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हर आंगन में तुलसी

तुलसी का न केवल धार्मिक बल्कि औषधीय महत्व भी है। कहते हैं जिस आंगन में तुलसी का पौधा होता है वह परिवार स्वस्थ और खुशहाल रहता है। पवित्र पौधा होने के कारण इसकी पूजा तो होती ही है, साथ ही इसे हाईपरटेंशन, सांस से संबंधित समस्याओं, डाइबिटिज, घाव जैसी कई दूसरी परेशानियों में औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

तुलसी के पत्तों की खुशबू खाने में गजब का स्वाद ला देती है। पास्ता, पिज्जा, सूप, सलाद में इसका विशेष रूप से इस्तेमाल होता है। तुलसी के पौधे की जड़ों और पत्तियों का इस्तेमाल हर्बल चाय के लिए किया जाता है।

स्वास्थ लाभ के लिए तुलसी

  • तुलसी की कुछ पत्तियों को प्रतिदिन एक ग्लास पानी में डालकर पीने से पूरे दिन शरीर को ऊर्जा मिलती है। तुलसी की पत्तियों में दुर्लभ तेल मौजूद होते हैं, जैसे फिमोनिन और यूजिनॉल। इनमें ऐंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं।
  • तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। तुलसी की पत्तियों को अदरक के साथ चबाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती है। तुलसी को चाय की पत्तियों के साथ उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है।
  • तुलसी का अर्क कई कीटाणुओं को बढऩे से रोकने में मददगार है। तुलसी के अर्क में ऐंटी-इनफ्लैमेंटरी गुण, मधुमेह को नियंत्रित करने का गुण, प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ाने का गुण और एंटी-कैंसर तत्व भी मौजूद होते हैं।
  • तुलसी किडनी को मजबूत बनाती है। किडनी की पथरी की समस्या में तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाए गए अर्क में शहद मिलाकर नियमित रूप से 6 महीने तक सेवन करने से पथरी शौच मार्ग से बाहर निकल जाती है।
  • तुलसी को पोटाशियम, विटामिन ‘के’, ‘सी’, कैल्शियम और आयरन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसके सेवन से शरीर को ये तत्व प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।
  • तुलसी में थाइमोल तत्व पाया जाता है, जो त्वचा को रोगों से मुक्त करने में मददगार होता है। तुलसी और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाने से झाइयां व फुंसियां ठीक होती हैं और चेहरे की रंगत में निखार आती है।
  • तुलसी का काढ़ा पीने से सिरदर्द से राहत मिलती है। तुलसी के पत्तों के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम लेने से 15 दिनों में अद्र्ध-कपाली (माइग्रेन) जैसे रोगों में लाभ मिलता है।
  • छोटी इलायची, अदरक का रस व तुलसी के पत्तों को समान मात्रा में मिलाकर पीने से उल्टी बंद हो होती है। दस्त लगने पर तुलसी के पत्ते भुने जीरे और शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार खाने से लाभ होता है।
  • तुलसी में तनावरोधी गुण भी पाए जाते हैं। प्रतिदिन तुलसी के 10-12 पत्तों का सेवन करने से मानसिक दक्षता और तनाव से लडऩे की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।
  • आंखों की समस्या विटामिन ‘ए’ की कमी से होती है। तुलसी का रस आंखों की समस्याओं में अत्यंत लाभदायक होता है। आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत फायदेमंद साबित होता है।
  • कान की समस्याएं जैसे दर्द होना और कम सुनाई देना आदि में तुलसी बेहद लाभकारी होता है। तुलसी के रस में कपूर मिलाकर उसे हल्का गर्म करें और उसे कान में डालें, इससे दर्द से राहत मिलती है।
  • श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, और सर्दी से राहत मिलती है।
  • तुलसी की कुछ पत्तियों को रोजाना चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है। तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल के साथ मिलाकर दांतों को साफ करने से सांसों से दुर्गंध नहीं आती है।

दिब्याश्री सतपथी

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