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नई ऊंचाईयों की ओर ‘वाइब्रेंट गुजरात’

नई ऊंचाईयों की ओर ‘वाइब्रेंट गुजरात’

By रोहन पाल

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाइब्रेंट गुजरात विश्व के प्रमुख आर्थिक कार्यकर्मो से एक बन गया है। अब देखना यह है की क्या मोदी भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर सर्वश्रत बनाने में कामयाब होंगे

सातवें वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी है। चाहे 25 लाख करोड़ रुपए का भारी भरकम निवेश हो या सम्मेलन में दुनिया भर से आए हुए बड़े कारोबारी, नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वे निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करने में माहिर हैं। इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, जापान और कनाडा जैसे देशों ने पार्टनर देश के रूप में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में शिरकत की। वैश्विक स्तर की कई हस्तियां मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल हुईं, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून, विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किंग और भूटान के प्रधानमंत्री शामिल हैं। इसके आलावा लगभग 100 देशों के प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। केंद्र सरकार के कई मंत्रियों ने भी इस साल के वाइब्रेंट गुजरात में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात के द्वारा भारत को दुनिया के सामने एक आकर्षक इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में पेश करने में सफल रहे। इसका नतीजा यह रहा कि भारत और विदेशों से आए उद्योगपतियों ने सम्मेलन में 25 लाख करोड़ रुपए के निवेश के 21,000 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये, जो कि इस सम्मेलन को लेकर किये गये प्रचार के अनुरूप रहा।

‘वाइब्रेंट गुजरात’ का प्रतिबिंब ‘वाइब्रेंट इंडिया’ में दिखेगा: राजनाथ सिंह

31-01-2015

महात्मा मंदिर में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, मोदी ने हमें विकास का गुजरात मॉडल दिया जो छोटी उपलब्धि नहीं है। अब प्रधानमंत्री के रूप में ‘वाइब्रेंट गुजरात’ का प्रतिबिंब ‘वाइब्रेंट इंडिया’ में दिखेगा।’’

राजनाथ ने कहा कि सम्मेलन बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा, ”मैं यहां चार दिन के भीतर दो बार आया। मैंने दोनों, प्रवासी भारतीय दिवस और वाइब्रेंट सम्मेलन को करीब से देखा। सच में यह गुजरात की मिट्टी और पानी का जादू है कि दोनों आयोजन जबर्दस्त रूप से सफल रहे।’’

गृहमंत्री ने मोदी को महात्मा गांधी और सरदार पटेल की पंक्ति में रखते हुए कहा, ”गुजरात ने कई महान नेता दिए हैं, जैसे महात्मा गांधी और सरदार पटेल। मैं कहना चाहूंगा कि भारत की स्वतंत्रता के बाद मोदी एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया।’’

 

भारत पूरी दुनिया को अपना परिवार मानता है : नरेंद्र मोदी

31-01-2015

वाइब्रेंट गुजरात समिट में संबोधन के दौरान मोदी ने सबसे पहले पेरिस में हुए हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा, ‘हम फ्रांस के लोगों से साथ खड़े हैं। आतंकवाद दुनियाभर में पांव पसार रहा है, ऐसे में आइये, हम सभी मिलकर इसका मुकाबला करने का संकल्प लें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आतंकवादी उस जीवन, जिसके निर्माण के लिए हम सभी यहां एकत्र हुए हैं और उन मूल्यों, जिनके हम पक्षधर हैं, के खिलाफ इस जंग में दोबारा कामयाब नहीं हो।’

मोदी ने कहा, ‘आज 100 से अधिक देश एक छत के नीचे एकत्र हुए हैं और आज हम एक परिवार की तरह बैठे हैं। भारत वसुधैव कुटुम्बकम् में विश्वास रखता है। भारत पूरी दुनिया को अपना परिवार मानता है। उम्मीद है आप सबको हमारी मेहमाननवाजी पसंद आएगी। वैसे भी गुजराती मेहमाननवाजी में थोड़ा तेज होते हैं।’

‘जब भी आपको हमारी जरूरत होगी, हम आपके साथ होंगे। आपके सफर में हम साथ रहेंगे।’ मोदी ने अपनी 9 महीने पुरानी सरकार का कामकाज गिनाते हुए कहा, ‘मेरी सरकार एक भरोसेमंद, पारदर्शी और निष्पक्ष पॉलिसी एन्वॉयरमेंट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।’ मोदी ने देश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ की बात की और कहा कि सरकार ने पब्लिक और प्राईवेट पार्टनरशिप के जरिये इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर ध्यान दिया है। उन्होंने मार्स ऑर्बिटर मिशन का जिक्र किया और उसकी कम लागत की तुलना हॉलीवुड की हालिया ब्लॉकबस्टर ‘इंटरस्टेलर’ से की।

मोदी ने कहा कि सरकार सेंट्रल और स्टेट लेवल पर सिंगल विंडो क्लीयरेंस की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान भारत में बिजनेस करने में सहुलियत से जुड़ी चिंता दूर करने पर भी है। वल्र्ड बैंक की डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत 189 देशों की लिस्ट में 142वें पायदान पर फिसल गया है। मोदी सरकार भारत को टॉप 50 देशों में ले जाने का इरादा रखती है।

वाइब्रेंट गुजरात एक प्रमुख आर्थिक शिखर सम्मेलन बन गया है: अरुण जेटली

31-01-2015

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक सम्मेलन देश का प्रमुख आर्थिक सम्मेलन बन गया है। जेटली ने सम्मेलन के पहले दिन संवाददाताओं से कहा, ‘जितने ज्यादा राज्य इस तरह का आयोजन करेंगे, निवेश के प्रति उनकी भाषा और व्यवहार उतना ही अधिक अनुकूल होगा.. यह एक अच्छी बात है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने इसी तरह के आयोजन किए हैं, जबकि महाराष्ट्र भी इस तरह का आयोजन करने पर विचार कर रहा है। इस तरह के प्रयास से बहुत खुशी होती है और यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि इस तरह की गतिविधियां आक्रामक तरीके से हो रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि जहां तक भारत का संबंध है, यह आर्थिक गतिविधियों का एक प्रमुख केन्द्र बन चुका है। अब मुझे लगता है कि यही वह जगह है जहां आर्थिक गतिविधियां हो रही हैं।’ कंपनियों के सामाजिक दायित्व के विषय में एक सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि समाज में भारी असमानता है जो स्वच्छ पेयजल की कमी, शौचालयों की कमी आदि जैसी चीजों में साफ दिखाई देता है।

निवेश को लेकर इस साल हुए समझौते वर्ष 2013 के वाइब्रेंट गुजरात के दौरान हुए समझौतों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हैं। वर्ष 2013 में 12 लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावना वाले 17,000 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए थे। गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इन आंकड़ों की घोषणा करते हुये कहा कि इनमें 1,225 रणनीतिक भागीदारी वाले समझौते भी हैं। हालांकि, उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने उन कंपनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जिन कंपनियों ने निवेश के बारे में दिलचस्पी दिखाई हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी समूह, आदित्य बिड़ला समूह, सुजलॉन और वीडियोकोन के साथ-साथ रियो टिंटो, सुजुकी और सीएलपी होल्डिंग्स जैसी विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं। इन प्रस्तावों से देश में लाखों रोजगार सृजित होने का दावा किया गया है। सातवें वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी से इस सम्मेलन के बारे में पूरी दुनिया में काफी प्रचार हुआ।

वाइब्रेंट गुजरात विकास के नये प्रयास का द्वार है : बान की मून

31-01-2015

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने ‘केम छो’ से स्वागत करते हुये कहा कि 2015 वैश्विक क्रियान्वयन का वर्ष है और हमें मानवता और ग्रह की रक्षा के लिये आगे आना होगा। वह भारत के नेतृत्वकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हैं, जिसके कारण पेरिस में विश्व जलवायु परिवर्तन समझौते पर हस्ताक्षर संभव हो पाये। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में स्थिरता की दिशा में नेतृत्व करने और इस दिशा में एक कदम बढ़ाने की अद्वितीय स्थिति में है।

वाइब्रेंट गुजरात पर उन्होंने कहा कि गुजरात विकास के नये प्रयास का द्वार है, जहां तकनीक वातावरण से जुड़कर काम करती है। वह उर्जा के क्षेत्र में सौर उर्जा को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात हर बार पहले से बढ़कर और कामयाब साबित हो रहा है। वह अपने अपको सौभाग्यशाली मानते हैं कि वह इस कार्यक्रम के हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी निवेशकों से आग्रह करते हैं कि उनकी तरह ही गुजरात में निवेश करें।

वहीं दूसरी तरफ अदित्य बिरला समूह के सीएमडी कुमार मंगलम बिरला ने कहा कि यह बात अब स्पष्ट हो चुकी है कि गुजरात निवेश के लिये एक बेहतर जगह है। उन्होंने कहा कि वह गुजरात के प्रति एक लगाव रखते हैं और उनकी आकाक्षाएं गुजरात के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वह 20 हजार करोड़ का निवेश कर गुजरात में अपना कारोबार बढ़ायेंगे।

वाइब्रेंट गुजरात की धारायें भारत और विश्व में फैल जाती हैं : शेरिंग तोपगे

31-01-2015

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोपगे ने कहा कि वह भारत में आर्थिक तीर्थयात्रा पर आये हैं और बेहद खुश हैं। वह भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस दृढ़ दोस्ती के लिये धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि जब गुजरात वाइब्रेंट करता है तो उसकी धाराएं भारत और विश्व में फैल जाती हैं। उन्होंने बहुत ही नरम और रोचक रूप से अन्य देशों को यह संदेश दिया कि कार्बन उत्सर्जन में उनकी भूमिका न्यूनतम है। भूटान में 72 प्रतिशत वन क्षेत्र का होना और 50 फीसदी वाइल्ड लाइफ होना यहां की ताकत है। उन्होंने कहा भूटान ‘सकल घरेलू उत्पाद’ की जगह ‘सकल घरेलू सुख’ को अधिक पसन्द करता है।

31-01-2015

सुजुकी मोटर्स के सीईओ ओसमु सुजुकी ने कहा कि हमने भारत में अपनी उत्पादन क्षमता को 12 लाख कर लिया है। गुजरात ढांचागत परियोजनाओं और प्रशासन के दृष्टिकोण से बेहतरीन जगह है। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी अलग पहचान बनायेगी।

लंदन स्थित रियो टिंटो समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेम वॉल्श ने कहा कि उनकी कंपनी गुजरात में हीरे को तराशने के क्षेत्र में 30 हजार नई नौकरियां पैदा करेगी।

एमर्सन इलेक्ट्रिक कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ डेविड फार ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम से प्रभावित हैं, जिसके चलते विश्व भर की कंपनियां भारत में आकर निवेश कर रही हैं। मास्टर कार्ड के सीईओ अजय बांगा ने कहा कि भारत में आये अमेरिकी निवेशक देश की क्षमताओं और उन्हें पाने के प्रयासों के बीच की दूरी मिटाना चाहते हैं।

‘सबका साथ, सबका विकास’ अभियान से बहुत प्रभावित हुआ हूं: जॉन केरी

31-01-2015

अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए भारत और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ जैसी पहल ‘पूरी दुनिया के लिए’ फायदे का सौदा साबित हो सकती है।

केरी ने सातवें वाइब्रेंट गुजरात समिट को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत और अमेरिका के बीच बड़ी संभावनाओं के दोहन का इससे अच्छा और कोई मौका नहीं हो सकता।’ उन्होंने कहा कि आर्थिक भागीदारी पहले से ही दिन-ब-दिन मजबूत होने लगी है। मोदी द्वारा घोषित विभिन्न पहलों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ अभियान से बहुत प्रभावित हुआ हूं। यह हम सभी के लिए अंगीकार करने योग्य बहुत अच्छा नारा लगता है। अगर हम इसको अपना सकें तो हमारा काम बन सकता है।’’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ”हम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ पहल को पूरी दुनिया के लिए फायदे का सौदा बनाएंगा।’’ केरी ने कहा, ‘मैं आश्वस्त करना चाहूंगा कि हमारे आर्थिक संबंध हर लिहाज से मजबूत होंगे। हम दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार को आने वाले वर्षों में पांच गुणा करने के प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के साथ हैं और हम अपने वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करना चाहते हैं। हम अपने इन संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं।’

दरअसल इन 12 सालों में वाइब्रेट गुजरात ने कई कठिनाइयों का सामना किया है। 2002 के दंगों के बाद खराब छवि से जूझ रहे नरेंद्र मोदी के लिए एक नया कार्यक्रम देना मुश्किल लग रहा था, लेकिन एक मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी ने यहां के विकास को पटरी पर लाने के लिए 2003 में ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ की अवधारणा को शक्ल दी। 2003 और 2005 का वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन एक साधारण सी घटना बनकर रह गई, लेकिन 2007 में वाइब्रेंट गुजरात ने गति पकड़ी। उद्योग जगत के प्रमुख नेतृत्व ने स्वीकारा कि मोदी में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता है। 2009 और 2011 में इस सम्मेलन के प्रति विश्व आकर्षित हुआ। 2013 में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लगने लगा कि मोदी देश के प्रभावशाली नेता हैं और वाइब्रेंट गुजरात एक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक फोरम।

कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि गुजरात में हो रहे इन आयोजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के लिए देश में विदेशी निवेशकों को बुलाने और सरकार की तरफ से उनको हर संभव मदद देने के निश्चय को दर्शाने का प्रबल मंच साबित हो रहा है।

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