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चोकर के चमत्कार

यह साबित हो चुका है कि गेहूं प्रकृति द्वारा दिया गया सबसे बेहतरीन अनाज है। यह कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें पाए जाने वाले ज्यादातर पोषक तत्व, इसके बाहरी आवरण में होते हैं, जिसे चोकर (ब्रान) के रूप में जाना जाता है।

यह आश्चर्य की बात है कि जिन आवश्यक पोषक तत्वों की हम चावल और गेहूं में कमी महसूस करते हैं, उन्हें पाने के लिए हम चोकर अलग से खरीदते हैं। कुछ साल पहले तक आटा चक्की में पीसे हुए आटे की रोटी बनाने से पहले, चोकर (ब्रान) को अलग कर लेते थे। इसका मुख्य कारण चोकर का गहरा रंग होना था। जिससे इस आटे से बनने वाली सामग्री में मुलायमियत नहीं आ पाती थी। इस चोकर को या तो फेंक दिया जाता था या मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। आज इसे अलग से खाद्य वस्तु के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

चोकर के फायदे को जानने के बाद, आज ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं। चोकर में विटामिन, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेड और कई तरह के एसिड होते हैं। चोकर के रूप में गेहूं से उसके सबसे पौष्टिक तत्वों को निकाल दिया जाता है। ब्लीचिंग की इस प्रक्रिया में गेहूं में पाए जाने वाले विटामिन बी-1, बी-2, बी-3, ई, फोलिक एसिड, कैल्शियम, फॉसफोरस, जिंक, कॉपर, आयरन और फाईबर जैसे तत्व, आधी मात्रा में नष्ट हो जाते हैं। इस तरह कुल 40 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मात्र 60 प्रतिशत पौष्टिक तत्व आटे में बचते हैं।

चोकर के फायदे

  • चोकर विटामिन बी, रिबोफ्लेविन, नैक्सिन, थाईमाइन, विटामिन-ई और विटामिन-के जैसे पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत होता है।
  • चोकर फाईबर का भी प्रमुख स्रोत है। फाईबर शरीर में पाए जाने वाले कोलोन नाम के विषैले तत्व को सोखने का काम करता है। यह शरीर का वजन कम करने में मददगार होता है। एक कप चोकर में शरीर को 25 ग्राम फाईबर मिलता है।
  • कब्ज के मरीजों के लिए चोकर काफी फायदेमंद होता है। चोकर जैसे फाईबरयुक्त खाद्य वस्तु का इस्तेमाल करने से कब्ज जैसी समस्या की आशंका कम हो जाती है।
  • महिलाओं में एस्ट्रोजेन, स्तन कैंसर का प्रमुख कारण होता है, जो स्तन में ट्यूमर को बढ़ाता है। चोकर शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढऩे से रोकता है।
  • चोकर का नियमित इस्तेमाल करने
  • से हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
  • चोकर में भारी मात्रा में साईटिक एसिड होता है। यह एंटी-ऑक्सिडेंट होता है।
  • महिलाओं द्वारा फाईबरयुक्त खाद्य वस्तुएं कम मात्रा में लेने के कारण, पित्ताशय में स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। चोकर से शरीर में फाईबर की मात्रा बढ़ती है और स्टोन के खतरे पर अंकुश लगता है।
  • बच्चों में अस्थमा रोकने में भी चोकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • चोकर में ओमेगा-3 और 6 जैसे वसा पाए जाते हैं, जो कार्डियाक, साकारात्मक सोच, लचीलापन आदि बढ़ाने में सहयोगी होते हैं।
  • चोकर मैग्निशियम का भी प्रमुख स्रोत है। अन्य एंजाईमों के सहयोग से यह इंसुलिन के स्राव और ग्लूकोज के उपयोग में मदद करता है। इससे डायबिटिज का खतरा कम हो जाता है।
  • चोकर से कई अन्य तरह के पोषक तत्व भी मिलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं।

निभानपुदी सुगना

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