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”रियल्टी सेक्टर को नई सरकार से बहुत अपेक्षाएं’’

बढ़़ती महंगाई, घटते निवेश से चरमराई अर्थव्यव्स्था में नई सरकार के गठन के साथ उम्मीदों की नई किरण फूटी है। नई सरकार की योजनाओं और आधारभूत संरचनाओं का बड़े पैमाने पर विकास की रणनीति ने निवेशकों में उत्साह भर दिया है। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से व्यवसायिक जगत के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ रियल इस्टेट के कारोबारी भी आशान्वित हैं। अर्थव्यवस्था में भावी उछाल और रियल इस्टेट पर पडऩे वाले प्रभाव को लेकर सिग्नेचर ग्लोबल के सह-संस्थापक और अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल से उदय इंडिया के वरिष्ठ संवाददाता सुधीर गहलोत की व्यापक परिचर्चा हुई। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश:

नई सरकार से रियल इस्टेट को कितनी उम्मीदें हैं?

रियल्टी सेक्टर को नई सरकार से बहुत अपेक्षाएं हैं। जैसा कि हम सभी जानते है कि पिछली सरकार के दौर में लगातार बढ़ती महंगाई, सुस्त आर्थिक विकास की गति और बढ़ती ब्याज दरों से रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। अब हम उम्मीद करते हैं कि नई सरकार के आने के साथ ही आर्थिक विकास की गति तेज होगी। जीडीपी की दर बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाएगी, बैंकिंग सेक्टर में सुधार होगा और ब्याज दरों में कटौती होगी। अनुकूल और पारदर्शी नीतियों, बैंकिंग सेक्टर में सुधार, आधारभूत संरचना में एफडीआई, उचित रेग्यूलेटरी फ्रेमवर्क और घर खरीदने में प्रक्रियाओं की अच्छी तरह से संचालन की उम्मीद आज रियल्टी सेक्टर कर रहा है। इसका सीधा असर उद्योग जगत और आम जनता पर पड़ेगा। इसलिए हम आशा कर रहे हैं कि निकट भविष्य में रियल्टी सेक्टर भी उछाल दर्ज करेगा।

स्टॉक मार्केट लगातार नई ऊंचाईयों को छू रहा है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में कितना समय लग सकता है?

नई सरकार ने प्रशासन को जिस तरह से चुस्त-दुरूस्त करना शुरू किया है, उससे लगता है कि अच्छे दिन बहुत जल्दी शुरू होने वाले हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मंत्रियों के लिए 10 सूत्री एजेंडा और 100 दिनों की योजना तैयार की है। उससे लगता है कि विकास को लेकर सरकार बहुत गंभीर है। इसी कारण स्टॉक मार्केट में भी उत्साह है। सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी है। हर व्यवसाय लगभग आपस में जुड़ा है। अगर इन क्षेत्रों में विकास गति पकड़ता है तो निश्चित तौर पर रियल इस्टेट पर इसका असर होगा।

महंगाई के कारण बचत में लगातार कमी हो रही है। ऐसे में आम जनता रियल इस्टेट में कितना निवेश कर पाएगी?

गुजरात में विकास को देखते हुए उद्योग जगत में एक सकारात्मक माहौल है। आर्थिक मामले पर सरकार का विशेष ध्यान है। केन्द्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और निवेश के लिए रिफॉर्म के साथ-साथ नीतियों पर अमल करने के लिए समय सीमा भी तय कर रखी है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अन्य सेक्टर्स के साथ-साथ रियल इस्टेट में भी वृद्धि दर्ज की जाएगी। व्यवसाय में एक विशेष बात यह है कि यहां आशावादी दृष्टिकोण का विशेष महत्व होता है। आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया गति पकड़ती है तो इससे आम जनता को सीधे लाभ होगा। उनके बचत में वृद्धि होगी, उनकी परचेजिंग पावर में वृद्धि होगी। और अंत में इसका फायदा रियल इस्टेट को भी मिलेगा, क्योंकि शहरों में अपना घर खरीदना आज भी लोगों के लिए एक सपना है।

एसएमसी जैसी अलग तरह की प्रोफाईल वाली कंपनी के संचालन के बाद रियल इस्टेट में अवसरों को आप किस तरह से देखते हैं?

यह उद्यम मेरे और मेरे सहयोगी सदस्यों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। जहां तक इस तरह के अलग रोजगार की प्रकृति और जिम्मेदारियों का सवाल है तो मेरे विचार से सम्पूर्णता, नीतिगत मूल्यों और ग्राहकों को फायदे जैसे मूलमंत्र की दृष्टि से दोनों ही उद्यम लगभग एक सामान है। पहली नजर में दोनों व्यवसाय अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारा मूल उद्देश्य ग्राहकों को उनके निवेश का बेहतर रिटर्न प्रदान कराना है।

सिग्नेचर ग्लोबल’ की स्थापना और प्रबंधन के बारे में कुछ बताइए?

सिग्नेचर ग्लोबल ब्रांड के तहत विश्वसनीयता और जवाबदेही के साथ हमने निकट भविष्य में देश भर में कई रियल इस्टेट परियोजनाओं की शुरूआत करने की योजना बनाई है। सिग्नेचर ग्लोबल समूह वर्ष 2000 में अस्तित्व में आया था, जो एसएमसी समूह में एक प्रमुख हिस्सेदार भी है। एसएमसी समूह भारत की एक अग्रणी निवेश कंपनी है, जिसकी उपस्थिति पूरे भारत में है। सिग्नेचर ग्लोबल का नेतृत्व पेशेवर निदेशकों का एक बोर्ड करता है, जिनके पास कई दशकों का अनुभव है। जिससे हम नए अवसरों की तलाश करने में अपनी क्षमता का पूरा परिचय देंगे।

अब छोटे-छोटे शहरों में भी नव-मध्यम वर्ग का उदय हो रहा है, उनके लिए आपके पास क्या योजना है?

वर्तमान परिदृश्य में आम आदमी बढ़ती कीमतों की समस्या से जूझ रहा है । ऐसी विषम परिस्थिति में मध्यम वर्ग के लिए एक घर खरीदने का सपना पूरा करना आसान नहीं है। सिग्नेचर ग्लोबल ब्रांड ने सोसाइटी के इस वर्ग की जरूरतों की पहचान करते हुए रियल्टी सेक्टर में कदम रखा है और उचित कीमतों पर घर उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार से अनुबंध किया है। हरियाणा सरकार के ग्रुप हाउसिंग स्कीम (आवास योजना) के तहत सिग्नेचर ग्लोबल ने अत्यंत ही कम कीमतों पर फ्लैट्स उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है, ताकि आम आदमी का अपना घर होने का सपना पूरा हो सके।

ग्रीन प्रोजेक्ट्स व सस्टेनेबल बिल्डिंग्स की वांछनीयता के बारे में आपकी क्या राय है?

हम पर्यावरण के मुद्दों पर समाज में बढ़ती जागरूकता को लेकर काफी आशावादी हैं। और, सबसे बड़ी बात यह है कि रियल इस्टेट बिरादरी ऐसी जरूरतों और मुद्दों को लेकर काफी साकारात्मक व्यवहार कर रही है। फिर भी, पर्यावरण को बनाए रखने की नीतियों और रियल इस्टेट उद्योग की कोशिशों के बीच अभी काफी अंतर है। हम विश्वास और निवेश के व्यवसाय से जुड़े हैं। इसलिए हमारा मूल आदर्श है – ग्राहकों और निवेशकों के फायदे के लिए सर्वोत्तम कदम उठाना। यही हमारे मूल-सूत्र – रियल्टी, रिलायबिलिटी और रेस्पोंसिबिलिटी से भी प्रतिबिंबित होता है।

यह परियोजना फिलहाल गुडग़ांव में शुरू की गई है, भविष्य की क्या योजना है?

वर्तमान समय में यह योजना गुडग़ांव में शुरू की जा रही है, लेकिन भविष्य में एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी शुरू की जाएगी। हमारी इस कोशिश को सभी राज्य सरकारों का समर्थन मिल रहा है। भविष्य में हम इस हाउसिंग स्कीम का विस्तार उन राज्यों में भी करेंगे। बी और सी कटेगरी के शहरों में लोगों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, इसलिए कम कीमतों पर हमारा ग्रुप हाउसिंग स्कीम इन शहरों में रहने वाले लोगों के सपने को पूरा करने की उम्मीद करता है। हरियाणा सरकार के अनुसार इस स्कीम के अंतर्गत लोगों को 4000 रूपए प्रति वर्ग फीट कारपेट एरिया की दर से 1 बेडरूम फ्लैट/ 2 बेडरूम फ्लैट/3 बेडरूम फ्लैट जल्द ही आवंटित किए जाएंगे। इसलिए सामान्य आदमी घर खरीदकर बड़ी आसानी से अपने सपने को पूरा कर सकता है।

बिल्डरों द्वारा फ्लैट्स के समय पर हस्तांतरण नहीं करने के कारण लोगों को न्यायालय जाना पड़ा था, इस समस्या से बचने के लिए आपके पास कैसी कार्य-योजना है?

यह हाउसिंग स्कीम सरकारी अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत है। इसलिए फ्लैटों का आवंटन सरकारी जांच-पड़ताल के बाद ही होगा। इसलिए सरकार की देखरेख में पूरी पारदर्शिता के साथ इसका ड्रॉ निकाला जाएगा। रही बात फ्लैट्स पर अधिकार प्राप्त करने की तो, इसमें कोई कठिनाई नहीं होगी, क्योंकि यह परियोजना सरकार की देखरेख में होगी। इसलिए इस हाउसिंग स्कीम की प्रमाणिकता को लेकर निश्चिन्त हुआ जा सकता है।

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