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जोशी जी गदगद

जोशी जी गदगद

जबसे डॉ.मुरली मनोहर जोशी इलाहबाद से लौटकर आए हैं, काफी खुश हैं। जोशी जी की खुशी का राज भी दिलचस्प है। मोदी जी ने मंच से उनका मान बढ़ा दिया है। बढ़ाते भी क्यों नहीं, दोनों ने एक ही प्लेट में फ्रूट चाट साथ क्या खाया, चंद मिनटों में पूरा स्वाद ही बदल गया।



जय राजनाथ


भाजपा की यूपी राजनीति फिर राजनाथ पर आकर टिक गई। आधे भाजपाई भी हैरान हैं। जब से राजनाथ की हवा खड़ी हुई है, उत्तर प्रदेश के महारथियों के चेहरे बौने नजर आने लगे हैं। राजनाथ हैं कि तेल और तेल की धार दोनों देख रहे हैं। इतना जरूर है कि चर्चाओं के बाजार ने उत्तर प्रदेश के मतदाताओं में भी हलचल बढ़ा दी है।



अपना तो तेजस्वी


03-07-2016

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दो अनमोल रत्न हैं। तेजस्वी और तेज प्रताप। तेज प्रताप तो तेज प्रताप हैं लेकिन तेजस्वी पर लालू जी खुश हैं। लालू जी को अब विश्वास हो गया है कि उनका असली राजनीतिक वारिस तेजस्वी ही है। वहीं राजद के लोग भी मानने लगे हैं कि तेजस्वी ही बिहार का अगला सीएम है। जाने भगवान क्या होगा!



हुड्डा जी! ये क्या किया


03-07-2016

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में पूर्व सीएम भूपेन्द्र हुड्डा ऐंड कंपनी ने वोट ही नहीं डाला। जब से यह खबर आई है राहुल बाबा तो तैश में हैं ही, मैडम सोनिया भी परेशान हैं। कांग्रेस भले ही इसको लेकर साजिश का आरोप लगाए, लेकिन अंदरूनी समस्या चैन से सोने ही नहीं दे रही।



बस पंजाब


03-07-2016

अब मोदी की नजर पंजाब पर है। असम में जीत ने पूरी ब्रांडिंग कर दी है। ख्याति फिर उफान पर है, लेकिन खतरा भी पंजाब है। वहां ‘आप’ का गुब्बारा खूब फूल रहा है। ‘उड़ता पंजाब’ भी आ गई है। अकाली की दशा देखकर भाजपा सब कुछ साधने में लगी है। बस देखते जाइए आगे होता है क्या? पंजाब में इज्जत बची तो वाह-वाह और नहीं तो समय बताएगा।



चौधरी फिर सक्रिय


03-07-2016

चौधरी अजित सिंह फिर सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव निबटने के बाद से अजित का फिर भरोसा बढ़ा है। अब अजित ही नहीं, जयंत भी पूरा जोर लगा रहे हैं। दोनों बाप-बेटे को लग रहा है कि सितंबर-अक्टूबर तक कोई न कोई राजनीतिक चाबी हाथ लग जाएगी।



बुआ-भतीजे की निगाह


03-07-2016

सीएम अखिलेश को अपने चेहरे और चुनाव प्रबंधन टीम पर भरोसा है। पूरा ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल संभाल रहे हैं। अखिलेश को लग रहा है कि 2017 तक आते-आते बात बन जाएगी। वहीं बुआजी (मायावती) की निगाह भाजपा के अगले कदम पर है। मायावती को लग रहा है भाजपा चाहे कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाए या फिर संप्रदायिकता का, फायदा उन्हें ही होना है। बाकी सब गोल-माल है।



वाड्रा जी परेशान


03-07-2016

एजेंसिया संजय भंडारी से लेकर मनोज अरोड़ा तक का लिंक तलाश कर रॉबर्ट वाड्रा की कुंडली खंगालने में लगी हैं। बताते हैं जल्द ही कोई राजीतिक बम फिर फूटने वाला है। इसको लेकर अपने वाड्रा जी परेशान हैं। कांग्रेसियों का भी मानना है कि दामाद जी सत्ता पक्ष के लिए पंपिंग बैग बन गए हैं। जब भी सत्ता पक्ष मूड में आता है रह-रहकर बजा देता है।


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