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डिलीट करें ऐसे शरीर से चर्बी

इंटरनेट और कंप्यूटर पर सवार आज के बच्चे कट, पेस्ट और डिलीट में माहिर हैं। लेकिन फेसबुक पर चकल्लस करने और टीवी को देर तक टुकटुक ताकते रहने वाले बच्चों के शरीर पर जो चर्बी की परतें जमा हो रही हैं उन्हें डिलीट करना बच्चों का खेल नहीं है। शरीर में जब चाहो, जैसे चाहो कुछ कट पेस्ट कर लो, वह आसान नहीं है। एक बार शरीर पर चर्बी ने कब्जा जमा लिया तो उससे छुटकारा पाना बड़ी टेढ़ी खीर है। जंक फूड, तली हुई चीजें और मन जो चाहे वह सब कुछ खाते हुए कोई बेल्ट पहन कर या तोंद पर कोई तेल मल कर मोटापे को फटाफट दूर कर देने जैसे विज्ञापनों के मुगालते में हैं तो फिर समझिए फैट से आपकी जीवन भर की यारी है।

चर्चित वीएलसीसी स्लिमिंग (छरहरा बनाने वाला), सेंटर चेन की संस्थापक एवं स्लिमिंग की जानी मानी विशेषज्ञ डॉ. वंदना लूथरा से लेकर अदनान सामी जैसे भीमकाय शरीर को छरहरा बनाने की बैरियैट्रिक सर्जरी के नामचीन विशेषज्ञों से मोटापे को कम करने की रणनीति पर गहन चर्चा के बाद यही बात समझ में आई कि शरीर पर जमे चर्बी के पहाड़ को पिघलाने के लिए उस पर बहुतरफा हमले की जरूरत है।

अब एक ऐसी बानगी देखिए जिससे आप यह पूरी तरह समझ जाएंगे कि फैट से छुटकारा क्यों आसान नहीं है और क्यों सबसे पहले मोटापा कम कका रने पूरा फंडा समझना जरुरी है । क्या ऐसा संभव है कि कोई मोटापा घटाने के लिए वर्जिश शुरु करे और चर्बी दूर होने की शरीर पर चढ़ जाए। लेकिन आपको हैरत होगी कि मोटापे के मरीज ऐसी शिकायत लेकर अस्पताल या स्लीमिंग सेंटर पहुंच रहे हैं कि वर्जिश काम नहीं आई और उससे चर्बी घटने की बजाय बढ़ ही गई।

दुनिया में दूरबीन से सबसे ज्यादा सर्जरी करने की वजह से गिनीज बुक ऑफ रिकॉड्र्स में शुमार एवं मैक्स हेल्थ केयर में बैरियैट्रिक सर्जरी (मोटापा कम करने की सर्जरी) विभाग के चेयरमैन डॉ प्रदीप चौबे उदय इंडिया से कहते हैं, ‘वर्जिस से चर्बी के चढ़ जाने का यह बड़ा ही रोचक किस्सा है। सुबह सुबह दौडऩे एवं वर्जिस शुरु करने के बाद आप छरहरा होने के आत्मविश्वास से इत भर जानेते हैं कि शरीर को इनाम देने को जी मचलने लगता है। आप सोचते हैं, इतनी वर्जिश के बाद 2 समोसे खा ही लिए तो कौन सा चर्बी का पहाड़ टूट पड़ेगा। अब देखिए, इस सोच का हश्र क्या हुआ। वर्जिश में आपने बेशक शरीर की 500 कैलरी जलाई, लेकिन 2 समोसे खा लिए तो शरीर में 1000 कैलोरी की आमद हो गई। और फिर कुछ महीनों बाद सिर पकड़ कर बैठ गए कि वर्जिश से तो लेने के देने पड़ गए। इससे भले तो तब थे जब वर्जिश नहीं करते थे और समोसे से भी परहेज था। मैक्स हेल्थ केयर के वाइस चेयरमेन डॉ. चौबे कहते हैं,’मोटापा घटाने में व्यायाम तभी कारगर होगा जब आप भोजन पर भी उसी अनुपात में संयम रखेंगे। यही नहीं हो पाता इसीलिए तो अंतत: मोटापा कम करने के लिए सर्जरी ही एक रास्ता बचता है।

वीएलसीसी स्लिमिंग सेंटर श्रृंखला की संस्थापक एवं वेटलॉस की जानी मानी सलाहकार वंदना लूथरा ने उदय इंडिया से कहा, ‘डाइट चार्ट से जब तक खाने की उन चीजों को डिलीट (समाप्त) नहीं करेंगे जो चर्बी का कारक है, तब तक मोटापे से मुक्ति मुहाल है। मोटापे के प्रबंधन में डाइट एक बेहद ही महत्वपूर्ण पहलू है। आधुनिक भोजन कोलेस्ट्रॉल, चर्बी, नमक, संतृप्त और ट्रांस फैट से लबालब रहता है। कैलोरी और रिफाइंड तत्वों से लैस। उनमें फाइबर (रेशे) एवं पोषक तत्वों का सख्त अभाव पाया जाने लगा है। इनसे दूर रहना जरुरी है तभी मोटापा कम करने की बात सोची जा सकती है। मोटापे को दूर करने एवं उससे बचने के लिए जरुरी है कि हमारे डाइट की योजना ऐसी हो जिसमें फल, हरी सब्जियां, सेम (बीन), रेशे (फाइबर), मोटे अन्न, चर्बी रहित डेयरी उत्पाद, सीफूड (मछली आदि समुद्री खाद्य पदार्थ) आदि ही शामिल हो। नियमित व्यायाम और इस तरह के भोजन, दोनों का मेल होगा, तभी मोटापे से मुक्ति मिल सकती है। मोटापे को कम करने का वीएलसीसी का तरीका इसलिए इतना प्रभावी हो रहा है क्योंकि अव्वल तो हमारा नजरिया होलिस्टिक है यानी हम सभी पहलुओं को साथ लेकर चलते हैं। मोटापा कम करने का अवैज्ञानिक तरीका खतरनाक भी हो सकता है, इसलिए वीएलसीसी ने स्लिमिंग का एक पूरा वैज्ञानिक एवं शोधित प्रोटोकॉल विकसित किया है।

इधर यह खुलासा हुआ है कि आपके तोंद की चर्बी नए कुदरती अंग बनाने की अद्भुत क्षमता रखने वाले बेहतरीन स्टेम सेल का खजाना है। इस पर गुडग़ांव स्थित अत्याधुनिक मल्टीस्पेशियैलिटी अस्पताल पारस के सीनियर लेप्रोस्कोपिक एवं बैरियैट्रिक सर्जन डॉ. विप्रश्री कहते हैं, ‘यह बहुत अच्छी खबर है।

मोटापे की चरम स्थिति यानी मॉरबिड ओबेसिटी के लिए तो बैरेयैट्रिक सर्जरी ही एक रास्ता बचता है। सर गंगाराम अस्पताल में बैरियैट्रिक सर्जरी कराने वाले बिजनेस मैन मनोज अरोड़ा का वजन कभी 235 किलो था, अब वह घट कर 120 से भी नीचे आ गया है। शरीर से चर्बी के पहाड़ सा वजन ढोने के साथ उनका एक और दर्द था। वे बेटी को स्कूल नहीं छोड़ सकते थे। उन्हें डर था कि बेटी को उसके दोस्त उसके भयंकर मोटापे को लेकर चिढ़ाएंगे। 20 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी शरीर पर चर्बी का बहुत बड़ा बोझ लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

बच्चों सहित देश की पूरी आबादी पर मोटापे का कहर इस कदर बरप रहा है कि चिकित्सा की दुनिया में मोटापा घटाना आज सबसे बड़ा कारोबार बन गया है। यूं छू मंतर में मोटापा कम करने के तरह तरह के मंत्र भी बाजार में आ गए हैं। वेट लॉस के केंद्र कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं । हर कोई फटाफट फैट कम करने के दावे कर रहे हैं लेकिन इसमें ज्यादातर धोखे एवं खतरे ही हैं। वजन घटाने के तरीके जानलेवा न हो जाएं,इसका ध्यान रखना जरुरी है।

फोर्टिस के जाने माने बैरिटैट्रिक सर्जन डॉ. अतुल पीटर्स कहते हैं, ‘अक्सर हम व्यायाम शुरु करते हैं, वजन घटाने के लिए और वह बढ़ जाता है। व्यायाम करने से भूख बढ़ती है और हम वर्जिश में जितना जलाते नहीं, उससे कहीं ज्यादा खा लेते हैं। स्लिमिंग सेंटर की देखरेख में मोटापा कम तो होता है लेकिन वापस आने पर चर्बी फिर चढ़ जाती है।

खाने पर संयम रखने की बात सुनने में बड़ी अच्छी लग सकती है लेकिन आसान नहीं है। इसे देखते हुए अब भूख मारने की ही कई दवाइयां आ गई है। इनमें से गंभीर साइड इफैक्ट के सामने आने के बाद कई दवाइयां वापस भी करनी पड़ी हैं। दुष्प्रभावों के चलते ही स्लिमोना नामक एक बेहद चर्चित रही स्लिमिंग पिल पर बैन लग गई है। वीएलसीसी की वंदना लूथरा भी भूख मारने की दवा के प्रयोग को खतरनाक मानती हैं।

मोटापे की नाप बीएमआई पर रखें पैनी निगाह
शरीर के आकार की नाप को नाप को बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) के नाम से जाना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार 18.5 से लेकर 22.99 की बीएमआई सामान्य मानी जाती है। 30 से अधिक बीएमआई हुई तो वह मारक मोटाई की श्रेणी है। लेकिन अब 50 और 60 बीएमआई वाले लोग भी सामने आ रहे हैं। ऐसे लोगों का वजन 250 से लेकर 300 केजी के करीब भी होता है । किसी भी आदमी के वजन (केजी) में लंबाई (मीटर) के वर्ग से भाग दें तो बीएमआई निकलता है।

ये यो यो क्या है
गठीले और छरहरे एवं बेहद स्मार्ट पंजाबी रैप गायक हनी सिंह को कौन नहीं जानता। यहां उस यो यो की बात नहीं हो रही है। यह यो यो शरीर से फैट का वर्जिश की वजह से पहले जाना और फिर वर्जिश छोड़ देने पर फैट का पहले से दोगुने या तीन गुने बन कर लौट आना। यह यो यो ही है जिसकी वजह से आज मोटापे के सर्जनों की बन आई है। इसलिए गहन फिटनेस रुटीन शुरु करने के पहले एक बार यह आकलन जरुर कर लें कि आप उस दिनचर्या पर डटे रह सकेंगे या नहीं। खाने को लेकर शुरु हुआ आपका संयम बरकरार रह पाएगा या नहीं। अगर अपने पर भरोसा नहीं है तो पेट को एकदम चौरस करने की कसम खाने की जगह मोटापे को वहीं रोक देने की रणनीति बेहतर होगी।

मोटापा घटाने के लिए जरुरी कुछ मोटी बातें
वर्जिश के साथ साथ भोजन पर भी पूरी तरह से संयम जरुरी
फैट हटाने की फटाफट विधि से दूर ही रहें
भूख कम करने की गोलियां कतई न लें
रेसेदार खाद्य पदार्थ, मोटे आनाज, फल, सब्जियां, चर्बी रहित डेयरी उत्पाद बहुत जरुरी
लाइपोसक्शन मोटापा घटाने की विधि नहीं है।
तली हुई चीजें, ना बाबा ना।
किसी दिन अगर भूल से समोसे वगैरह कुछ खा भी लिए तो उसी दिन उसे जला देने इतनी एक्सट्रा वर्जिश जरुरी
तनाव का प्रभावी प्रबंधन
नेचुरोपैथी को भी जरुर आजमाएं लेकिन सही विशेषज्ञ की देख रेख में
अगर कोई तरीका काम न आए तो बैरियैट्रिक सर्जरी कराने से परहेज न करें

धनंजय कुमार

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