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ठाकुर साहब सेट

ठाकुर साहब सेट

लंबे वनवास के बाद ठाकुर अमर सिंह सेट हो गए हैं। खबरची को पता चला है कि इसके लिए ठा. साहब को जमकर पापड़ बेलने पड़े। नेता जी, अखिलेश, शिवपाल सबको पटाया। जमकर जी हूजूरी की। इतना ही नहीं शिवपाल के बेटे के रिसेप्शन में भी पूरा जोर लगा दिया। अब पता चला है कि ठाकुर साहब की उत्तर प्रदेश से राज्यसभा पक्की हो गई है। बताते हैं थक हार कर अब ठा. के विरोधियों ने भी हथियार डाल दिये हैं।



 कैप्टन, मुर्गा बोला


24-04-2016

जब से प्रशांत किशोर ने पंजाब में प्रचार की कमान संभाली है, कैप्टन अमरिंदर सिंह की नींद हराम हो गई है। कहां कैप्टन साहब की सुबह कोई 12 बजे होती थी। राजा साहब ठाट-बाट से उठते थे। शाम को दरबार लग जाता था। अब है कि मुर्गा बोलते ही उठ जाना पड़ रहा है। उस पर कॉफी विद कैप्टन। बाकी आप खुद समझें।



 शीला आंटी


24-04-2016

केरल का राजभवन छोड़कर आने के बाद से ही शीला आंटी यानी शीला दीक्षित बेरोजगार हैं। शीला उम्रदराज भले हैं लेकिन काफी एक्टिव हैं। निजामुद्दीन में रहती हैं और यदा-कदा दस जनपथ का हाल लेना नहीं भूलती। 29 अकबर रोड़ पर इसकी चर्चा तेज है कि जल्द ही शीला आंटी को उत्तर प्रदेश में प्रचार की कमान मिलने वाली है। कांग्रेस शीला को न केवल ब्राहमण चेहरे के रूप में उतारेगी बल्कि भावी सीएम के तौर पर भी पेश कर सकती है।



 वाह चौधरी


24-04-2016

चौधरी अजीत सिंह के दिन बहुर आए हैं। जब से जद(यू) ने रालोद से करीबी बढ़ाई हैं, चौधरी की खुशी का ठिकाना नहीं है। जैसे ही चौधरी को पता चला कि जद(यू) रालोद का विलय चाहता है, चौधरी और खुश हो गए। खुशी इतनी बढ़ गई कि अध्यक्ष का पद ही मांग बैठे। चौधरी की डिमांड सुनकर आला नेता सकते में आ गए।



 वेंकैया बाबू


24-04-2016

आजकल वेंकैया बाबू को नींद जरा कम आ रही है। एक तो उम्र बढ़ रही है, ऊपर से राज्यसभा का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है। भाजपा का संविधान उन्हें फिर से राज्यसभा सदस्य बनने की इजाजत नहीं देता। लोकसभा चुनाव भी 2019 में होने हैं, ऊपर से आंध्र प्रदेश से चुनाव जीतने की कुव्वत भी नहीं है। हांलांकि वेंकैया बाबू को मोदी जी पर पूरा भरोसा है। उन्हें लग रहा है कि तारीख नजदीक आने के पहले मार्गदर्शक मंडल में डालने की बजाय मोदीजी कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।



 बेचारे मुलायम


24-04-2016

उत्तर प्रदेश की सख्त जान मुलायम सिंह यादव काफी बेचारे हो गए हैं। एक तरफ खराब स्वास्थ्य और दूसरी तरफ परिवार की खटपट। जब से बेटे अखिलेश को उत्तर प्रदेश सीएम की कमान दी है, अपनों ने तंबू तान दिया है। राम गोपाल को छोड़कर सब अपना हक मांग रहे हैं। प्रतीक अपना तो शिवपाल अपना। पार्टी के पुराने नेता भी लाइन में हैं। प्रतीक की पत्नी को लखनऊ से उम्मीदवार तो शिवपाल को प्रदेश सपा का अध्यक्ष बना दिया है। लेकिन जितना नेता जी साध रहे हैं उतना ही डिमांग लिस्ट बड़ी हो रही है।



 क्या होगा शरदजी?


24-04-2016

शरद यादव का फार्मूला नीतीश को पसंद आ गया है। शरद चाहते थे जनता परिवार एक होकर ताकत बन जाए। बड़ी कसरत करके वह लालू-नीतीश-मुलायम की तिकड़ी बनाए, लेकिन मुलायम भाग गए। इसके बाद रालोद, इनलो को करीब लाए। लेकिन अब खबर है कि जद(यू) का अध्यक्ष बनने के बाद नीतीश कुमार और लालू एक होने के लिए मिलने जा रहे हैं। सुना है शरद के सहयोगी इसे सुनकर परेशान हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि आगे शरद का क्या होगा।



हाजिर हैं


24-04-2016

अफसर होते ही हैं बाबू। चाकरी करने वाले। यह हम नहीं बसपा के एक कोऑर्डिनेटर का कहना है। महाशय बाबुओं की लाइन देखकर परेशान हैं। उनकी परेशानी का एक कारण अगड़ी जाति के अफसर हैं। जनाब का कहना है कि जब से मीडिया ने उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार का शिगूफा उछाला है, बहनजी के घर गणेश परिक्रमा शुरू हो गई है, ताकि मैडम शपथ लेते ही मलाईदार तैनानी दे दें।


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