला उभर कर आया है, वह यह है कि विग्योर स्कूल का शिक्षक सुसान ने सजा के तौर पर पहली कक्षा की छात्रा को पहले एक कमरे में बंद कर दिया था। बाल-कल्याण के लिए काम करने वाले वासुदेव शर्मा ने उदय इंडिया को बताया – ”बच्ची को कमरे में बंद करने से पहले वहां कोई था या नहीं इसकी पुष्टि होनी है। लेकिन यह कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन इतनी छोटी बच्ची को अलग-थलग कर अकेले कमरे में खड़ा करना बाल अधिकार का उल्लंघन है। इस अपराध में संलिप्त शिक्षक पर भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।’’

इस घटना के विरोध में बंगलुरू की सड़कों सहित विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामे के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और उनसे नतीजे देने को कहा अथवा नतीजे भुगतने को तैयार रहने की बात कही। विपक्षी दल भाजपा और जेडीएस सहित विभिन्न संगठनों की आलचनाओं की शिकार बने गृहमंत्री के.जे. जॉर्ज ने अपराधों पर लगाम कसने के लिए शहर के विभिन्न अधिकारियों से एक-एक कर बात की। बंगलुरू शहर की भाजपा ईकाई के अध्यक्ष सुब्बा नरसिंम्हा ने उदय इंडिया को बताया – ”सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के नजदीकी लोगों द्वारा गुंडागर्दी के कारण राज्य में पुलिस अधिकारी हताशा में जी रहे हैं।  हमरी मांग है कि बलात्कारियों पर गुंडा ऐक्ट लगाया जाना चाहिए। पूरे राज्य में 2013 में बलात्कार की कुल 1030 घटनाएं दर्ज की गईं हैं। 2014 में जून तक बलात्कार की 525 घटनाएं हो चुकी हैं। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। इससे प्रदर्शित होता है कि यह गृहमंत्री की कमियां हैं, इसलिए हम उनके त्यागपत्र की मांग कर रहे हैं।’’ इन घटनाओं की वजह से कर्नाटक के विपक्षी दल गृहमंत्री जॉर्ज पर त्यागपत्र देने का दबाव लगातार बढ़ा रहे हैं।

मोबाईल पर प्रतिबंध

बलात्कार जैसी घटनाओं पर विधानमंडल के दोनों सदनों में धीमी और अदूरदर्शी चर्चा दुर्भाग्यपूर्ण है। यहां तक कि कांग्रेस की विधायिका शंकुलता शेट्टी की अध्यक्षता वाली हाउस पैनल के सुझाव भी हास्यास्पद और अवमानना का हकदार था। रिपोर्ट में कहा गय था – ”स्कूलों और कॉलेजों में मोबाईल पर प्रतिबंध लगना चाहिए, क्योंकि इन लड़कियों को उनके प्रेमियों से एसएमएस प्राप्त होते हैं, जो छेड़छाड़ और बलात्कार का कारण बनती हैं।’’ हालांकि इसे गंभीरता से लेने वाला कोई भी व्यक्ति वहां नहीं था। विधायिका खुद उपहास की पात्र बन गईं।

बंगलुरू से एस. ए. हेमंत कुमार

 

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