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राशिफल 8 से 15 जुलाई २०१३

मेष
विचलित रखने वाला सप्ताह है। बहुत ही सावधानी से रहने की जरूरत है। डॉक्टरी जांच में परिणाम आना मुश्किल हो सकता है। मन में किसी भय से परेशानी पैदा होने की भी आशंका है। कोई नूतन कार्य न करे और अपने लागों के बीच ही रहे। महंगी वस्तु खरीदना समझदारी नहीं होगी। किसी मामले में कोई अदालती मामला दायर करना चाहें तो उसके लिए शुभ समय है और परिणाम अच्छे आ सकते हैं। शुभ अंक: 5, शुभ रंग: लाल, शुभ दिशा: दक्षिण, उपाय: हनुमान जी की अराधना और मंगलवार का व्रत कष्टों को हरने वाला और शुभ परिणाम देने वाला है।
वृषभ
सप्ताह परीक्षा का समय है। स्वप्रेरणा और स्वप्रयास से कर आगे बढऩा ही उत्तम होगा। स्वास्थ्य नरम रहने की आशंका है। लोगों के लांछन लगने की भी आशंका है लेकिन लोगों के कटाक्षों को नजरअंदाज कर आगे बढऩा समझदारी होगी। उत्तेजित होना हानिकारक सिद्ध होगा। उदर रोग की समस्या हो सकती है। विदेश यात्रा लाभदायक रहेगी। अपनों से दूर रहना इस सप्ताह लाभदायक रहेगा। व्यापार में लाभ होगा। शुभ अंक: 4, शुभ रंग: मोतिया रंग, शुभ दिशा: पश्चिम, उपाय: भगवान शिव के परिवार की पूजा करना और सोमवार का व्रत कर गरीबों को अन्नदान करना बहुत ही शुभ रहेगा।
मिथुन
शुभ समय है। बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई को लेकर चिन्ता का समय नहीं रहेगा। परिवार में खुशियां आएंगी। नई नौकरी मिलने के आसार हैं। प्रभावशाली व्यक्ति से संबंध बन सकता है जो भविष्य में आपकी प्रगति में विशेष माध्यम बनेंगे। डूबा हुआ धन मिलने की संभावनाएं भी बहुत प्रबल हैं। अन्य धन लाभ भी हो सकते हैं। अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य के बारे में विशेष ध्यान देना चाहिए। शुभ अंक: 2, शुभ रंग: मटियाला, शुभ दिशा: उत्तर पूर्व, उपाय: गणेश जी की आराधना करें। गणेश जी के समक्ष प्रतिदिन पांच दीये जलाने से हर कार्य सफलता पूर्वक सम्पन्न होंगे।
कर्क
नए संबंध बन सकते हैं। पिछले प्रयास फलीभूत होंगे। सफलताअं लोगों को ईष्र्या हो सकती है। अपने मन की बात किसी से न कहें। किसी पर पूर्ण विश्वास न करें। विदेश यात्रा या महत्वपूर्ण व्यापारिक बातें बुधवार के बाद करने से ही विशेष अच्छे परिणाम निकलेंगे। सरकारी या अचल सम्पत्ति का निर्णय सोमवार से बुधवार के बीच करने से अच्छे परिणाम निकलेंगे। विशेष मित्रों से संबंध बढ़ाने से अच्छे परिणाम निकलेंगे। विवाह का प्रस्ताव के लिये उत्तम समय। मित्रों का सकारात्मक असरा। शुभ अंक: 1, शुभ रंग: श्वेत, शुभ दिशा: दक्षिण पूर्व, उपाय: गौरी मां की अराधना करें और मां के सम्मुख धूप जरूर जला कर रखें।
सिंह
आरम्भ परेशानियों वाला होगा, लेकिन समय के साथ खुशियां आएंगी। अचल सम्पत्ति या सोने में निवेश के लिए शुभ समय। समय का सदुपयोग करें। सम्पत्ति में निवेश करने, इंटरव्यू देने, अथवा अन्य कोई महत्वपूर्ण कार्य इस सप्ताह में करने से मनोनुकूल परिणाम मिलेंगे। गरीमा भी बढ़ेगी। यदि भाइयों के साथ कोई मनमुटाव था तो वह दूर होगा और कोई मनोनुकूल हल निकलेगा। कुल मिला कर प्रगतिशील समय है। शुभ अंक: 6, शुभ रंग: ग्रे, शुभ दिशा: पूर्व, उपाय: सूर्य भगवान की उपासना बहुत सुख और खुशियां लेकर आएगी। गुरूवार को गाय को चना और गुड़ खिलाने से समय अधिक खुशियां लेकर आएगा।
कन्या
यह सप्ताह अधिक अनुकूल नहीं है। बुधवार से समय कुछ ठीक हो सकता है। खर्चे रूकेंगे। बुधवार के बाद सकारात्मक समय है। नूतन कार्य के लिए बुधवार के बाद का समय अच्छा है। व्यवसाय की परेशानियां बुधवार के बाद कम हो सकती हैं। जातक को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। विवाह संबंधी कार्य पूर्ण होने की संभावना। विदेश जाने की कोशिशें और सरकारी काम सफल हो सकते हैं। शुभ अंक: 3, शुभ रंग: हरा, शुभ दिशा: उत्तर-पश्चिम, उपाय: भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा करना, उनके लिए मंदिर में वस्त्र भेंट करना और मंदिर में श्रीकृष्ण भगवान के लिए मोर पंख भेंट करना बहुत ही शुभ रहेगा।
तुला
मन में कचोट रही बातों का हल होगा। मित्रों, भाइयों या जीवन साथी से चल रहा मनमुटाव दूर होगा। अस्वस्थता इलाज से दूर होगी। यदि कोई ऑपरेशन टल रहा था तो उसके होने की संभावना इस सप्ताह है। हर वस्तु को संभाल कर रखें क्यों कि आप अपनी कोई महत्वपूर्ण वस्तु कहीं रख कर भूल सकते हैं या आपकी किसी महत्वपूर्ण वस्तु के चोरी होने की संभावना भी हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा है। नए विषय सीखने से उनके भविष्य में उजियारा फैलेगा। धन के निवेश में धैर्य रखें। शुभ अंक: 9, शुभ रंग: गुलाबी, शुभ दिशा: उत्तर-पूर्व, उपाय: गणेश जी की पूजा करें और आम व केले का भोग जरूर लगाएं।
वृश्चिक
प्रेरणा और नई सोच वाला सप्ताह है। रूके हुए कार्य बृहस्पतिवार से होने के योग बनते हैं। गुरूवार को घर में उत्साह व उत्सव का वातावरण बनेगा। कोई नया कार्य भी हो सकता है। यदि मकान में कोई कार्य करने की योजना है तो उसे गुरूवार तक स्थगित रखें। गुरूवार तक इसके लिए समय प्रतिकूल है। कोई अप्रीय घटना हो सकती है। शिक्षा में अनुकूल परिवर्तन का समय है। मंगलवार के बाद स्वास्थ्य संबंधी चिन्ता दूर हो सकती है। शुभ अंक: 7, शुभ रंग: जामुनी, शुभ दिशा: उत्तर, उपाय: काली मां या दुर्गा मां की पूजा बहुत ही विशेष रहेगी। दुर्गा चालीस या काली चालीस प्रतिदिन पढ़े और मां को चंदन का लेप या टीका लगाएं।
धनु
शुभ समय है। लाभ मिलेगा। नई नौकरी में स्थायीत्व आएगा और वेतन वृद्धि होने की संभावना है। दौरे होने की संभावना है। नई पढ़ाई शुरू होने, जीवन साथी मिलने, नए दोस्त बनने का समय है। घर में नए मेहमान आने की संभावना है, जो खुशियां ले कर आएंगे। अपनी सेहत पर विशेष ध्यान दें। शुभ अंक: 8, शुभ रंग: रानी रंग, शुभ दिशा: उत्तर, उपाय: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और जामुन जैसे ठंडे फलों के रस भगवान श्रीकृष्ण के लिए भेंट करना सुख-समृद्धि लेकर आएगा।
मकर
यह सप्ताह परिवर्तन लाने वाला समय है। कई रूके कार्य बनेंगे। प्रगति करने की प्रेरणा मिलेगी। लोगों की सलाह पर खूब सोच समझ कर अमल करें। सरकार से समस्या आ सकती है। अपने सीनियरों से मतभेद हो सकते हैं। इससे विचलित न हों। इस सप्ताह दफ्तर से छुट्टी लेकर अपने व्यक्तिगत कार्यों में समय को लगाएं तो उससे दफ्तर की उलझनों से निजात मिल सकती है। अस्वस्थता चिन्ता दे सकती है। दुर्घटनाओं से सावधान रहें। किसी को उधार दें तो बहुत सोच समझ कर दें, क्योंकि उसके वापस आने की संभावना बहुत ही कम है। शुभ अंक: 1, शुभ रंग: काला, शुभ दिशा: पूर्व, उपाय: भगवान हनुमान जी की अराधना करें और उन्हें सिन्दूर और गाय का घी चढ़ाएं।
कुंभ
दलदली समय है। बहुत ही सावधानी पूर्वक आगे चलें। खुद के अतिरिक्त किसी अन्य पर न करें। जो एक बार कर दिया, उस पर पुन: सोच-विचार न करें। लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। अपने विचारों को अपने मन में ही रखें और कोई हिंसात्मक सोच या कोई कदम न उठाएं। वह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। दूसरों से बेमतलब की बहस न करें। विदेश भ्रमण और स्वास्थ्य संबंधी विचार विमर्श गुरूवार के बाद ही करना श्रेयस्कर होगा। छात्रों के लिए समय बहुत अच्छा है। शुभ अंक: 4, शुभ रंग: पीला, शुभ दिशा: पश्चिम, उपाय: काल भैरव और बाबा बालकनाथ की पूजा करें। मंदिर में भगवान के लिए वस्त्र भेंट करें।
मीन
अच्छा समय नहीं है। परिणाम सोच के विपरीत निकलेंगे। सोच विचार कर बोलें। महिला साथियों से सावधान रहें। महिलाएं पुरूष साथियों से सावधान रहें। मानहानि की आशंकाओं का योग है। व्यवसाय में प्रोन्नति होना मुश्किल है। नौकरी का इंटरव्यू यदि गुरूवार के बाद करें तो भविष्य में लाभ हो सकता है। अचल सम्पति के बारे मेंगुरूवार से पूर्व न करें अन्यथा पैसा फंस सकता है। शुभ अंक: 5, शुभ रंग: हरा, शुभ दिशा: दक्षिण, उपाय: भगवान राम के परिवार की पूजा करने से समृद्धि मिलेगी।
वैवाहिक जीवन की स्थिरता के लिए ध्यान दें कुंडली मिलान पर:
आचार्य कृष्ण कुमार जोशी
परिचय
आचार्य कृष्ण कुमार जोशी मूलत: शिक्षक हैं और ज्ञान की गंगा से समाज को सराबोर रखना ही उनके जीवन का मूल उद्देश्य है। मृदु भाषी जोशी जी के चेहरे पर सदा चस्पां रहने वाली मुस्कान उनके व्यक्तित्व का स्थायी भाव है। उत्तराखंड के निवासी आचार्य जोशी ने विश्वविख्यात ज्योतिष गुरू श्री के. एन. राव के सान्निध्य में भारतीय विद्या भवन ज्योतिष संस्थान में वैदिक ज्योतिष का मर्म जाना और इसी संस्थान में शिक्षक के तौर पर उसी ज्ञान को जन-जन तक पंहुचाने के लिए वह प्रयासरत हैं।विवाह के लिए वर-वधू के कुंडली मिलान उतने सरल कार्य नहीं हैं, जितना की सोचा जाता है। वैवाहिक जीवन की स्थिरता केवल मिलान की गुणवत्ता पर आधारित नहीं है, बल्कि यह देश-काल-पात्र से भी प्रभावित होती है। विवाह के लिए वर-वधू की कुंडलियों के मिलान के लिए अष्टकूट से गुणों को देखा जाता है। ये अष्टकूट गुण मिल कर कुल 36गुण माने जाते हैं। इनमें वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी मिलान किए जाते हैं और उन्हें इसी क्रम में एक से आठ अंक दिए जाते हैं। इन अंकों का जोड़ ही 36 होता है। वर-वधु की कुंडली मिला कर जब कुल गुणों को दिए गए अंकों का जोड़ 18 से जितना अधिक होता है तो उतना ही अच्छा कुंडली मिलान माना जाता है। कुंडली मिलान जन्म चन्द्रमा की स्थिति को आधार मान कर किया जाता है। लेकिन केवल वर-वधू के कूट मिलान के आधार पर ही यह कहना आसान नहीं होता कि दोनों का वैवाहिक जीवन बहुत अच्छा होगा। कूट मिलान के अतिरिक्त वर-वधू की कुंडलियों का अलग अलग अध्ययन भी किया जाता है जिसमें वर-वधू की आयु का अनुमान लगा कर यह भी देखा जाता है कि उनकी कुंडलियों में कहीं वैधव्य योग तो नहीं है। कुंडलियों से अनुमान लगाया जाता है कि दोनों की आयु की अवधि लगभग समान हो, जिससे दोनों यह जीवन साथ बिता सकें। इसी प्रकार मंगल दोष भी देखा जाता है। वर-वधू की कुंडली में इस बात का अध्ययन किया जाता है कि दोनों में से किसी एक की कुंडली में मंगल दोष तो नहीं है। इसे कुजा दोष भी कहते हैं। यह दोष किसी की कुंडली में मंगल के 12वें, लगन, चौथे, सातवें या आठवें भाव में स्थित होने पर होता है। मंगल यदि कुंडली के दूसरे भाव में स्थित हो तो उसे आंशिक कुजा दोष माना जाता है। वर-वधू की कुंडलियों में यदि मंगल समान भाव में स्थित हो तो कुजा दोष या मंगल दोष दूर होना माना जाता है। मंगल दोष केवल 30वर्ष की आयु तक ही प्रभावी माना जाता है। लेकिन देखा गया है कि मंगल का प्रभाव पूरी आयु तक रहता है। यह दोष जीवन साथी की आयु को प्रभावित करता है। इसके अतिरिक्त मंगल की जिस भाव पर दृष्टि होती है उसके कारकत्वों पर भी प्रभाव डालता है। इससे विवाह में तो देरी होती ही है, साथ ही वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां भी पैदा होती हैं। जिसकी कुंडली में वैधव्य योग दिखाई देता हो, उसका मिलान ऐसे व्यक्ति की कुंडली से करना चाहिए जिसकी कुंडली में विधुर योग दिखाई देता हो। जिसकी कुंडली में कोई भाव विशेष पीडि़त हो, उसका मिलान ऐसे व्यक्ति की कुंडली से करना चाहिए जिसकी कुंडली में वही भाव पीडि़त हो। वैधव्य, विधुर अथवा बहुविवाह के योग वाली कुंडलियों के जातकों के लिए शास्त्रानुसार कहे गए उपायों को किया जा सकता है। इससे इन योगों का प्रभाव कम हो जाता है। ऐसे परिहारों में जातक का विवाह पूर्व प्रतिमा-विवाह अर्थात किसी व्यक्ति विशेष का मूर्तरूप में विवाह होने से पूर्व विष्णु प्रतिमा, घट या पीपल से लाक्षणिक विवाह किया जा सकता है।

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