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अब आसमान से मिलेगा इंटरनेट

दुनिया में अपनी पकड़ और मजबूत बनाने के लिए फेसबुक अब ड्रोन का सहारा लेने वाला है। आसमान द्वारा इंटरनेट मुहैया कराने की पहल में फेसबुक कितना कारगर होगा, यह देखने लायक है।

सोशल नेटवर्किंग जॉयंट, फेसबुक ने एक खबर से सबको चौंका दिया है। आसमान द्वारा इंटरनेट से पूरी दुनिया को फ्री इंटरनेट देना एक बिकुल नई सोच है, अब देखना यह है कि फेसबुक इसमें कितना सफल होता है। फिलहाल फेसबुक पूरी दुनिया में इंटरनेट सुविधा मुहैया कराने के लिए ड्रोन, उपग्रह और सौर ऊर्जा से संचालित विमानों पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत फेसबुक दुनिया भर में सबको इंटरनेट के साथ जोडऩा चाहता है।

फेसबुक के प्रमुख, मार्क जुकरबर्ग ने अपनी सोशल साइट पर पोस्ट करके यह बताया कि वह सब तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाने के लिए ड्रोन, उपग्रह और लेजर के निर्माण पर काम कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को साकार बनाने के लिए फेसबुक ने ड्रोन बनाने वाली एक ब्रिटीश फर्म को खरीद लिया है। इस कंपनी द्वारा बनाए गए ड्रोन के नाम सबसे लम्बे समय तक उडऩे का वल्र्ड रिकॉर्ड भी है। कंपनी ने एक नए ‘कनेक्टिविटी लैब’ स्थापित की है और इस प्रोजेक्ट के लिए नासा की ‘जेट प्रोपल्सन लैब’ और इसके एम्स रिसर्च सेंटर से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और संचार विशेषज्ञों को रखा गया है।

इस नई पहल के द्वारा फेसबुक एक ऐसे ड्रोन बनाना चाहती है, जो सूर्य की ऊर्जा से महीनों तक आसमान में रह सके। अगर अभी के हालात को देखें, तो दुनिया में कई ऐसे उपनगर हैं जिनमें इंटरनेट जैसी बुनियादी सेवाए नहीं हैं, फेसबुक इन्हीं क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधाएं पहुंचाना चाहता है। अति पिछड़े क्षेत्रों में भी कंपनी द्वारा सैटेलाइट्स से इंटरनेट मुहैया कराया जाएगा। कंपनी इनविजिबल इन्फ्रारेड लेजर बीम का भी प्रयोग कर रही है, जिसके द्वारा सैटेलाइट्स से जल्दी कनेक्शन स्थापित हो जाए और लोगों को जल्द से जल्द इंटरनट मिल सके।

फेसबुक के येल मागुरे ने यूट्यूब पर पोस्ट की गई एक वीडियो में बताया कि 20 हजार मीटर की ऊंचाई पर उडऩे वाले विमानों के दायरे में उपनगरीय आबादी इंटरनेट सेवा पा सकेगीं। उन्होंने बताया कि ये विमान सूर्य की ऊर्जा से महीनों तक आसमान में रह सकते हैं।

दरअसल फेसबुक ने यह कदम दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट सर्च इंजन गूगल द्वारा पिछले साल एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा किए जाने के बाद उठाया है। गूगल ने गत वर्ष दुनिया के दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट मुहैया कराने के लिए सौर ऊर्जा से संचालित बैलून के इस्तेमाल की घोषणा की थी। अब देखना यह है कि क्या फेसबुक अपने इस अनोखे अभियान में सफल होता है या नहीं।

रोहन पाल

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