ब्रेकिंग न्यूज़ 

दादी-नानी का थैला

स्वस्थ रहना है तो अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में थोड़ा सा बदलाव ले आइए और फिर देखिए, जिन्दगी कितनी खूबसूरत है। ये नुस्खे दादी-नानी के थैले से ही लिए गए हैं जिनकी सामग्री कहीं किसी दवा की दुकान से नहीं बल्कि आपकी अपनी रसोई में झांकने से ही मिल जाएगी।
अपने नियमित भोजन से शुरू करते हैं। भोजन में गेहूं, चना (काला), जौ मिले आटे को भून कर उसकी रोटी बना कर खाएं। भोजन में सुबह शाम इसी आटे की रोटी को शामिल करें। दोपहर के भोजन में छाछ का प्रयोग जरूर करें। यदि छाछ न मिले तो दही में पानी मिला कर उसे बिलो लें। उसकी मलाई निकाल दें। इसमें भुना हुआ जीरा और हींग डालें। नमक भूल कर भी इसमें न डालें। चीनी की जगह देसी खांड या गुड़ अथवा शहद का प्रयोग करें। प्याज का प्रयोग भोजन में अधिक से अधिक करें। प्याज सेहत के लिए बहुत गुणकारी है। चीनी व तली हुई खाद्य सामग्री को अपने भोजन से पूरी तरह तिलांजलि दे दें।

कंधा जाम
कंधा जाम हो जाए तो थोड़ा-सा हाथों का व्यायाम करें और रसोई से निम्न सामग्री लें:
सामग्री: हल्दी (एक चौथाई चम्मच), एक गिलास गरम दूध, मुनक्का, नमक (20ग्राम) और फिटकरी (20ग्राम)।
प्रयोग: रात में सोने से पहले एक चौथाई चम्मच हल्दी एक गिलास गर्म दूध में डाल कर पीएं। शकर न हो तो मुनक्का डाल लें। दूध न पीना चाहें तो गरम पानी में भी हल्दी डाली जा सकती है और उस हल्दी वाले गरम पानी का सेवन किया जा सकता है। पानी में 20ग्राम नमक और 20ग्राम फिटकरी डाल कर उसे गरम कर लें। नमक और फिटकरी वाले इस गरम पानी से अपने जाम कंधे की सिंकाई करें और बाद में उसे ठंडी हवा न लगने दें। इसे जमा हुआ कंधा खुल जाएगा और हाथ हिलाने डुलाने में कंधे में दर्द महसूस नहीं होगा।

थायरायड, किडनी की बीमारी, बार बार पेशाब आना, माहवारी में अधिक खून आना,एसीडिटी
सामग्री: गेहूं और चने का आटा, धनिया साबुत (दो चम्मच), हल्दी (एक चौथाई चम्मच), एक कप दूध।
प्रयोग :दो चम्मच साबुत धनिए को रात में एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह उठ कर उसे इतना उबालें कि वह केवल एक चौथाई रह जाए। इस पानी को सुबह खाली पेट लें। इसी प्रकार दो चम्मच साबुत धनिया एक गिलास पानी में सुबह
भिगो दें। शाम को उसे इतना उबालें कि वह केवल एक चौथाई रह जाए। शाम को खाना खाने से आधा घंटा पहले धनिए के उस पानी को पी लें।
रात में सोने से पहले गर्म दूध में हल्दी डाल कर उसका सेवन करें। गेहूं और चने को मिला कर आटा पिसवाएं और उस आटे की रोटी खाएं। गले की गर्म पानी से सिंकाई भी अतिरिक्त लाभदायक होती है।
इससे थायरायड में लाभ होता है, किडनी की फिल्टर प्रक्रिया बेहतर होती है और बार बार पेशाब नहीं आता। इतना ही नहीं, गर्भाशय की सफाई हो जाती है और माहवारी में अधिक रक्तस्राव का होना रूकता है और थायरायड की बीमारी दूर होती है। एसीडिटी भी ठीक हो जाती है। इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं।

चक्कर आना, एलर्जी, दमा
सामग्री: सेव का रस।
प्रयोग: नाश्ते में दो सौ मिली सेव का रस नियमित रूप से सेवन करें। इसमें मौजूद मैलिक एसिड से दिमाग तेज होता है। चक्कर आते हों तो चक्कर आने बंद हो जाते हैं। एलर्जी समाप्त होती है। दमे को ठीक करने में पूर्ण तरह से सहायक होता है।

अनिल बंसल

керамические коронкиenglish to french translation voice

Leave a Reply

Your email address will not be published.