ब्रेकिंग न्यूज़ 

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भारतीय परंपरा में धरती मैया

0 May 10, 2021

हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मैया कह कर पुकारा गया  है। ‘माता भूमि: पुत्रो अहम् पृथिव्या:’ यानी धरती मेरी मां और मैं उसका पुत्र हूं।  भ...

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सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध

0 April 14, 2021

भारतीय समाज लगभग 6000 साल पहले से पानी से दो मोर्चों पर जूझ रहा है। पहला मोर्चा है बाढ़ और दूसरा मोर्चा है पानी की बारहमासी निरापद आपूर्ति। सभी जानते ह...

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सिकुड़ती प्रकृति, वन्यजीव एवं पक्षियों की दुनिया

0 March 4, 2021

मनुष्य इस दुनिया का एक हिस्सा है या उसका स्वामी? वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है क्योंकि मनुष्य के कार्य-व्यवहार से ...

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ग्लोबल वार्मिग का बढ़ता खतरा

0 February 17, 2021

वैश्विक तापमान यानी ग्लोबल वार्मिंग आज विश्व की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। इससे न केवल मनुष्य, बल्कि धरती पर रहने वाला प्रत्येक प्राणी त्रस्त है। ग्...

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ताजा पानी के मोती का उत्पादन

0 December 1, 2020

मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप से पैदा होता है। भारत समेत हर जगह हालांकि मोतियों की मांग बढ़ती जा रही है, लेकिन दोहन और प्रदूषण से इनकी संख्या घटती ...

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भारत के लिए बढ़ती जल प्रबंधन की चुनौती और बाढ़ का खतरा

0 August 27, 2020

अभी तक हम कहते थे कि बिहार के लिए बाढ़ न्यू नार्मल है, लेकिन बाढ़ अब पूरे भारत के लिए ‘न्यू नार्मल’ हो गई है, जो हर साल आती ही है। मानसून की शुरुआत मे...

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प्लास्टिक से मुक्ति नितांत आवश्यक

0 October 4, 2019

वैसे तो विज्ञान के सहारे मनुष्य ने पाषाण युग से लेकर आज तक मानव जीवन सरल और सुगम करने के लिए एक बहुत लंबा सफर तय किया है। इस दौरान उसने एक से एक वो उप...

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जल संकट : आखिर हमसे चूक कहां हुई?

0 September 16, 2019

देश के विभिन्न शहरों में मई और जून के महीनों में तापक्रम में अबाध वृद्धि और पेय जल के लिए गली के नुक्कड़ों पर स्थित नलों, चापाकलों, कुंओं और सूखते नदी...

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अनियमित मानसून गहराता जल संकट

0 August 12, 2019

दि  इंडियन मेटेरियोलोजिकल डिपार्टमेंट के आंकड़ों पर यकीन करें तो यह दुखद सच हमें चिंतिति कर जाता है कि देश में लगातार दो दशकों से औसतन मानसून की वर्षा...

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