ब्रेकिंग न्यूज़ 

ब्रॉक्ली

इस साल जाड़े में सब्जी बाजार ब्रॉक्ली से अटा पड़ा है। कुछ गिने-चुने दुकानों को छोड़कर, बाजार में पहले शायद ही यह कहीं दिखता था। बाजार में आसानी से इसकी उपलब्धता, इस ओर इंगित करता है कि भारत में भी इस सब्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है और हम भारतीय स्वास्थ्यपरक फायदों के लिए पश्चिमी देशों में आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले फलों और सब्जियों को स्वीकार करने लगे हैं। पोषण की दृष्टि से ब्रॉक्ली एक बेहतरीन सब्जी मानी जाती है। गोभी की प्रजाति से संबंध रखने के कारण यह फूलगोभी की तरह दिखता है।


ब्रॉक्ली के फायदे


हड्डी के लिए फायदेमंद – ब्रॉक्ली का हर अंश हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है। ऑस्टियोकैल्सीन (सिर्फ हड्डियों में पाया जाने वाला प्रोटीन) के निर्माण के लिए आवश्यक विटामिन-के और कैल्शियम का यह मुख्य स्रोत होता है। इसके नियमित इस्तेमाल से हड्डियों में मजबूती आती है। विटामिन-डी की कमी से ग्रसित व्यक्तियों के लिए यह संतुलित आहार है।

मधुमेह में लाभकारी – ब्रॉक्ली को उबालकर खाने पर यह कम कोलेस्ट्रोल वाले फायदे देता है। उबालकर बनाई गई ब्रॉक्ली की सब्जी में फाईबर से संबंधित तत्वों और बाईल एसिड का यौगिक पर्याप्त मात्रा में विद्यमान रहते हैं।

रक्तचाप – ब्रॉक्ली में पोटैशियम, मैग्निशियम और कैल्शियम जैसे रक्त-संचरण में सहयोगी तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये मिनरल्स तंत्रिका-तंत्र को स्वस्थ रखने, उचित मस्तिष्क-कार्य संपादन और मांसपेशियों के विकास में सहायक होते हैं।

मैक्यूलर डिजेनरेशन – ब्रॉक्ली में विटामिन-ए की पर्याप्त मात्रा होने के कारण, इसके सेवन से उम्र से संबंधित आंखों में धब्बे और मोतियाबिंद से बचाव में मदद मिलती है।

हार्ट-अटैक से राहत – विटामिन-बी6 और फोलेट की प्रचुरता के कारण, ब्रॉक्ली हार्टअटैक से बचाव करता है। कैरीटोनॉयड के कारण धमनियां मोटी नहीं हो पाती, जिससे हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है।

कैंसर से बचाव – ब्रॉक्ली में शक्तिशाली ऐंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाने के कारण यह ब्रेस्ट, सर्विकल और प्रोस्टेट कैंसर से बचाव या उसके विकास में देर करता है। ब्रॉक्ली में पाया जाने वाला सल्फोराफेन, कैंसर के विकास में सहायक कोशिकाओं के जड़ों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कैंसर का विकास रूक जाता है। ब्रॉक्ली में पाया जाने वाला ग्लूकोराफेनिन, कोशिका के एंजाईम को बढ़ाता है, जो कैंसर पैदा करने वाले रसायनों के जरिए होने वाले मोलेक्यूलर ह्रास को नियंत्रित करता है।

गुर्दा के कामकाज में सहायक – ब्रॉक्ली में पाया जाने वाला सल्फोराफेन गुर्दा के कामकाज में सुधार करता है।

प्रज्ज्वलनरोधी – ब्रॉक्ली में प्रज्ज्वलनरोधी फाइटो-न्यूट्रीएंट्स और ओमेगा-3 की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता होती है। यह हमारे शरीर में एलर्जी से संबंधित पदार्थों को कम करता है।

स्वस्थ त्वचा – ब्रॉक्ली में त्वचा संबंधी बीमारियों का निवारण करने की जबरदस्त क्षमता होती है। यह धूप में क्षतिग्रस्त हुए त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत करता है। ब्रॉक्ली के नियमित सेवन से त्वचा सुंदर बनती है और उसमें प्राकृतिक निखार आता है। ब्रॉक्ली में विटामिन-ए और विटामिन-ई की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। विटामिन-ए, पैराबैंगनी किरणों से त्वचा के नुकसान को नियंत्रित करता है। विटामिन-ई कॉलेजन के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है।

उम्र-रोधी – विटामिन-सी का ऐंटी-ऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों से बचाव करता है और त्वचा के किसी भी नुकसान से उसे बचाता है। ये मुक्त कण त्वचा के नुकसान के लिए उत्तरदायी होते हैं और त्वचा में झुर्रियां पैदा करते हैं। ब्रॉक्ली का नियमित सेवन, इससे शरीर का बचाव करता है।


ऐंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर ब्रॉक्ली, गहरा हरे रंग का दिखता है। इसे पोषण का पावर-हाउस कहा जाता है। यह शर्करा-विहीन, रोगों से लडऩे वाले ऐंटी-ऑक्सीडेंट और उच्च फाईबर से युक्त होता है। ब्रॉक्ली हड्डी, दांत, दृष्टि और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह फाईटोकेमिकल्स से भरपूर होता है, जो गठिया, कैंसर, रोग प्रतिरक्षा प्रणाली, शुगर-डिस्.ऑर्डर जैसे कई बीमारियों में लाभदायक होता है।

 

 владимир мунтян отзывывзлом аккаунта вконтакте скачать

Leave a Reply

Your email address will not be published.