ब्रेकिंग न्यूज़

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पटाखों से मरा गली का एक कुत्ता, 144 लापता

0 November 18, 2019

बेटा : पिताजी। पिता : हां, बेटा। बेटा : मुझे आज आपसे बहुत सी बातें करनी हैं। पिता : कर बेटा। यही तो अच्छी बात है। वरन आज तो परिवार में बात करने का समय...

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दिल बड़ा रखिये, दोस्तों का अकाल नहीं

0 October 30, 2019

आजकल दोस्त बनने और बनाने का काम बडा आसान हो गया है। वह गई-गुजरी बात हो गई जब आपको दोस्त बनाने के लिए व्यक्ति ही नहीं मिलता था। मिलता तो वह बनने को तैय...

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सामना चुनौतियों से

0 September 16, 2019

मेरे एक बहुत चहेते मंत्री थे। मैं उनके आगे पीछे ही घूमता फिरता था। मैं भी उनका एक बहुत प्रिय समर्थक था। इस चुनाव में जब वह हार गया तो मुझे तो ऐसा लगने...

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वह जीतकर भी रोया घर की बात घर में ही रही

0 September 3, 2019

बेटा : पिताजी। पिता : हां बेटा। बेटा : पिताजी, आपको पता है हमारे पड़ोसी जो हमारी विधानसभा से जीते हैं, वह अपनी जीत से खुश नहीं हैं। पिता : क्यों? बेटा...

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मैंने जीता जीते को

0 August 22, 2019

आजकल जमाना है पालिटिक्स का, पालिटिक्स के लोगों/नेताओं का और पालिटिक्स का हाथ अपने सिर पर रखने-रखवाने का। पॉलिटिक्स के खिलाडिय़ों का आशीर्वाद पाने के ल...

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कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : घर की बात घर में ही रहनी चाहिए

0 July 24, 2019

बेटा : पिताजी। पिता : हां, बेटा। बेटा :पिताजी, आजकल कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन है? पिता : बेटा, पहले तो राहुल गांधी जी ही थे। बेटा :आजकल...

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वंशवाद का प्रजातंत्रीकरण

0 July 10, 2019

बेटा : पिताजी। पिता : हां बेटा। बेटा : १९४७ में जब भारत को आजादी मिली तो उस समय देश में शासन व्यवस्था क्या थी? पिता : बेटा, देश में तब अनेकों छोटे-बड़...

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जीतता तो में हूं, हराते तो मेरे विरोधी

0 June 24, 2019

बेटा : पिताजी। पिता : हां, बेटा। बेटा : इस बार देश में लोकसभा चुनाव बड़े अच्छे ढंग से सम्पन हो गए। हिंसा हुई तो बस पश्मिी बंगाल और कुछ केरल में। पिता ...

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चुनाव में अजूबा कुछ नहीं

0 June 12, 2019

बेटा : पिताजी। पिता : हां बेटा। बेटा : इस बार तो चुनाव में बड़ी अजीब-अजीब बातें हुईं। पिता : यह तो है बेटा। चुनाव है, चुनाव में क्या हो जाये और क्या न...

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