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रामबाण है रागी

देश के कई राज्यों खासकर दक्षिणी राज्यों में बहुतायत में इस्तेमाल किया जाने वाला रागीए एक संपूर्ण अनाज होता हैए जिसमें कई तरह के पोषक तत्व बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। ज्यादातर इसके आटे से गोलकार पिंड बनाकर उसे पकाया जाता हैए जिसे कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में रागी मड्डे या रागी संकटी कहा जाता है। रागी मड्डे को सब्जीए सांभर या दाल के साथ खाया जाता है। यह दक्षिण भारत के सुदूर ग्रामीण इलाके का प्रमुख भोजन है। इसके स्वास्थ्यवद्र्धक गुणों को देखकरए शहरी क्षेत्रों में भी इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जाने लगा है।

रागी के फायदे
हड्डियों के लिए – बच्चों में हड्डियों की मजबूती के लिए रागी समुचित खाद्य है। इसमें कैलशियम पर्याप्त मात्रा में होती है इसलिए वयस्कों के लिए भी काफी फायदेमंद है। रागी के नियमित इस्तेमाल से हड्डियों में फ्रैक्चर होने की आशंका कम हो जाती है।

मधुमेह में – निम्र ग्लेसिमिक्स इंडेक्स के कारण रागी मधुमेह के रोगियों के लिए बेहतरीन भोजन माना जाता है। चावल और गेहूं की अपेक्षाए इसमें उच्च स्तर के फाईबर तत्व पाए जाते हैं। यह स्टार्क को सुपाच्य बनाता है। उच्च फाईबरयुक्त टमाटरए ककड़ीए प्याजए मूली आदि के साथ इसका इस्तेमालए अनाचक ब्लड शुगर बढऩे से रोकता है। पाचन की धीमी प्रक्रिया के कारण रागी रक्त में ग्लूकोज को धीरे.धीरे प्रवाहित करता है।

कोलेस्ट्रोल के स्तर को घटाना – अमीनो एसिड के कारण रागी कोलेस्ट्रोल के स्तर को घटाता है। अमीनो एसिडए शरीर के सामान्य कामकाज के लिए और ऊत्तकों के मरम्मत के लिए के लिए भी आवश्यक होता है। रागी में ऐसे अमीनो एसिड भी पाए जाते हैंए जो अन्य अनाज में नहीं पाए जाते। यह अमीनो एसिड शरीर से अतिरिक्त वसा को खत्म करने में मददगार होता है और शरीर में सल्फर की मात्रा को बढ़ाता है। सल्फर शरीर में ग्लूटाथिऑन के उत्पादन में भी मदद करता हैए जो शरीर के लए प्राकृतिक ऐंटी-ऑक्सिडेंट होता है।

आराम – सोडियम न होने के कारण रागीए उच्च रक्तचाप से पीडि़त व्यक्तियों के लिए रोटी और डिब्बाबंद खाद्यान्नों से बेहतर होता है। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से आराम पहुंचाता और शरीर को ठंडा रखता है।

रक्तचाप का नियंत्रण – उच्च रक्तचापए लीवर समस्याए हृदय की कमजोरीए अस्थमा से पीडि़तों और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भूना हुआ रागी बेहतरीन खाद्य होता है।

कैलशियम से परिपूर्ण – रागी कैलशियम का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। कैलशियम का टैबलेट लेने के बजाय रागी कंजी फायदेमंद होता है। एक ग्लास पानी में एक चम्मच रागी पाउडर को मिलाने के बाद थोड़ी देर उबालकर बनाया जाता है। इसमें नमक और मक्खन मिलाकर पीया जा सकता है।

वजन घटाने में मददगार – मोटापे से परेशान लोगों के लिए रागी का सेवन फायदेमंद होता है। यह भूख शांत रखता है और धीमी पाचनक्रिया के कारण यह शरीर को कम मात्रा में कैलोरी प्रदान करता है।

 

 निभानपुदी सुगना

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