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सौ नहीं हजार करोड़ क्लब का हिस्सा बनना चाहता हूं:शाहरूख खान किंग खान से बेबाक बातचीत की सुमित शर्मा ने

बॉलिवुड के किंग खांन दिल और जुबां के भी किंग है। कामयाबी के शिखर पर चढ़ती अपनी नई फिल्म ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ की प्रमोशन के सिलसिले में किंग खान निदेशक रोहित शेट्टी और हीरोइन दीपिका पादुकोण के साथ दिल्ली आए थे। उस वक्त किंग खान ने अपने फैंस और मीडिया के बीच वादा किया था कि अगर उनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट होती है तो वह एकबार फिर अपने फैंस और मीडिया का शुक्रिया अदा करने के मकसद से फिर दिल्ली आएंगे। बॉलिवुड के दूसरे स्टार अपनी नई फिल्म की प्रमोशन के सिलसिले में दिल्ली तो आंते हैं, लेकिन फिल्म हिट होने के बाद अपने फैंस और मीडिया से किनारा कर जाते हैं। लेकिन किंग खान उन सब से अलग निकले। मुंबई में अपने जबर्दस्त बिजी शेड्यूल में से टाइम निकाकर किंग खान सोमवार को देर रात दिल्ली आ पहुंचे। अपने शहर आते ही किंग खान ने एकबार फिर मीडिया को अपने साथ इस फिल्म की कामयाबी का जश्न मनाने के लिए नई दिल्ली के फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में हाई टी पर बुलाया। इस मौके पर शाहरूख के साथ मुंबई से आई उनकी मीडिया मैनेजर मांडवी शर्मा ने बताया कि ”बॉक्स ऑफिस पर सबसे जल्दी सौ करोड़ क्लब में अपनी फिल्म शामिल होने के बाद शाहरूख ने उनसे दिल्ली जाने की प्लानिंग करने को कह दिया था। मांडवी कहती हैं कि ”किंग खान इस बार अपनी इस फिल्म को दिल्ली में मिली रेकॉर्ड कामयाबी के लिए अपने फैंस और मीडिया को खुद दिल्ली आकर शुक्रिया कहना चाहते थे। इसीलिए हमने आनन-फानन में दिल्ली आने का प्रोग्राम बनाया।’’

करीब चालीस मिनट तक मीडिया के बीच किंग खान बहुत खुश नजर आए। उन्होंने माना कि ”हर फिल्म हर किसी को पसंद नहीं आती। ऐसे भी लोग हैं जो लीक से हटकर बनी अजीबोगरीब फिल्मों को समानांतर सिनेमा या आर्ट फिल्मों का नाम देकर पसंद करते हैं। मेरा मानना है कि फिल्म ऐसी होनी चाहिए जिसमें ऐसा हर मसाला मौजूद हो जो फ्रंट क्लास से लेकर मल्टि-प्लेक्स क्लास को भी पसंद आए। किंग खान ने कहा कि इस बार की ईद उनके लिए बेहद खास रही। घर में नन्हें मेहमान अब्राहम का आना, मेरी फिल्म की जबर्दस्त कामयाबी और लंबे अर्से बाद मेरे बंगले ‘मन्नत’ में मेरे नजदीकी दोस्तों का आना मुझे याद रहेगा।’’

मीडिया के साथ रूबरू होने के बाद शाहरूख अपने खास दोस्तों के साथ साउथ दिल्ली के एक मल्टि-प्लेक्स में अपनी इस फिल्म को दर्शकों के बीच देखने पहुंचे। यहां भी हर किसी ने शाहरूख को हर किसी ने सर-माथे पर बैठाया। दिल्ली में करीब चालीस घंटे बिताने के बाद किंग खान अपने फैंस और मीडिया से अगले साल दीवाली के मौके पर अपनी नई फिल्म ”हैप्पी न्यू ईयर’’ को लाने का वादा भी कर गए। बता दें इंडियन सिनेमा के अब तक के इतिहास में शाहरूख खान स्टारर इस फिल्म ने सबसे जल्दी सौ करोड़ क्लब में एंट्री की तो ओवरसीज कलेक्शन के सभी पिछले रेकार्ड रिलीज के चार दिनों में तोड़ दिए। उदय इंडिया के लिए किंग खान से हुई बेबाक बातचीत के खास अंश प्रस्तुत हैं-

इन दिनों सौ करोड़ कल्ब का खूब शोर है- आपकी पिछली दोनों फिल्में ‘रा वन’ और ‘जब तक है जान’ इस क्लब में शामिल रही, चेन्नई एक्सप्रेस से कितनी उम्मीदें हैं?
मै हमेशा बड़ा और आगे की सोचता हूं। सौ, दो सौ करोड़ नहीं, अब हजार करोड़ कल्ब का हिस्सा बनना चाहता हूं।

‘कृष-3’ से आपको क्या उम्मीदें है?
मैंने इस फिल्म का फस्र्ट लुक देखा है। जितनी तारीफ की जाए कम है। राकेश रोशन ने इस बार दुनिया की बेहतरीन लेटेस्ट तकनीक को इस फिल्म में अपनाया है। रितिक रोशन का लुक देखा, जवाब नहीं। बॉलिवुड में आज रितिक से बेहतरीन कोई दूसरा सुपर मैन नहीं है। मुझे लगता है, फिल्म बहुत बड़ी हिट होने वाली है।

ऐसा कब होगा जब करण-अर्जुन की जोड़ी पर्दे पर फिर एकसाथ दिखाई देगी?
अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। दिल कहता है, जो भी होगा बहुत अच्छा होगा।

सुना है, इन दिनों में आपकी प्राइस तीस से चालीस करोड़ के बीच जा पहुंची है?
कौन कहता है? इन दिनों अपने बैनर की फिल्मों में बिजी हूं। फिल्में जब अपनी लागत से ज्यादा कमाती हैं तो बची कमाई में से मुझे भी कुछ हिस्सा मिल जाता है। अभी तक

तो ऐसा कोई प्रॉडयूसर मेरे पास नहीं
आया, जिसने मुझे इतनी प्राइस आफर तक की हो। हां, आपके पास ऐसा प्रॉडयूसर हो तो मिलाएं, ताकि मुझे भी तो अपनी वैल्यू का एहसास हो सके।

यश जी के जाने के बाद आपने यश राज फैमिली से दूरियां बना ली हैं?
बकवास, मैं खुद को इस फैमिली का हिस्सा मानता हूं। अगर इस इंडस्ट्री में मैं आज किसी मुकाम पर पहुंच पाया हूं तो यश राज के दम पर। सच कहूं तो मुझे सबसे ज्यादा प्यार और सबसे हिट फिल्में इसी फैमिली से मिली हैं, आज भी मैं आदित्य, उदय के टच में हूं। अक्सर हम किसी न किसी सब्जेक्ट पर बात करते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी है कि इस बैनर की फिल्म करने से ही मेरा फैमिली के साथ जुड़ाव बनता हो। जब कभी आदि को लगा, मेरे साथ कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करना है तो यकीन मानिए, अपने बैनर की फिल्म की फिल्म छोड़कर भी उनकी फिल्म को पहले पूरा करूंगा। यश जी ने मुझे मुंबई आने के बाद इस का अपनापन दिया, जिसका मैं जिक्र तक नहीं कर सकता। ‘जब तक है जान’ के बाद मुझे इंतजार है इस बैनर के साथ अगली फिल्म करने का।

ओवर ऑल, प्रॉडयूसर के नजरिए से ‘रा वन’ को आप कैसे देखते हैं?
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में मैंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। सोचा, जब मुंबई में आया था, तो क्या लेकर आया था। अगर मुझे मेरे फैंस ने इतना प्यार और नाम दिया है, तो मुझे भी कुछ ऐसा करना चाहिए जिसे करने के बाद सकून मिले ‘रा वन’ के लिए विदेशी तकनीशियनों की मदद ली गई। दुनिया की बेहतरीन थ्री डी कंपनी को हमने अप्रोच किया। खुशी हुई, जब मेरे फैंस को फिल्म पसंद आई। उस वक्त मेरे पास लाखों की तादाद में मेल, एसएमएस वगैरह आए, जिन्होंने ‘रा वन’ को उस वक्त तकनीकी दृष्टि से इंडिया की बेहतरीन फिल्म बताया। एक कलाकार को इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। हां, जब बतौर प्रॉडयूसर ‘रा वन’ की कलेक्शन पर नजर डालता हूं तो कलेक्शन से अपसेट हो जाता हूं। बेशक, फिल्म ने डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा की कलेक्शन की, लेकिन इस प्रोजेक्ट के लिए मैंने जितना पैसा और वक्त लगाया, उसके सामने डेढ़ सौ करोड़ काफी छोटी रकम है

आपने ‘रा वन’ को ऐसे मोड़ पर खत्म किया जहां से इस फिल्म का ‘पार्ट-2’ शुरू किया जा सके। क्या इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है ?
यकीनन। ‘रा वन’ मेरी ऐसी इकलौती फिल्म है, जो मेरे दिल के सबसे करीब है। मैं इस फिल्म की बकायदा सीरीज बनाना चाहता हूं। मेरी ख्वाहिश है हम भी हॉलिवुड की तर्ज पर ‘सुपर मैन,’ ‘स्पाइडरमैन’ की तरह ‘रा वन’ को भी सीरीज में बनाएं, फिलहाल, इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए मुझे बहुत पैसा चाहिए। कुछ वक्त चाहिए। जब पॉकेट में पैसे आ गए तब इस प्रोजेक्ट पर काम फिर शुरू होगा।

बॉलिवुड में ‘सुपर मैन’ जैसी तकनीकी दृष्टि से सौ फीसदी परफेक्ट फिल्में क्यों नहीं बन पाती?
कौन कहता है? साउथ में बेहतरीन फिल्में बन रही है, रजनी सर की ‘रोबोट’ तकनीकी तौर से सौ फीसदी परफेक्ट फिल्म है। रितिक रोशन की पिछली फिल्म ‘कृष’ हॉलिवुड मूवी को टक्कर देती है। लेकिन लेटेस्ट तकनीक और अनुभवी तकनीशियनों की बात करें तो आज भी हॉलिवुड से पीछे हैं।

इफ्तार पार्टी में सलमान के साथ गले मिलने के बाद फिर मुलाकात हुई?
ऐसा जरूरी नहीं किसी से आप ज्यादा मिलें या फिर हर जगह नजर आने से आप उसके खास हो जाते हैं। अगर आप किसी के साथ गले मिलते हैं तो यकीनन उस वक्त आपसी गिले-शिकवे, अगर पहले कभी रहे भी हैं, खत्म हो जाते है। इंडस्ट्री में मेरा हर कोई दोस्त है और मुझे बचपन से दोस्त बनाने का बहुत शौक रहा है। मैं रिजर्व किस्म का ऐसा इंसान नहीं हूं, जो अपनी बसाई दुनिया में बसता हो। यकीनन जब कोई पुराना दोस्त लंबे अर्से बाद एक बार गले मिलता है तो अंदर से बहुत खुशी होती है उस खुशी का मैं एहसास नहीं कर सकता।

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