ब्रेकिंग न्यूज़ 

मैं हूं क्राइम मास्टर गोगो, आया हूं तो कुछ लेके जाउंगा’

बॉलीवुड में शक्ति कपूर पिछले 30 साल से हैं। इस दौरान उन्होंने 700 फिल्में की हैं। उन्होंने अपने कई किरदारों से लोगों का मनोरंजन किया है। परदे पर खतरनाक खलनायक से कॉमेडियन तक, दोनों ही किरदारों से शक्ति कपूर ने एक लम्बा सफर तय कर लिया है। वह दिल्ली के पंजाबी परिवार से हैं। उनका असली नाम ‘सुनील कपूर’ है। उन्होंने ‘कुर्बानी’, ‘हिम्मतवाला’, ‘हीरो’, ‘रॉकी’, ‘राजा बाबू’, ‘अंदाज अपना-अपना’, ‘चालबाज’ जैसी कई यादगार ब्लॉक-बस्टर फिल्में दी हैं।

खतरनाक खलनायक से कॉमेडियन बने शक्ति कपूर के कई संवाद लोगों की यादों की एलबम में जुड़े हुए हैं। जैसे फिल्म ‘तोहफा’ में ‘आऊ लौलिता’, ‘राजा बाबू’ में ‘नंदू सबका बंधु’ और ‘चालबाज’ में ‘मैं एक नन्हां-सा, प्यारा-सा, छोटा-सा बच्चा हूं’ आदि काफी लोकप्रिय रहे हैं। पर्दे पर विलेन के रूप में कुख्यात शक्ति कपूर वास्तविक जिंदगी में भी तब विलेन के रूप में सामने आए, जब 2005 में सामने आई एक वीडियो में एक महिला रिपोर्टर को फिल्म इंडस्ट्री में मौका दिलाने के बदले वह सेक्स की मांग कर रहे थे। शायद उनकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय वह दिन था, जब भारतीय फिल्म एवं टेलिविजन प्रोड्यूसर गिल्ड ने शक्ति कपूर पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस आरोप को आधारहीन पाए जाने पर कुछ हफ्ते पहले ही शक्ति कपूर पर से यह प्रतिबंध हटाया गया है।

शक्ति कपूर अपनी धर्मपत्नी शिवांगी के साथ अपना सारा ध्यान, डीजे से सहायक निर्देशक बने अपने अभिनेता बेटे सिद्धान्त और अभिनेत्री बेटी श्रद्धा के करियर पर केंद्रित करना चाहते है। पेश है शक्ति कपूर से रमन आहूजा की बातचीत के प्रमुख अंश…

भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे हो चुके हैं और आप 30 साल से इस इंडस्ट्री का हिस्सा रहे हैं। आपको कैसा लग रहा है?

मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। जब मैंने अपने करियर की शुरूआत की थी तो यह नहीं सोचा था कि मैं इतने दिनों तक इस इंडस्ट्री में रहूंगा। लेकिन कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट भूमिका और दर्शकों के प्यार ने मुझे एक घरेलू नाम बना दिया। मैंने सिनेमा के तीन दशक देखे हैं। भारतीय सिनेमा में कई परिवर्तन हुए हैं और मैं भाग्यशाली हूं कि मैं इस प्रक्रिया का हिस्सा रहा। मेरे पिता एक विनम्र व्यक्ति थे और दिल्ली के कनॉट प्लेस में उनका टेलरिंग का व्यापार था। मैंने भी यही सोचा था कि मैं अपने पिताजी के व्यापार में हाथ बटाऊंगा। मेरे परिवार में किसी ने भी मुख्य धारा के सिनेमा के क्षेत्र में कदम रखने के बारे में नहीं सोचा था। जब मैंने अपने इस निर्णय की घोषणा की, तो मेरे घरवालों के लिए यह एक शॉक से कम न था। पर फिर भी उन्होंने मेरा साथ दिया।

आपने छोटे बजट की फिल्मों से शुरूआत की थी। फिर आपको खलनायक की मुख्य भूमिका के लिए कई मौके मिले। आपको खलनायक की भूमिका में परदे पर आना कैसा लगा?

मुझे नेगेटिव किरदार करना बहुत पसंद है। मैंने नेगेटिव से कॉमेडी तक हर प्रकार की भूमिकाएं करने का प्रयास किया है। पर दिल से मुझे नेगेटिव किरदार निभाना ज्यादा पसंद है। मैं अब भी अपने स्टाईलिश विलेन लुक को मिस करता हूं, खासकर ऐसे किरदार जो फिल्म ‘आतिश’ और ‘कुर्बानी’ में मैंने निभाए थे। शाही ढंग से तीन-पीस सूट, हाई बूट्स, लग्जुरीअस वॉचेज और इंपोर्टेड कारों में घूमना मुझे बहुत पसंद है। उन दिनों नेगेटिव किरदार प्रमुख होता था। उससे ऐसी छवि बनी कि सिनेमा से बाहर भी लोग हमें खलनायक के रूप में ही देखते हैं। मुझे याद है मेरे किरदार को देखकर उस समय बच्चे मेरे पास आने से डरते थे। आज के समय में हीरो ही विलेन बन जाते हैं। शाहरूख खान, ऋतिक रोशन से लेकर आमिर खान तक, हर कोई खलनायक बनना चाहता है। यह लोग अच्छा करते हैं। फिर भी कमी रह जाती है। उनमें वह बात नहीं, जो एक विलेन में होनी चाहिए।

आपने विलेन और कॉमेडियन, दोनों किरदारों में सफलता का स्वाद चखा है। इन दोनों में से कौन-सा आसान रहा?

विलेन बनकर लोगों को डराना आसान है। लेकिन कॉमेडियन बनकर लोगों को हंसाना बहुत मुश्किल काम है। आपको पता नहीं होता की कौन-सी बात उनका मनोरंजन कर सकती है। नंदू, बलमा जैसे किरदारों के डायलॉग्स अब भी बच्चों के जुबान पर हैं। कादर खान और गोविंदा के साथ मेरी जोड़ी अच्छी बनती थी। कॉमेडी के लिए आपको सही साथी के साथ टाइमिंग की जरूरत होती है। अपने लिए पर्फेक्ट मैच खोजने में कई साल भी लग सकते हैं।

अब आपकी बेटी और बेटे, दोनों ही बॉलीवुड में कदम रख चुके हैं, तो क्या आप उन्हे करियर रिलेटेड सलाह भी देते हैं? क्या आप उनकी साइन की हुई फिल्मों पर भी नजर रखते हैं?

मेरे दोनों बच्चे मैच्योर हो चुके हैं। इंडस्ट्री में वे अपना करियर चुनने में सक्षम हैं। श्रद्धा एक इंडीपेंडेंट लड़की है और अपने फैसले खुद लेती है। स्क्रिप्ट्स के फैसलों में वह मुझसे सलाह नहीं लेती। यह देख कर मुझे अच्छा लगता है कि वह अपना काम अपने आप सीख रही है। हालांकि जब भी मेरे बच्चे मुझ से सलाह मांगते हैं, तो मैं उन्हें खुलकर अपनी राय देता हूं। श्रद्धा अपने आप को चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है और सिद्धान्त भी जल्द ही फिल्मों में दिखेंगे।

एक पिता होने के नाते अपने बच्चों के लिंकअप की अफवाहों पर आपकी क्या प्रतिक्रिया होती है, खासकर श्रद्धा का अपने ‘आशिकी 2’ के सह कलाकार आदित्य राय कपूर के साथ करीब होने के बारे में?

मैं पिछले 30 वर्षों से इस इंडस्ट्री में हूं और यहां काम कैसे होता है, मैं जानता हूं। यह सिर्फ अफवाहें होती हैं। एक सैलिब्रिटी को हमेशा से ही ऐसी अफवाहों में घसीटा जाता है। इन सब बातों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा है और अगर उसे कोई साथी पसन्द आएगा तो वह सबसे पहले मुझे बताएगी।

क्या आप इस इंडस्ट्री में फिर वापस आएंगे?

मुझे कई सारी स्क्रिप्ट्स मिल रही हैं, लेकिन मैं पर्दे पर अपनी वापसी नेगेटिव किरदार से ही करना चाहता हूं। मैं एक ऐसी स्क्रिप्ट की खोज में हूं, जिसमें मैं एक खतरनाक खलनायक का किरदार निभाऊं। दुर्भाग्यवश मुझे अब तक सिर्फ कॉमेडी रोल्स के लिए ही स्क्रिप्ट्स मिल रही हैं।

broker mfxКак ускорить веб-сайт?

Leave a Reply

Your email address will not be published.