ब्रेकिंग न्यूज़ 

अद्भुत है भारत और उसकी संस्कृती

अद्भुत है भारत और उसकी संस्कृती

भारत एक ऐसा स्थान है जहां पर हर राज्य की अपनी एक विशिष्ट पहचान है। अलग खान-पान, अलग पहनावा और अलग बोली। प्रत्येक राज्य का भौगोलिक स्तर भी बिल्कुल अलग है। अगर भारत के भ्रमण पर निकला जाये तो पता चलता है कि भारत ही मात्र एक ऐसा देश हैं जहां एक स्थान पर दूर-दूर तक फैली बर्फ  की चादर है, तो दूसरी तरफ दूर-दूर तक फैला रेत का मैदान, तो कहीं पर हरी-हरी घास के मैदान जिन्हें देखते ही मन को शंाति और ठंडक पहुंचती है। भारत को निकट से जानने के लिए जरूरी है कि उसके प्रत्येक हिस्से को वहां जाकर देखा जाये, समझा जाये।

24-04-2016लेखक ‘ऋषि राज’ की पुस्तक ”अतुल्य भारत की खोज” एक ऐसी ही पुस्तक है जिसमें भारत के कई राज्यों का बड़ी ही खूबसूरती से वर्णन किया गया है। इस पुस्तक में लेखक ने दर्शया है कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध पर्यटक, कई धार्मिक तीर्थ तथा कई बड़ी पवित्र नदियों का समागम है भारत। वर्षों से इसकी संस्कृति अलग, अनोखी एवं अद्वितीय रही है। बहुधार्मिक, बहुभाषी तथा पारंपरिक भारतीय पारिवारिक मूल्यों से सम्मिलित इस देश की गरिमा के आगे लोग नतमस्तक होते हैं।

पुस्तक ”अतुल्य भारत की खोज” में लेखक ने हर उस राज्य का वर्णन किया है, जहां उन्हें भ्रमण करने का मौका मिला कुल मिला कर लेखक को 31 राज्यों को निकट से जानने का मौका मिला, लेखक ने अपने अनुभवों को बड़ी ही खूबसूरती से इस पुस्तक में अपने पाठकों के साथ साझा किया है। पुस्तक में लेखक ने लेह-लद्दाख और कश्मीर की वादियों की खूबसूरती से लेकर दक्षिण भारत, राजस्थान, दार्जिलिंग, आबू पर्वत, दीव आदि कई स्थानों और वहां की खास चीजों के विषय में पाठकों को बताया है। लेखक ने पुस्तक में अपनी हर यात्रा का वर्णन एक अध्याय के रूप में किया है।

लेह का जिक्र करते हुए लेखक खरदुंगला की बात करते हैं, खरदुंगला दुनिया की सबसे ऊंची सड़क है। खरदुंगला की दूरी लेह से करीब 39 कि.मी. की है। खरदुंगला की ऊंचाई लगभग 18,380 फीट है। वहीं द्रास नदी की चर्चा करते हुए बताते हैं कि द्रास जोजिला पास के निकट मछोई गलेशियर से निकलती है। द्रास ही वह जगह है जहां एक बार 9 जनवरी 1995 में तापमान शून्य से 54 डिग्री नीचे तक पहुंच गया था। तो वहीं उत्तराखंड जो देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है और चार धामों का केंद्र भी है, यहां हिंदू धर्म के चार प्रसिद्ध धाम मौजूद हैं। गंगोत्री, यमनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ। इस पुस्तक में उत्तराखंड के चार धामों के साथ बेहद खूबसूरत स्थान औली का भी जिक्र आता है। औली उत्तराखंड के जोशीमठ जिले में स्थित है। औली सर्दियों में बर्फ की मोटी चादर से ढका रहता है। सर्दियों में औली स्विट्जरलैंड से कुछ कम नजर नहीं आता। यहां की नैसर्गिक पहाड़ी ढलाने इस स्थान को स्कीइंग के लिए एक आदर्श स्थान बनाती हैं। यही वजह है कि यहां हर वर्ष राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

अतुल्य भारत की खोज

लेखक    : ऋषि राज

प्रकाशक : प्रभात प्रकाशन

मूल्य      : 250 रु.

पृष्ठ        : 152

पांडिचेरी के विषय में लेखक बताते हैं कि यहां पर भव्य अरविंद आश्रम है जो देश-विदेश के अनेक लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इसके अलावा पांडिचेरी में जगह-जगह पुराने कोलोनियल चर्च तथा बिल्डिंग्स बनी हुईं हैं, जो इस शहर की भव्यता बढ़ाती हैं। पांडिचेरी को फ्रांस के प्रभुत्व से 1956 में मुक्त कराया गया था। आज भी यहां पर तमिल, तेलगु और मलयाली लोगों के अलावा कुछ बस्तियां ऐसी हैं जहां फ्रेंच बोलने वाले लोग रहते हैं। उड़ीसा की खूबसूरती का वर्णन करते हुए लेखक चिल्का झील की बात करते हैं। जो उड़ीसा में आने वाले पर्याटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है।  चिल्का झील पुरी से करीब 59 कि.मी दूर है, जहां पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगता है। चिल्का झील भारत की खारे पानी की सबसे बड़ी समुद्रीय झील है और विश्व में दूसरी। लेखक अपनी इस पुस्तक में भारत की अनूठी सांस्कृतिक उपलब्धियों तथा अपने अनुभवों का सुंदर वर्णन करते हुए अत्यंत गौरवान्वित महसूस करते हैं। अपनी इस भ्रमण यात्रा की पुस्तक को लेखक ने ‘अतुल्य भारत की खोज’ का नामकरण दिया गया है, जो स्वयं में इस उपमा को चरितार्थ करता है कि भारत जैसा अनुपम देश दुनिया में दूसरा नहीं है।

प्रीति ठाकुर

сайт для хранения паролейдетектор лжи аппарат