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एसआरके नॉलेज फाउंडेशन का कार्यक्रम

एसआरके नॉलेज फाउंडेशन  का  कार्यक्रम

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात में बनासकांठा जिले के नावाड में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय समुदाय के बीच बातचीत को बढ़ाने के लिये किया गया। साथ ही जवानों और उनके परिवार के कल्याण के विषय पर भी चर्चा की गई। इस दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री ने नावाड सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सीमा चौकी का भी दौरा किया। इस कार्यक्रम का आयोजन बीएसएफ और एसआरके नॉलेज फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हीरा व्यापारियों, स्थानीय ग्रामवासियों और बीएसएफ के जवानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भारत-पाक सीमा पर तैनात जवानों को एसआरके नॉलेज फाउंडेशन ने 10,000 धूप के चश्में उपहार स्वरूप दिये। ईसीजी मशीन, आरओ वाटर प्यूरीफायर, एक एबुंलेंस समेत बीएसएफ जवानों के काम आने वाली दूसरी चीजों को भी उपहारस्वरूप भेंट किया। एसआरके नॉलेज फाउंडेश के अध्यक्ष गोविंद भाई ढोलकिया ने इस मौके पर कहा कि वह बीएसएफ के जवान जो चुनौतीपूर्ण परिस्थतियों में भी देश की रक्षा के लिये तैनात रहते हैं, उनकी मदद करके बेहद खुश हैं और आगे भी वह इस तरह की मदद करते रहेंगे। वहीं केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ ने कहा कि गोविंद भाई ने देश के जवानों के लिये सराहनीय काम किया है। (ऊपर फोटो में)गोविंद भाई ढोलकिया केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को एम्बुलेंस की चाभी सौंपते हुए।

(महेन्द्र राउत)



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भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीटयूट ऑफ सोशल साईंसिज (किस) ने दुनिया के शीर्ष 500 गैर-सरकारी संगठनों की सूची में अपने लिये जगह बना ली है। ‘किस’ के लिये यह एक बड़ी उपलब्धी है। एनजीए एडवाइजर के मुताबिक ‘किस’ को भारत की 10 सर्वश्रेष्ठ संगठनों में रखा गया है, गौरतलब है कि एनजीओ एडवाइजर एक जेनेवा स्थित स्वतंत्र मीडिया संगठन है, जिसके अध्यक्ष जीन क्रिस्टीफो नोथियास हैं, जो ग्लोबल पत्रिका के पूर्व संपादक भी रह चुके हैं। एनजीओ एडवाइजर के चौथे संस्करण में ‘किस’ को मिली रैंक प्रकाशित की गई है, जो अद्वितीय है। इस रैंकिंग पर कड़े मापदंड़ों के मूल्यंकन के बाद ही हजारों में से किसी एक गैर-सरकारी संस्था को किसी भी देश के द्वारा चुना जाता है। ‘किस’ अपनी बेहतर कार्यशैली, नवाचार, शासन की वजह से आईवी लीग के लिये दूसरी कई गैर-सरकारी संगठनों में से चयनित किया गया है। गैर-सरकारी संगठन के सलाहकार ने इस संगठन की पारदर्शिता के लिये सार्वजनिक आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए 165 मापदंडों पर खरा उतरकर यह मुकाम हासिल किया है। यह मापदंड तीन स्तंभों से संबंधित है- प्रभाव, नवाचर और शासन। ‘किस’ की स्थापना प्रसिद्ध शैक्षिक और सामाजिक व्यवसायी डॉ. अच्युत सामंत द्वारा 1993 में की गयी थी।



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समस्त महाजन ट्रस्ट ने पब्लिक चैरीटेबल ट्रस्ट अधिनियम के तहत जुलाई 2002 में गिरीश जे. शाह, जो इसके मैनेजिंग ट्रस्टी हैं, उनके दिशा निर्देशों में अपने कामकाज की शुरूआत की। गिरीश जे. शाह ने समस्त जीवों के पोषण की प्रतिज्ञा ली और उसके बाद उन्होंने सेवा और रक्षा के भाव के साथ अपने काम को आगे बढ़ाना शुरू किया। समस्त महाजन ट्रस्ट पिछले 13 सालों से लगातार विभिन्न समाजिक क्षेत्रों जैसे- पशु कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, मानव कल्याण, स्वच्छ अभियान, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य समेत और भी तमाम सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देता आ रहा है। समस्त महाजन ने 350 से अधिक गौशालओं के पुन:विकास का काम गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में किया है। हजारों एकड़ जमीन को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से उपजाऊ बनाने का काम किया है। पशु आश्रयों की पुन:रचना और पशुओं के लिये काम करने वाले संगठनों की भी मदद की।


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