ब्रेकिंग न्यूज़ 

ना बाबा ना

ना बाबा ना

मौलाना मुलायम की हसरत दिल में हिलोरें ले रही हैं। ‘जनता परिवार’ का कांसेप्ट भी उनकी उलझन नहीं दूर कर पा रहा है। मुलायम चाहते हैं कि कोई और आए न आए माया साथ आ जाए। माया हैं कि अपनी माया दिखा रही हैं। मुलायम चाहते हैं कि किसी तरह गोट सध जाए और सपा-बसपा का तालमेल हो जाए। लेकिन माया को वह दिन सताते हैं जब उ.प्र. में नारा लगा था ‘मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जयश्री राम।’ मुलायम का गणित कहता है कि दोनों दल साथ आ जाएं तो उ.प्र. में मोदी का पहिया जाम हो जाएगा। हवा और लहर दोनों रफू चक्कर हो जाएगी। लेकिन माया हैं कि उन्हें ‘गेस्ट हाऊस’ कांड भुलाए नहीं भूलता। दरअसल मुलायम जानते हैं कि जनता परिवार से बिहार में लालू-नीतीश का भला भले हो जाए, लेकिन उ.प्र. में उनकी सेहत नहीं सुधरने वाली। इसलिए वह माया की तरफ दोस्ती का हाथ फैला रहे हैं। इसके लिए प्रो. राम गोपाल का तर्क है कि राजनीति में कोई दोस्त और दुश्मन नहीं होता। जबकि माया हैं कि ना-बाबा-ना…

ланч никассео оптимизация интернет магазина

Leave a Reply

Your email address will not be published.