ब्रेकिंग न्यूज़ 

कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना

कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना

उत्तर प्रदेश की सियासी गलियों में सपा सरकार के चार वर्ष पूर्ण होते-होते सियासी संग्राम छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी, माया मेमसाहब, भारतीय जनता पार्टी अपने अतीत को दोहराने के लिए पूरी दमखम के साथ मैदाने जंग में कूदने की कोशिश कर रही है, लेकिन माया मेम को सबसे ज्यादा डर सता रहा है। सभी दल आंबेडकर राग अलाप कर दलित वोटों पर डाका डालने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरो पर हैं। कांग्रेस, सपा और बसपा की ”तिकड़ी’’ को त्रिघट कराके सत्ता की सवारी को आतुर भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 264 प्लस विधानसभा सीटों को जीतने का लक्ष्य तय किया है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि कांग्रेस मुक्त भारत बनने का मार्ग प्रशस्त करने के बाद अब सपा-बसपा मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने में जुटें। उन्होंने कहा सपा-बसपा के भ्रष्टाचार व राज्य की ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लेकर कार्यकर्ताओं को मिशन-2017 के तहत विधानसभा के चुनावों की तैयारी में अभी से जुटना होगा। विधानसभा चुनावों में विकास को मुद्दा बताते हुए कहा कि विकास का मुद्दा पार्टी का प्राथमिक ऐजेंडा होगा। नवनियुक्त प्रदेश भाजपाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य पार्टी के राज्य मुख्यालय पर आयोजित अपने स्वागत समारोह के अवसर पर उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों व कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

नवनियुक्त प्रदेश भाजपाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को उ.प्र. जैसे महत्वपूर्ण राज्य की संगठनात्मक बागडोर सौंपे जाने के पीछे के निहतार्थ को सिद्ध करने की चुनौती है। राज्य में सक्रिय लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत व संगठनात्मक क्षमता के भरोसे राज्य की सत्ता से सपा को बेदखल कर उ.प्र. में भाजपा की सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त करना है। वक्त कम है काम ज्यादा है।

मौर्य ने अपने ऊपर लगे आपराधिक मुकदमों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ऊपर जो भी मुकदमें है वे किसी आपराधिक घटना के कारण नहीं, बल्कि जनता व कार्यकर्ताओं के हितों व सम्मान की रक्षा में राजनैतिक मुकदमें है। वे आगे भी पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान पर कोई आंच नहीं आने देंगे।


जन को लुभाने की होड़


उत्तर प्रदेश में फिल्मी सेट की तरह भव्य मंच, चारों ओर लगी एलसीडी स्क्रीनें, ब्रॉडकास्ट चैनलों, यू-ट्यूब, फेसबुक व ट्विटर के जरिए सियासी रैलियों का नजारा देखने को मिल रहा है सीधा प्रसारण, लैपटॉप व आईपेड, य- ट्यूब, फेसबुक व ट्विटर के जरिए रैलियों  के हर एंगल से जनता को लुभाने की होड़  शुरू हो गयी है । भाजपा ने कार्यालय के कायाकल्प के साथ भव्य मीडिया कक्ष बनाया है तो सपा ने  भी आधुनिक बनाने में कोई कसर नहीं छोडी़ हैं भव्य मीडिया रूम के साथ-साथ प्रदेश के लोगों को सपा की राजनीतिक रैलियों का एक नया अवतार दिखेगा बसपा भी इस होड़ में शामिल नजर आये तो आश्चर्य  न होगा। कांग्रेस तो पहले ही प्रशांत किशोर को जिम्मेदारी सौंप  चुकी है।



माथुर की तिकड़ी


राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी ओम प्रकाश माथुर, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश जी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल की तिकड़ी को दिल्ली की गद्दी की राह उ.प्र. से होकर गुजरने के कारण इनके सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा है। 2017 की विजय 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को ऊंचाई पर ले जा सकती है। यह काम उस राज्य में आसान नहीं है, जहां मुलायम और माया की जातिवादी राजनीति हावी है। जब तक उत्तर प्रदेश में भाजपा की ताकत 2017 में वापस नहीं आयेगी केन्द्र की सत्ता में भाजपा के लिए रोड़े ही रोड़े हैं। यह सोच कर सभी कील-पेंच कसने के साथ जातिगत राजनीति करने वाले दल सपा व बसपा से नजर बचाकर उन पिछड़ी जातियों को भी साधने का काम किया जा रहा है, जो पारंपरिक तौर पर किसी एक दल का वोट बैंक नही रहे हैं। सूबे में अल्पसंख्यक मतों के विभाजन की रणनीति के तार तो कसे ही, ऐसी छोटी पार्टियों को भी साधने का काम किया जो दूसरों का खेल बिगाड़ती रही हैं।



आया राम गया राम का खेल शुरू!


08-05-2016

आगरा ग्रामीण विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी हेमलता दिवाकर ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। हेमलता को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा से विधानसभा चुनाव का टिकट मिलने के बावजूद हेमलता दिवाकर का भाजपा की सदस्यता ग्रहण करना यह संकेत दे रहा है कि प्रदेश में सपा की नैय्या डूबने वाली है। वहीं दूसरी ओर बसपा ने भाजपा में सेंध लगाते हुए मऊरानीपुर के पूर्व विधायक प्रागीलाल अहिरबार को शामिल कर लिया है।


राज्य की ध्वस्त कानून व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा सरकार ने राज्य में गुंडागर्दी व अपराधीकरण को बढ़ावा दिया है। राज्य में हत्या, लूट, बलात्कार और अपहरण की घटनाओं ने रिकॉर्ड कायम किया है। परिवारवाद में उलझी अखिलेश सरकार ने राज्य की सत्ता में आते ही गुंडागर्दी-भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। राज्य की जनता गरीबी, बेरोजगारी, बिजली-पानी व सड़क की समस्या से जूझ रही है। अखिलेश सरकार में हुई भर्तियों के दौरान हुए घोटलों से नौजवान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

उन्होंने उ.प्र. में सपा शासन के दौरान दलितों के उत्पीडऩ की घटनाओं में हुई बेतहाशा वृद्धि के बावजूद बसपा की चुप्पी पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आखिर खुद को दलित की बेटी बताने वाली मायावती दलित उत्पीडऩ की घटनाओं पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।

मौर्य ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सपा-बसपा में मजबूत गठबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि एक-दूसरे के भ्रष्टाचार के मामलों में कार्यवाही का भरोसा देने वाले सपा-बसपा जैसे दलों ने सत्ता में आने पर एक-दूसरे के भ्रष्टाचार के कारनामों को छुपाने का काम किया है। केन्द्र पोषित योजनाओं का लाभ उ.प्र. की जनता को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि राज्य की सपा सरकार की नीति व नीयत दोनों में ही खोट है।

मौर्य ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे सपा-बसपा के भ्रष्टाचार, गुंडाराज व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाकर जनता के बीच जायें। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत व मजबूत संगठनात्मक तंत्र के परिणाम स्वरूप हम प्रदेश में लोकसभा की 73 सीटों पर विजयी हो सके। अब मुझे कार्यकर्ताओं पर फिर से भरोसा है कि वे परिवारवाद, जातिवाद और व्यक्तिवाद के खिलाफ संघर्ष करते हुए जिस तरह लोकसभा चुनावों में कांग्रेस मुक्त भारत का निर्माण हुआ उसी तरह उ.प्र. में सपा-बसपा मुक्त उ.प्र. को उत्तम प्रदेश बनाने का काम करेंगे।

लखनऊ से सुरेन्द्र अग्निहोत्री

услуги по информационной безопасностиlanguage translator

Leave a Reply

Your email address will not be published.