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योग से बढ़ती है खूबसूरती

योग से बढ़ती है खूबसूरती

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ तथा हर्बल क्वीन शहनाज हुसैन से संगीता शुक्ला ने बातचीत की। इसी बातचीत के दौरान 21 जून को योग दिवस के संदर्भ में हर्बल क्वीन ने योग के बारे में कुछ अनमोल टिप्स दिये, जिसका लाभ आप भी उठाइये

यह जरूरी नहीं की आप जन्मजात सुन्दर हों। आप अपने प्रयत्नों से भी सुन्दर बन सकते हैं। शहनाज हुसैन ने बताया कि अच्छा स्वास्थ्य तथा बाहरी सौन्दर्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यदि आप शारीरिक तौर पर स्वस्थ नहीं हैं तो आपकी सुन्दरता में निखार कभी नहीं आ सकता। आकर्षक त्वचा, काले चमकीले बाल तथा छरहरा बदन केवल स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सम्रग स्वास्थ्य आयुर्वेदिक सिद्धान्तों को योगा के माध्यम से ही प्रोत्साहित किया है। इस समग्र सौंदर्य की अनोखी अवधारणा को विश्व भर में सराहा गया। उनके विचार में वर्तमान आधुनिक जीवनशैली में समग्र स्वास्थ्य तथा सौंदर्य को प्राप्त करने के लिए योग बहुत प्रसांगिक है। वास्तव में योगा उनके व्यक्गित जीवन का अभिन्न अंग है तथा उन्होंने इसके असंख्य लाभ प्राप्त किए हैं।

सुन्दर त्वचा तथा चमकीले बालों के लिए प्राणायाम सबसे महत्वपूर्ण आसन है। इससे तनाव कम होता है तथा रक्त में ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है, जिससे रक्त संचार में सुधार होता है। उत्कट आसन, उष्टासन, शीर्षासन, हलासन तथा सूर्य नमस्कार आंतरिक तथा बाहरी सौंदर्य को निखारने में अहम भूमिका अदा करते हैं।

03-07-2016योगासन करने से व्यक्ति शारीरिक तथा मानसिक दोनों रूप से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करता है। योगा से न केवल मासपेशियां सुदृढ़ होती हैं बल्कि, शरीर में प्राणाशक्ति बढ़ती है तथा आंतरिक अंगों में दृढ़ता आती है तथा नाड़ी तंत्र को संतुलित बनाती है। योगा मानसिक तनाव से मुक्ति प्रदान करता है तथा मानसिक एकाग्रता प्रदान करता है।

योग प्राचीन काल की भारतीय विद्या है तथा योग संतुलित व्यक्तित्व प्राप्त करने तथा बुढ़ापे को रोकने का प्रभावी उपाय माना जाता है। योग से सांसों पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है तथा योगक्रिया के दौरान सांसों को छोडऩे तथा सांसों को खींचने की विस्तृत वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे शरीर में प्राण वायु का संचार होता है और  शारीरिक तथा मानसिक आनंद की अनुभूति होती है। यह सौंदर्य के लिए अति आवश्यक है, क्योंकि आनंद का एहसास ही शारीरिक सौंदर्य का अनिवार्य अंग है।

योग से रक्त संचार में सुधार आता है जिसकी वजह से त्वचा के बाहरी हिस्से तक रक्त संचार में बढ़ोतरी होती है तथा यह त्वचा की सुन्दरता के लिए काफी अहम भूमिका अदा करता है क्योंकि, इससे त्वचा को पर्याप्त पोषण मिलता है। इससे त्वचा में मौजूद विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है। इससे त्वचा के संतुलन में मदद मिलती है तथा इससे त्वचा की रंगत सुधरती है। त्वचा में ऑक्सीजन का संचार होता है, त्वचा में सुन्दर आभा का संचार होता है, तथा त्वचा का यौवन बना रहता है तथा त्वचा अनेक रोगों से मुक्त रहती है। यही प्रक्रिया बालों पर भी लागू होती है। योग से बालों की कोशिकाओं तथा सिर की खाल में रक्त  संचार तथा ऑक्सीजन को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। बालों की कोशिकाओं में पोषण की पूर्ति होती है, जिससे बालों के आकर्षण में वृद्धि होती है तथा सिर की खाल स्वस्थ रहती है।

जब हम सौंदर्य की बात करते हैं तो हम मात्र बाहरी चेहरे के सौंदर्य की ही बात नहीं करते बल्कि, इसमें शारीरिक बनावट, इसके लचीलेपन, हावभाव, आकर्षण तथा मनोहरता भी शामिल होती है।

जहां तक बाहरी सौंदर्य का प्रश्न है, वहां छरहरे बदन से आप काफी युवा दिख सकती हैं तथा लंबे समय तक यौवन को बरकरार रख सकती हैं। योग से शरीर के प्रत्येक टिश्यू को ऑक्सीजन की पूर्ति होती है जिससे स्वस्थ तथा सुन्दरता की राहें खुद ही खुल जाती हैं। यदि आपके जीवन में शारीरिक सक्रियता की कमी हैं तो आप बुढ़ापे को निमंत्रण दे सकते हैं।

योग तथा व्यायाम से समय से पूर्व आने वाले बुढ़ापे को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है, क्योंकि इससे न केवल शारीरिक सुदृढ़ता प्राप्त होती है बल्कि, शरीर पतला तथा तंदुरुस्त दिखता है।

03-07-2016

योग आसनों से रीढ़ की हड्डी तथा जोड़ों को लचीला तथा कोमल बनाया जा सकता है। इससे शरीर सुदृढ़ तथा फुर्तीला बनता है, मांसपेशियां सुदृढ़ होती हैं, रक्त संचार में सुधार होता है, शरीर में उत्साह तथा प्राणशक्ति का संचार होता है तथा बाहरी सौंदर्य तथा अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। सौंदर्य से जुड़ी अनेक समस्याएं तनाव की वजह से उत्पन्न होती हैं। योग से तनाव कम होता है तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।  तनाव की वजह से होने वाले रोग जैसे बालों का झडऩा, मुंहासे, फोड़े-फुंसी, गंजापन तथा बालों में रूसी की समस्या से स्थाई निजात मिल जाता है। योग आसन को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने वाले योगसाधकों पर किए गए एक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि योग साधकों के व्यक्तित्व, व्यवहार, भावनात्मक स्थायित्व, आत्मविश्वास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। योग का दिमाग, भावनाओं तथा मनोदशा एवं चितवृत्ति पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वास्तव में योग नियमित रूप से तनाव को कम करता है तथा आपकी त्वचा में आभा लाता है। योग से आप ताजगी तथा बेहतर मूड का एहसास करेंगे।

03-07-2016

सौंदर्य के लिए पोषाण आहार भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। प्राचीन भारतीय ऋषि-मुनियों ने प्राकृतिक भोजन को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना है। उन्होंने अपनी खुराक में ताजे फल, तथा सब्जियों के जूस, कच्चा सलाद, अंकुरित अनाज, दाल, ऑर्गेनिक गेहूं एवं चावल, बादाम, बीज तथा दही जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का उपयोग करके अपने शरीर को शुद्ध तथा मौलिक रूप में बनाए रखा तथा शरीर को विषैले पदार्थों से संरक्षण प्रदान किया। उपरोक्त खाद्य पदार्थ आधुनिक जीवनशैली में भी दैनिक खानपान का अभिन्न अंग होने चाहिए तथा रिफाइंड, चीनी तथा चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थों को अपनी खुराक से हटाया जाना चाहिए। इसमें कोई अतिश्योक्ति  नहीं है कि प्राकृतिक भोजन ही बाहरी सौंदर्य में निखार ला सकता है। इनसे आप की बाहरी बनावट तथा आन्तरिक एहसास दोनों में सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है। इनसे त्वचा काफी निर्मल, कोमल तथा स्वच्छ बन जाती है। योगा से बालों के स्वास्थ्य में भी सुधार होता है तथा शरीर की बाहरी बनावट के आकार में प्राकृतिक आकर्षण पैदा होता है। योगा से शरीर में नई चेतना तथा प्राणशक्ति का संचार होता है जिससे मानसिक दृष्टिकोण में सुधार होता है, आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है तथा जीवन में नए जोश का संचार होता है। स्वस्थ शरीर के लिए चीनी, मांसाहार, तथा चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थों पर अपनी निर्भरता कम होनी चाहिए तथा वसायुक्त अनाज का सेवन बढ़ाना चाहिए तथा परिशोधित अनाज तथा आटे का उपयोग अधिक करना चाहिए। आपके शरीर की आवश्यकता के अनुसार चीनी आपको प्राकृतिक फलों से ही प्राप्त हो जाती है। आप विकल्प के तौर पर शहद को भी मिठास के लिए प्रयोग कर सकते हैं। प्रतिदिन ताजे फल तथा सब्जियों को अपनी खुराक का हिस्सा जरूर बनाइए। दही को सौंदर्य उत्पाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है तथा स्किमड मिल्क तथा पनीर को अपनी खुराक में शामिल कर सकते हैं। सब्जियों को हल्की आंच पर पका कर इस्तेमाल करना चाहिए।

ताजे पत्तियों वाली साग-सब्जियों, ताजे फलों और जूस को अपने दैनिक आहार में शामिल कीजिए। यह न केवल आपको महत्वपूर्ण पौष्टिक आहार प्रदान करते हैं, बल्कि आसानी से पच भी जाते हैं। यह शरीर को स्वच्छ तथा निर्मल रखने में भी मदद करते हैं तथा शरीर में विषैले पदार्थों के जमाव को रोकते हैं। फल तथा सब्जियों के जूस ताजा लेने चाहिए तथा इनमें आवश्यकतानुसार साफ ताजा पानी मिला लेना चाहिए।

योग से बाहरी सौंदर्य को निखारने में मदद मिलती है तथा चमकती त्वचा, चमकीले काले बालों, छरहरे सुन्दर बदन, सजीली आकृति के लिए योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाइए।

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