ब्रेकिंग न्यूज़ 

‘आप’ को मिलेंगे 55 फीसदी वोट

समाज के निचले पायदान तक राजनीति में सहभागिता बढ़ाने का आह्वान करने वाली ‘आम आदमी पार्टी’ के नेता और दिल्ली के पटपडग़ंज विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी मनीष सिसोदिया ने उदय इंडिया के वरिष्ठ संवाददाता सुधीर गहलोत से अपनी चुनावी रणनीति, संभावनाओं और आशंकाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रस्तुत है प्रमुख अंश :

दिल्ली चुनाव को ‘आप’ कितना प्रभावित करेगी?
इस बार ‘आप’ की ही सरकार बनने जा रही है। यह बात सर्वे से भी साबित हो चुकी है। दिल्ली में 37 प्रतिशत मतदाता कांग्रेस से और 29 प्रतिशत मतदाता भाजपा से नाराज है। इसका सीधा फायदा ‘आप’ को मिलेगा। इसके अलावा नए वोटर भी अपना वोट ‘आप’ को ही देंगे। ‘आप’ आंदोलनों में युवाओं की शिरकत इसका प्रमाण है।

‘आप’ का चुनावी मुद्दा क्या है?
भ्रष्टाचार मिटाओ। देश में सारी समस्याओं की जड़ भ्रष्टाचार ही है। भ्रष्टाचार से महंगाई, बेरोजगारी, बलात्कार जैसे मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए इसे जड़ से मिटाना जरूरी है।

भाजपा का आरोप है कि वोट काटने के लिए कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है ‘आप’…
‘आप’ दोनों पार्टियों के वोट काट रही है। और ये वोट ‘आप’ को मिलेगा। ‘आप’ के पक्ष में कुल 55 प्रतिशत वोटिंग होगी, जिसमें 25 प्रतिशत वोट नए वोटर होंगे। दिल्ली की जनता दोनों ही पार्टियों से त्रस्त है। उसके पास सिर्फ ‘आप’ ही विकल्प है।

अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, लेकिन ‘आप’ मुद्दे को बनाए रखने में नाकाम रही हैं।
मुद्दा हम नहीं भूलते, मुद्दा पत्रकार भूल जाते हैं। पिछले दिनों क्या मसला था, यह उन्हें खुद नहीं याद रहता। ‘आप’ ने मुद्दा उठाया। इसके लिए हम सभी साथी सड़क पर भी उतरे। लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई, इसलिए हमने राजनीतिक पार्टी बनाई। संसद और विधानसभा में बैठे लोगों से किसी समाधान की उम्मीद नहीं है।

‘आप’ का मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन है?
अरविंद केजरीवाल।

लोकसभा चुनाव में ‘आप’ का समर्थन किसके साथ होगा? क्या तीसरे मोर्चे की तरफ भी ‘आप’ देख रही है?
हम विपक्ष में बैठेंगे। हम किसी को समर्थन नहीं देंगे। कांग्रेस और भाजपा दोनों चोर है। सारी पार्टियां चोर हैं। कांग्रेस कहती है, सपा चोर है। सपा कहती है कांग्रेस चोर है। लेकिन यही सपा कांग्रेस की सरकार को समर्थन भी देती है। यही हाल लगभग सारी पार्टियों का है। सब चोर हैं।

मुस्लिम तुष्टीकरण का मुद्दा उठता रहता है। इस पर क्या कहना है?
आज देश में विभाजन की राजनीति हो रही है। लोगों को बांटो और भ्रष्टाचार करो की नीति अपनाई जा रही है। बांट कर शासन करने की बात भी नहीं है, बांट कर भ्रष्टाचार करने की बात है। इसके खिलाफ लोगों को सामने आना चाहिए। इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबको मिलकर काम करने की जरूरत है।

दिल्ली में ई-रिक्शा को लेकर शीला सरकार सख्त है, वहीं ‘आप’ समर्थन में उतर आई है। कहीं चुनाव के वक्त का मसला तो नहीं है?
परिवार चलाने के लिए लोग कई तरह के व्यवसाय पर निर्भर होते हैं। ई-रिक्शा चालक भी अपना परिवार चला रहे हैं। लेकिन शीला सरकार के पास इसके लिए कोई नीति नहीं है। एमसीडी से लेकर पुलिस तक इन्हें तंग करती रहती है। ‘आम आदमी पार्टी’ सत्ता में आती है तो निचले तबके के लोगों के लिए नीति बनाएगी।

दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ी की लगातार बढ़ोतरी एक गंभीर समस्या है। ‘आप’ के पास इसके लिए क्या नीति है?
दिल्ली की जरूरत वे सभी लोग हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। दिल्ली सिर्फ अमीरों के लिए नहीं, बल्कि कल-कारखानों में काम करने वाले गरीबों की भी जरूरत है। इन तबकों के लिए खास प्लानिंग की जरूरत है, ताकि ठेलेवाले, अखबार बेचने वाले, दूध बेचने वाले ….सभी दिल्ली में जी सकें।

दिल्ली में हिंसा और बलात्कार जैसे अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, खासकर बलात्कार के मामलों में नाबालिगों की संलिप्तता। क्या हल है इसका?
दिल्ली की नकारा सरकार है महिलाओं को सुरक्षा देने में अक्षम है। रही बात नाबालिगों की तो देश में बहुत सारे मुद्दे हैं, जिन पर खुली और व्यापक चर्चा करने की जरूरत है। बिहार में मिड डे मिल खाने से लेकर देश की सरहदों पर खड़े सैनिकों के सिर काटे जाने तक। इन मुद्दों को सिर्फ सोनिया, मोदी तय नहीं कर सकते। आम लोगों की राय भी जुटानी पड़ेगी।

лобановский александр биографияотзывы topodin

Leave a Reply

Your email address will not be published.