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यूपी में मिस्त्री की बड़ी चुनौती एक साल से यूपी कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन ही नहीं हुआ

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव मधुसूदन मिस्त्री को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने के बावजूद कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 2009 का प्रदर्शन दोहराना बहुत बड़ी चुनौती है। मिस्त्री बेजान व वीरान पड़ी उत्तर प्रदेश कांग्रेस को कितना ठोक पीटकर खड़ा कर पाते है यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

28 जून को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय नेहरू भवन में पदाधिकारियों, जोन के प्रभारियों व विधायकों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि अभी वह यहां की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पिछले करीब एक साल से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। मंहगाई व भ्रष्टाचार की वजह से आम आदमी इस समय कांग्रेस से नाराज चल रहा है। खुद मिस्त्री ने भी स्वीकार किया कि मंहगाई से आम आदमी बहुत ज्यादा परेशान है और वह इस मसले पर केंद्र सरकार से बात करेंगे। पिछले साल विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन न कर पाने के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डा.रीता बहुगुणा जोशी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद फैजाबाद के सांसद डा.निर्मल खत्री को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने एक भव्य समारोह में नेहरू भवन में पिछले साल 11 सितंबर को कार्यभार ग्रहण कर लिया था, आपसी गुटबाजी व खीचांतान के चलते अभी तक अपनी नयी टीम गठित नहीं कर सके। यही नहीं अभी तक सिर्फ 31 जिलो व शहरों में कांग्रेस कमेटी का गठन हुआ है।

मधुसूदन मिस्त्री के मुताबिक वह कोई वायदा नहीं करते, लेकिन वह पार्टी को नीचे से मजबूत करेंगे। जल्दी ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी व बची हुई जिला व शहर कांग्रेस कमेटियों का गठन करेंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी ही पार्टी के विभीषण है। केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के ही कुछ नेताओं ने मुलायम सिंह यादव की मदद की और उनको यहां के सारे राज बताये। पिछले एक साल से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने सिर्फ बिजली की दरों में इजाफे के खिलाफ प्रदर्शन के अलावा कोई आंदोलन नहीं किया, पार्टी के पुराने पंपरागत वोट ब्राह्मण, ठाकुर, दलित व अल्पसंख्यक कांग्रेस से दूर हैं। मिस्त्री ने कहा कि उनका सबसे पहला काम पार्टी को संघर्षशील बनाना है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का जो हव्वा खड़ा किया जा रहा है उससे पार्टी को उबारना है। उनका मानना है कि मोदी कारपोरेट जगत के नुमाइंदे है।

पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से कांग्रेस को 22 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार अभी तक चुनाव के लिए कांग्रेस ने कोई तैयारी नहीं की है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने

तो अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी, जबकि भारतीय जनता पार्टी में भी जोरदार तैयारी शुरू हो गयी है। मिस्त्री इस माह दो चरणों में उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। पहले चरण में लखनऊ सहित पूर्वांचल जायेंगे जबकि दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड का दौरा करेंगे। सभी जोन के प्रभारियों के अलावा हर जिले के नेताओं से एक घंटे बातचीत करके वहां का फीडबैंक लेंगे और इसके बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन करके उसको चुनाव लडऩे के लायक बनाना चुनौती है।
 

लखनऊ से सैय्यद निजाम अली

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