ब्रेकिंग न्यूज़ 

राजस्थान का चुनावी गणित

चुनाव प्रचार अभियान में भाजपा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद पर आसीन कराने की अपील के साथ साठ दिन की कार्य-योजना तथा इसकी उपलब्धियों को गिना रही है, तो कांग्रेस इसे फ्लॉप बताकर यूपीए सरकार की उपलब्धियों के नाम पर अपने पक्ष में मतदान पर जोर दे रही है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के केन्द्र में ढीली-ढाली सरकार की अपेक्षा मजबूत सरकार बनाने के लिए राजस्थान से लोकसभा की 25 सीटों पर कमल खिलाने के आह्वान ने भाजपा के चुनावी अभियान को ऊर्जा से लबरेज कर दिया है। राजस्थान में 20 सीटों के लिए पहले चरण का मतदान 17 अप्रैल को होना है, जिसमें 17 महिलाओं सहित कुल 239 उम्मीदवार खड़े हैं। दूसरे चरण के मतदान में शेष पांच सीटों के लिए 24 अप्रैल को मतदान होगा। उस दिन 81 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं, जिनमें 9 महिलाएं भी हैं। सात अप्रैल को महाअष्टमी पर रतकुडिय़ा में मोदी ने मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के साथ प्रदेश में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित किया। जोधपुर-नागौर मार्ग पर भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र का रतकुडिय़ा पाली संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। किसान क्रांति के साथ सामाजिक-शैक्षणिक केन्द्र के रूप में शत-प्रतिशत साक्षरता के प्रतीक रतकुडिय़ा के अलावा मोदी ने नागौर संसदीय क्षेत्र के जायल में भी चुनावी सभा को संबोधित किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी भी उनके साथ थे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विश्वस्त सहयोगी वर्तमान सांसद बदरीराम जाखड़ की पुत्री मुन्नीदेवी गोदारा पाली से कांग्रेस प्रत्याशी हैं, जिनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी और सीरवी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट पी.पी.चौधरी से है। नागौर से कांग्रेस सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा दुबारा मैदान में हैं। ज्योति 1977 में जनता लहर में समूचे उत्तर भारत में केवल नागौर की सीट जीतकर कांग्रेस की नाक बचाने वाले दिग्गज खांटी किसान नेता दिवंगत नाथूराम मिर्धा की पौत्री हैं। मिर्धा के निधन के बाद उनके पुत्र भानुप्रकाश ने एक उपचुनाव में भाजपा का खाता खोला था। ज्योति भानुप्रकाश की पुत्री हैं। महाभारतकालीन अहिछत्रपुर नागौर से लेकर ठेठ पाकिस्तान सीमांत का बाड़मेर जैसलमेर इलाका मारवाड़ की सियासी राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है। क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र बाड़मेर में भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं में शुमार जसवंत सिंह ने अपने फौजी स्टाइल में निर्दलीय मोर्चा संभालकर भाजपा को खुली चुनौती दी हुई है। पिछले 33 वर्षों से संसद के दोनों सदनों में राजस्थान और दार्जिलिंग का प्रतिनिधित्व कर चुके जसवंत सिंह ने अपना आखिरी चुनाव मातृभूमि से लडऩे की इच्छा जाहिर कर सहानुभूति की लहर को अपने पक्ष में कर लिया है। बाड़मेर के लीलाला में तेल रिफाइनरी के सवाल पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ खुली बगावत करने वाले पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम को भाजपा में शामिल करके हाथों हाथ बाड़मेर से टिकट थमाने वाली वसुंधरा के लिए यह सीट व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।

बाड़मेर की तरह सीकर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया भी भाजपा से बगावत कर मैदान में डटे हैं। कांग्रेस तथा भाजपा के नए चेहरे क्रमश: पी.एस. जाट एवं सुमेदानंद महाराज के साथ माकपा के पूर्व विधायक अमरा राम ने मुकाबला चतुष्कोणीय बना दिया है। नागौर में भाजपा के बागी विधायक हनुमान बेनीवाल ने ताल ठोंकी है, तो चुरू में कांग्रेस से बगावत कर अभिनेष महर्षि ने बसपा का दामन थामा है। झुंझुनूं में भाजपा की विधायक संतोष अहलावत के मुकाबले कांग्रेस के दिग्गज नेता शीशराम ओला की पुत्रवधु राजबाला की सीधी टक्कर को बसपा विधायक के तौर पर गहलोत मंत्रिमंडल में शामिल रहे डॉ. राजकुमार शर्मा (अब निर्दलीय विधायक) ने त्रिकोणीय संघर्ष में बदल दिया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री बूटा सिंह जालोर में और ‘आप’ पार्टी के डॉ. वीरेंद्र सिंह (सवाई मानसिंह अस्पताल के पूर्व अधीक्षक) ने जयपुर में कांग्रेस-भाजपा को चुनौती दी है।

राष्ट्रीय स्तर एन.डी.ए. के साथ चुनावी समझौते में शामिल संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (राजपा) ने राजस्थान में अलग राह चुनी है। राजपा विधायक और भाजपा के बागी नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने दौसा में दो सगे भाईयों – केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा (कांग्रेस) और पूर्व पुलिस महानिदेशक हरीश मीणा के साथ खुद तथा टोंक सवाईमाधोपुर में अपने भाई जगमोहन मीणा (राज्य प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त) और जयपुर ग्रामीण में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सी.पी. जोशी के खिलाफ राजपा विधायक नवीन पिलानिया को मैदान में उतार कर कांग्रेस-भाजपा को चुनौती दी है।

भाजपा की स्टार प्रचारक मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रदेश में तूफानी चुनावी दौरा कर रही हैं। मोदी ने वसुंधरा के साथ रतकुडिय़ा में पहली चुनाव सभा में विधानसभा चुनावों में अद्भुत परिणाम दिखाने के लिए राजस्थान की जनता के प्रति आभार जताते हुए सिर झुकाया और वसुंधरा सरकार के कामकाज और उसका हिसाब रखने की तारीफ की। अगले चरण में 12 अप्रैल को वह बांसवाड़ा के सलाडिय़ा में जनसभा के साथ राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के आदिवासियों के महाकुंभ स्थल बेणेश्वर धाम में पूजा अर्चना करेंगी और बाड़मेर जिले में तेल रिफाइनरी के प्रस्तावित स्थल पंचपदरा में चुनावी सभा को संबोधित करेंगी। इसी दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जयपुर ग्रामीण संसदीय क्षेत्र में चुनाव सभा को संबोधित करेंगी।

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी 10 अप्रैल को तीन सभाओं में भाषण करेंगे। इसकी शुरूआत झुंझुनूं से होगी, जहां कांग्रेसजनों की रायशुमारी के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा की गई थी। वह उदयपुर और बाड़मेर भी जाएंगे। इधर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुरूदास कामत के महाराष्ट्र में चुनाव लडऩे के कारण पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है। विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा के टिकट वितरण में गहलोत की कथित उपेक्षा के बाद उन्हें गुजरात का प्रभारी बनाया गया है, लेकिन वह गुजरात से लगते राजस्थान के मारवाड़ अंचल में भी कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में सहयोग कर रहे हैं।

खुली बगावत के बावजूद कांग्रेस तथा भाजपा को भीतरघात का खतरा बना हुआ है। जयपुर, टोंक, सवाईमाधोपुर, करौली, धौलपुर, दौसा, नागौर, झुंझुनूं, चितौडग़ढ़ तथा भरतपुर में भी कांग्रेस प्रत्याशियों को अपनों से असहयोग का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, डेमेज कंट्रोल के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, दिग्गज डॉ. सी. पी. जोशी, गिरिजा व्यास आदि के खुद चुनाव लडऩे से भीतरघात पर कड़ाई से अंकुश लग पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है।

लोकसभा टिकट वितरण लेकर भाजपा में भी असंतोष के स्वर उभरे थे, लेकिन बाड़मेर तथा सीकर के अलावा जोधपुर, पाली, जयपुर ग्रामीण, चुरू, झुंझुनं, दौसा, अलवर, भीलवाड़ा में समझाईश के बाद भाजपा के चुनाव प्रचार में तेजी आई है। खुद वसुंधरा राजे ने डेमेज कंट्रोल की कमान संभाली है और एहतियातन पार्टी के जिन नेताओं से भीतरघात की संभावना थी, उन्हें अन्यत्र लोकसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाड़मेर सीट पर पदाधिकारियों की फौज झोंक दी गई है। लेकिन बाड़मेर सहित मारवाड़ अंचल की जालोर, पाली, जोधपुर निर्वाचन क्षेत्र में जातीय समीकरण ने चुनावी गणित को उलझा दिया है। उम्मीदवारों के परिप्रेक्ष्य में इसका असर नतीजों पर भी दिखाई देगा। सियासी चौराहे पर खड़े भाजपा के बागी जसवंत सिंह की जीत-हार राजस्थान की भाजपा राजनीति को भी प्रभावित करेगी।

राजस्थान में 17 अप्रैल को 20 सीटों पर तथा पूर्वी राजस्थान की करौली-धौलपुर, भरतपुर, अलवर, दौसा एवं टोंक-सवाईमाधोपुर सहित पांच सीटों पर 24 अप्रैल को मतदान होगा। ये पांच सीटें अपेक्षाकृत संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं। निर्वाचन विभाग ने मंदिरों में श्रद्धालुओं को पीले चावल देकर तथा स्वीप कार्यक्रम अभियान के तहत विधानसभा की तरह लोकसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत बढ़ाने की मुहिम चलाई हुई है। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। 15वीं लोकसभा में 48.4 प्रतिशत मतदान हुआ था। 14वीं विधानसभा के लिए 75 फीसदी से अधिक मतदान के मद्देनजर 16वीं लोकसभा के चुनाव में मतदान प्रतिशत नतीजों को प्रभावित कर सकता है।

चुनाव प्रचार अभियान में भाजपा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद पर आसीन कराने की अपील के साथ साठ दिन की कार्ययोजना तथा इस की उपलब्धियों को गिना रही है, तो कांग्रेस इसे फ्लॉप बताकर यूपीए सरकार की उपलब्धियों के नाम पर अपने पक्ष में मतदान पर जोर दे रही है। कांग्रेस ने एक मात्र अल्पसंख्यक के नाम पर क्रिकेटर मोहम्मद अजहरूद्दीन को टोंक-सवाईमाधोपुर क्षेत्र से खड़ा किया है, जिन्हें बाहरी उम्मीदवार का विरोध झेलना पड़ रहा है। कांग्रेस ने दो केन्द्रीय मंत्रियों सहित छह महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। भाजपा ने महिला के नाम पर एकमात्र विधायक संतोष अहलावत को झुंझुनूं में टिकट दिया है, जिन्होंने 2004 में कांग्रेस के दिग्गज शीशराम ओला को कड़ी टक्कर दी थी और महज 23 हजार मतों से पराजित हुईं थीं। अब उनके सामने ओला की पुत्रवधू राजबाला मैदान में हैं। भाजपा का इस सीट पर अब तक खाता नहीं खुल पाया है और न कभी महिला उम्मीदवार जीत सकी हैं। पिछले चुनावों में विजयी कांग्रेस की तीनों महिला सांसदों को टिकट मिला है। 15वीं लोकसभा में कांग्रेस को 20, भाजपा को चार तथा भाजपा के बागी निर्दलीय को एक सीट मिली थी। 16वीं लोकसभा में यह गणित बदलना तो तय है, लेकिन अंकों का हेरफेर भी हो सकता है।

 गुलाब बत्रा

яхты фотоПустые клики: где онлайн СМИ набирают миллионные аудитории читателей?

Leave a Reply

Your email address will not be published.