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मोदी ही मुस्लिमों को समझ सकते हैं

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को भारत के एक दैनिक अखबार ने एक अनूठी मिसाल कहा था। मुस्लिम समुदाय में जफर सरेशवाला को मोदी का साथ देने पर एक अवसरवादी एवं पीठ में छुरा भोंकने वाले के तौर पर देखा जाता रहा है, फि र भी 50 वर्षीय इस व्यवसायी को मोदी एक विश्वासपात्र के रूप में देखते हैं। एक साक्षात्कार के दौरान जफर, मोदी को मुस्लिम विरोधी कहे जाने पर, कुछ भड़के। जफर सरेशवाला की इंदिरा सत्यनरायण से बातचीत के मुख्य अंश –

तबलिगी जमात के सदस्य व इस्लामिक विचारधारा में परंपरावादी मुस्लिम के तौर पर आप प्रसिद्ध हैं, फि र भी आपने मोदी का साथ देने का निर्णय क्यों किया, जबकि वो एक हिंदुत्ववादी छवि के नेता हैं?
तबलिगी जमात मुस्लिम समुदाय में एक स्व:सुधार व पुर्नजागृत आंदोलन है। इस्लाम की बुनियाद ‘संयम’ से होती है। इस्लाम धर्म शांति एवं मिल जुलकर साथ रहने में विश्वास रखता है। पैगंबर के द्वारा इस्लाम का पहला रेखाचित्र भी मुसलमान एवं ईसाईयों को साथ में रखकर बनाया गया था।

मोदी का साथ देने के लिए आपकी तुलना अपने ही समुदाय की पीठ में छुरा भोंकने वाले से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगे ?
यह सब कुछ तथाकथित राजनैतिक प्रवृत्ति के लोगों का कहना है। आज, मोदी से मैंने स्वयं बात की है। कल शायद मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी बात कर सकता हूं। मैंने मोदी से उस समय मुलाकात की थी, जब उनसे कोई मिलने को तैयार नहीं था। मैंने उनसे पूछा था कि अब निवेशक गुजरात में कैसे निवेश करेंगे, जब वहां शांति का माहौल ही नहीं बन पा रहा है। इसके अलावा मैंने पूछा था कि क्या न्याय के बिना शांति बहाल करना मुमकिन है। मैंने मुसलमानों की समस्याओं पर भी मोदी से काफ ी बातचीत की थी। इन सभी विषयों पर मोदी बहुत स्पष्ट नीति से आगे बढ़ रहे हैं। इस सब के बावजूद वे मुझसे मिले और बात की, क्या वाकई उन्हें मुझसे बात करने की जरूरत थी? यह उनके उच्च व्यक्तित्व एवं नम्र स्वभाव को दर्शाता है। उनका आचरण वाकई आदर्श है।

क्या आपको लगता है कि मुस्लिम समुदाय नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करेगा?
आपने विधानसभा के चुनावों में स्वयं देखा है, मुसलमानों ने मोदी से प्रभावित होकर बढ़-चढ़कर भाजपा को वोट दिया। इसी कारण पार्टी चार राज्यों में जीत पाई है। राजस्थान के भरतपुर जिले में जहां से जगत सिंह पार्टी के उम्मीदवार थे, उन्होंने कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार को हराया। राजस्थान में हुए कुल 70 प्रतिशत मतदान में मुसलमानों ने मोदी को वोट इसी लिए दिया, क्योंकि उन्हें मोदी पर पूर्ण विश्वास है।

गुजरात दंगों पर मोदी की ‘कुत्ते के पिल्ले का गाड़ी के नीचे आना’ वाली टिप्पणी पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
इस टिप्पणी को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया था। मोदी के कार्यालय से इस पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया था, परंतु ‘रॅायटर्स एजेंसी’ ने उसे छापा नहीं था। मोदी इस टिप्पणी के जरिए कहना चाहते थे कि कभी अगर कोई पिल्ला भी गलती से उनकी गाड़ी के नीचे आ जाता है तो उन्हें बहुत दर्द होता है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानव हत्या से वे कितने आहत हो जाते हैं। मैं स्वयं सुन्नी बोहरा समुदाय से आता हूं, जो गुजरात में बड़ी संख्या में हैं और हम यहां मोदी को खलनायक नहीं, नायक के रूप में देखते हैं।

क्या मुसलमानों तक मोदी का पहुंचना सफल हो पाया है?
मोदी ने मुसलमानों तक पहुंचने का अलग रास्ता अपनाया है। उन्होंने एक भी ऐसी योजना नहीं बनाई, जिससे हिंदू और मुसलमानों के बीच कोई मतभेद या भेदभाव हो। वे एक पवित्र मार्ग पर अग्रसर हैं। पिछले दशक में गुजरात में एक भी कफ्र्यू नहीं लगा। सुदूर इलाकों में भी बिजली 24 घंटे व सातों दिन रहती है। गुजरात में अब सांप्रदायिक तनाव भी नहीं है।

गुजरात में बसे हुए मुसलमानों के लिए मोदी ने क्या खास किया है?
मुसलमानों के कल्याण के लिए मोदी ने तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहला, उन्होंने हज कमेटी बनवाई। दूसरा, वक्फ बोर्ड का गठन किया। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण, मोदी ने अल्पसंख्यकों के लिए वित्त बोर्ड का निर्माण करवाया। मोदी ने न सिर्फ बोर्ड की मरम्मत करवाई, अपितु इसको एक महापालिका में तबदील भी किया।

सन् 2014 में होने वाले आम चुनावों में आपकी क्या भूमिका होगी?
मैं मुस्लिम समुदाय से अपील करूंगा कि वे मोदी को सकारात्मक दृष्टि से देखें। मैं उनसे कहना चाहूंगा कि वे विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के ‘मुसलमानों को 9 प्रतिशत आरक्षण’ देने वाले कथन पर यकीन न करें, क्योंकि यह संभव ही नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय इसे खारिज कर देगा। कांग्रेस साफ तौर पर मुसलमानों को भ्रमित कर रही है।

क्या आपको लगता है कि 2014 के आम चुनाव के बाद मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं?
शत् प्रतिशत! उन्होंने काफी परिश्रम किया है और बहुत काम करवाए हैं। सन् 2014 में मोदी ही भारतवर्ष के प्रधानमंत्री बनेंगे।

 

जफर सरेशवाला

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