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दिल्ली में सभी 70 सीटों पर दौड़ेगी ‘साइकिल’ सपा की नजर खासकर उत्तर प्रदेश के दिल्लीवासियों और मुस्लिम वोटों पर

दिल्ली विधानसभा के होने वाले चुनावों में बहुजन समाज पार्टी के ऐलान के बाद मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी ने भी सभी 70 सीटों पर चुनाव लडऩे का मन बनाया है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव की तैयारियों को लेकर प्लेटफार्म तैयार कर लिया है, बहुत जल्द सीटों का ऐलान भी कर देगी। पार्टी ने दिल्ली में 50 फीसदी सीटों पर महिलाओं को उतारने की तैयारी कर रही है। महिलाओं के लिए कौन-कौन सीटें ज्यादा अच्छी और जिताऊ होगी, उसका भी पार्टी गणित लगा रही है। क्योंकि, दिल्ली नगर निगम में समाजवादी पार्टी के दो पार्षद हैं और दोनों महिला हैं। यही कारण है कि पार्टी महिलाओं को खास तवज्जो देने का मन बनाया है। पार्टी ने दिल्ली के उन इलाकों में ज्यादा फोकस किया है, जो पूरी तरह से मुस्लिम बहुल हैं या फिर उत्तर प्रदेश के बहुसंख्य लोग रहने हैं। इनमें ज्यादातर वोटर कांग्रेस से जुड़े हैं। लिहाजा, समाजवादी पार्टी भी कांग्रेस की वोट बैंक में जमकर सेंधमारी करेगी। दिल्ली में चूंकि, यूपी के ज्यादातर लोग रहते हैं, इसलिए समाजवादी पार्टी नुक्कड़ सभाओं के जरिए पैठ बना रही है।

सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी ने दिल्ली की 70 सीटों को 3 कटगरी में बांटा है। पहली कटगरी में वे विधानसभा सीटें हैं, जिन पर 90 फीसदी जीतने की उम्मीद है। इस श्रेणी में पार्टी ने 8 विधानसभा सीटें चिन्हित की है, जिस पर पूरी ताकत झोंकनी है। इसमें ओखला, सीलमपुर, बाबरपुर, मुस्तफाबाद, सदर बाजार, मटिया महल आदि सीटें हैं। इसके अलावा दूसरी कटगिरी में 12 से 13 सीटें चिन्हित की गई है। इसमें वे विधानसभा सीटें हैं जहां पिछली बार सपा को अच्छे वोट मिले थे और नगर निगम चुनावों में कांग्रेस से अधिक वोट हासिल हुए थे। इन विधानसभा सीटों में हर वर्ग के लोग रहते हैं, जिसमें से उत्तर प्रदेश के निवासियों की उपस्थिति ज्यादा है। तीसरी कटगिरी के तहत वह सीटें हैं, जो भाजपा और कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं। इन सीटों पर सपा की क्या स्थिति होती है, यह तो समय बताएगा, लेकिन पार्टी अपने प्रत्याशी जरूर उतारेगी।

समाजवादी पार्टी के दिल्ली में 2 पार्षद
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के विधायक तो कोई नहीं हैं, लेकिन पार्षद 2 हैं। पार्टी ने तीनों नगर निगम के चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें सफलता 2 सीटों (बावतपुर एवं ओखला) पर मिली थी। लेकिन, 12 सीटों पर समाजवार्टी पार्टी दूसरे नंबर पर रही है। जबकि, 30 सीटों पर सपा कांग्रेस पार्टी से आगे रही थी। इन आंकड़ों को देखते हुए समाजवादी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतरेगी।

पैंथर्स पार्टी के चलते पटरी से उतर रही है साइकिल
उत्तर प्रदेश सरकार में सत्ताधारी पार्टी समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल है। यही चुनाव चिन्ह जम्मू-कश्मीर आधारित पैंथर्स पार्टी को मिला है। चूंकि, दोनों पार्टियां क्षेत्रीय श्रेणी में आती हैं, इसलिए दिल्ली में चुनाव लडऩे में परेशानी खड़ी हो रही है। पिछली बार के चुनाव में पैंथर्स पार्टी भी कई सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और समाजवादी पार्टी ने भी। मामला तूल पकड़ा और बात चुनाव आयोग तक पहुंची। आयोग ने सब कुछ देखते हुए फैसला किया कि जहां पैंथर्स पार्टी चुनाव लड़ेगी वहां समाजवादी पार्टी मैदान में नहीं उतरेगी। इस आधार पर चुनाव लडऩे का समझौता हुआ। बावजूद इसके समाजवादी ने काफी वोट हासिल किए। इस बार समाजवादी पार्टी, पैंथर्स पार्टी से इसी मसले को लेकर समझौता कर रही है। समझौता होते ही पार्टी अपनी सभी सीटों का ऐलान कर देगी।

बूथ लेवल पर नेटवर्क तैयार – समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष उषा यादव के मुताबिक सभी सीटों पर उतरने की तैयारी है। कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं, जबकि कुछ सीटों पर प्रत्याशियों की स्क्रूटनी हो रही है। पार्टी ने दिल्ली चुनाव के लिए बूथ लेवल पर नेटवर्क खड़ा किया है। इलाकों में नुक्कड़ सभाओं एवं पोस्टबाजी के जरिए प्रचार शुरू कर दिया गया है। उषा यादव के मुताबिक किन सीटों पर बड़े नेताओं को प्रचार के लिए उतारा जाएगा, इस पर भी काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि पार्टी हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही चुनाव प्रचार का श्रीगणेश भी कर दिया जाएगा।

 

नील पाण्डेय

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