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विंडो एक्सपी पर गिरा पर्दा

13 वर्षीय ऑपरेटिंग सिस्टम की यात्रा अब समाप्त होने को आ रही है। दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले इस ऑपरेटिंग सिस्टम को माइक्रोसॉफ्ट से अब अपडेट्स नहीं मिलेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से एक अंतिम अपडेट के साथ दुनिया का सबसे लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज एक्स-पी अब सबको अलविदा कह देगा। यह निर्णय उपयोगकर्ताओं को विंडोज एक्स-पी की जगह विंडोज-7 या फिर विंडोज-8.1 के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करने और उसे बढ़ावा देने के लिए लाया गया है। माइक्रोसॉफ्ट की इस घोषणा ने कई उपयोगकर्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। क्योंकि दुनिया भर में अब भी लगभग हर पांच पीसी में से एक, विंडोज एक्स-पी पर चलता है।

2001 में लांच हुए इस ऑपरेटिंग सिस्टम ने माइक्रोसॉफ्ट को उस ऊंचाई तक पहुंचा दिया, जहां वह पहुंचने के सपने देखता था। एक्स-पी के लांच के साथ, कंपनी ने अपने ‘यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस’ और ‘ईजी-टू-हैंडल सिस्टम’ के कारण दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की। एक्स-पी के सरल और कारगर नेटवर्किंग साधन के साथ-साथ विस्तृत मल्टीमीडिया सपोर्ट और सीडी बर्निंग फंक्शनेलिटी ध्यान देने लायक थी। अपनी गुणवत्ता से मार्केट में बहुत अच्छी तरह से पकड़ मजबूत करते हुए,   एक्स-पी दुनिया में दूसरे नम्बर का सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाला ओएस बन गया।

माइक्रोसॉफ्ट एक्स-पी की सप्लाई बंद करने से इसे इस्तेमाल कर रहे व्यवसायीयों और उपभोक्ताओं के लिए परेशानी पैदा हो सकती है, क्योंकि दुनिया के लगभग 30 फीसदी कंप्यूटर्स में विंडोज एक्स-पी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अचानक माइक्रोसॉफ्ट द्वारा सिक्युरिटी अपडेट्स की अनुपलब्धता से उपभोक्ता साइबर अटैक के शिकार हो सकते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, सिस्टम में सिक्युरिटी अपडेट्स की अनुपलब्धता से अपडेट्स पुराने हो जाएंगे, जिससे हैकर्स के लिए सिस्टम हैक करना आसान हो जाएगा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दुनिया के लगभग 95 फीसदी एटीएम इसी सॉफ्टवेयर पर चल रहे हैं। हालांकि कुछ एटीएम एम्बेडेड विंडोज एक्स-पी नामक संस्करण पर चलते हैं, जिसे माइक्रोसॉफ्ट ने अभी बंद नहीं करे है।

अगर हम भारत के संदर्भ में बात करें, तो माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विंडोज एक्स-पी बंद कर दिए जाने से 34,000 से अधिक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर भारी खतरा पैदा हो सकता है। बैंकों में सभी पीसी एक्स-पी पर आधारित होने के कारण भारतीय बैंक उद्योग को सबसे ज्यादा क्षति होगी। अपडेट्स की अनुपलब्धता बनी रही तो इस उद्योग पर खतरा मंडराने लगेगा। साइबर अपराधी अपना लक्ष्य विंडोज एक्स-पी पर निर्धारित कर भेद्यता के नए स्रोतों की पहचान करते हुए महत्वपूर्ण मौद्रिक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

रोहन पाल

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