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आयरन की कमी और उपचार

बच्चों का पालन-पोषण भली प्रकार हो, वे रोगमुक्त हों और उनका स्वास्थ्य संतोषजनक हो, तभी वे प्राथमिक शिक्षा का समुचित लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की रपटों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 70 प्रतिशत बच्चे रक्त की कमी से पीडि़त हैं। बच्चों की शारीरिक वृद्धि के लिए आयरन बहुत जरुरी है। यह फेफड़ों से ऑक्सीजन को सारे शरीर में भेजता है, मांसपेशियों की मदद करता है और ऑक्सीजन का भंडारण करता है। आयरन की कमी से शरीर में अल्प-रक्तता हो जाती है, जिससे रक्त में स्वस्थ लाल रक्तकणों की कमी हो जाती है। लाल रक्त सेल शरीर की पेशियों में ऑक्सीजन पहुंचाते हैं।

बच्चों में आयरन की कमी से पढ़ाई में हानि होती है। बच्चों का ध्यान किसी भी एक चीज पर नहीं टिकता, एकाग्रता में कमी, स्मृति कमजोर और शारीरिक विकास में बाधा पड़ती है। बच्चे को सीखने और पाठ याद करने में कठिनाई होती है।

यदि बच्चा जल्दी थक जाए, रंग पीला पड़ जाए, खाना कम खाए, चिड़चिड़ा हो जाए, किसी चीज पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाए, विकास रुक जाए तो संभव है, बच्चा आयरन की कमी से पीडि़त है। डॉक्टर रोगी को आयरन की गोलियां देते हैं। इन गोलियों से बच्चे को कब्ज, पेट में गड़बड़ी और उल्टी होने का डर रहता है। इसे रोकने के लिए बच्चे को खूब पानी और फलों का रस पिलाएं। रेशे वाले खाद्य पदार्थ अधिक खिलाएं।

आयरन की कमी हानिकारक है तो यह जानना भी जरूरी है कि आयरन की मात्रा अधिक होना शरीर के लिए खतरनाक है। अधिक आयरन विष बन जाता है और इससे गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। गुर्दे खराब हो जाते हैं और मृत्यु भी हो सकती है। पर्याप्त आयरन प्राप्त करने का सर्वोत्तम उपाय है संतुलित एवं पौष्टिक आहार।

स्वस्थ आहार
 भोजन में पालक, ब्रोकली, पत्ता गोभी, सलाद, अंडे की जर्दी, लाल मांस, गुर्दा, गुड़ राब, मशरुम, अंकुरित दालें और शक्करकंद अधिक लें।
 अल्प-रक्तता के रोगी के लिए सेब जैसे फल अधिक लाभदायक है। सेब की जगह सेब का रस ले सकते हैं। सेब के रस में शहद या चीनी मिला लें। इसे दिन में एक बार पीएं।
 एनीमिया या अल्प-रक्तता के रोगी को दिन की शुरूआत सुबह-सुबह एक गिलास गर्म पानी में शहद और नींबू का घोल पीकर करनी चाहिए। शहद हमारे शरीर में होमोग्लोबिन का स्तर बनाए रखने में मदद करता है। शरीर को स्फूर्ति, ऊर्जा और दृढ़ता प्रदान करता है।
 विटामिन बी-12 की कमी अल्प-रक्तता को बढ़ा देती है।
 दूध, पनीर, दही में विटामिन बी-12 प्रचूर मात्रा में होता है। गंभीर मामलों में शरीर में विटामिन बी-12 पर्याप्त नहीं रहती तो विटामिन का स्तर बढ़ाने के लिए आठ से दस इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
 बादाम आयरन और विटामिनों का स्रोत है। रोज रात को कुछ बादाम पानी में भिगों दें। सुबह उन्हें छीलकर कच्चा ही चबा लें।
 एनीमिया दूर करने में चुकंदर सहायक हैं। चुकंदर के ताजा रस में खनिज और पोषक तत्व भरपूर होते हैं। चुकंदर में आयरन की अधिकता से लाल रक्त सेलों के निर्माण में मदद मिलती है। इससे सहनशक्ति भी बढ़ती है।
 मुर्गी, अंडे, मसूर की दाल, बीन्स, किशमिश और अनाज आयरन के भंडार हैं।

निभानपुदी सगुना

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