ब्रेकिंग न्यूज़

item-thumbnail

एक तन्मय और विस्तृत आत्मकथा

0 November 18, 2019

करण जौहर सफलता, बेबाकीपन, हाजिरजवाबी और बेधड़क बोलने के पर्याय बन चुके हैं, जिससे कभी-कभी न चाहते हुए भी विवाद खड़ा हो जाता है और सुर्खियां बन जाती है...

item-thumbnail

सभी जेलों में कैदी नही होते

0 October 30, 2019

‘सलाखों के पीछे: भारत के प्रसिद्ध लोगों के जेल से जुड़े किस्से’ पुस्तक को मंजुल प्रकाशन ने हिन्दी में प्रकाशित किया है। इसे टीवी पत्रकार सुनेत्र...

item-thumbnail

मुश्किलों से लडऩे का जज्बा

0 October 19, 2019

19 मई 2014 को, जब सत्रह साल की रेशमा कुरैशी परीक्षा केंद्र जाने के लिए घर से निकली तो अचानक ही सब कुछ उसके साथ एक पल में घट गया। वे लोग उसकी ओर दौड़े।...

item-thumbnail

जीवन का संवाद

0 October 19, 2019

आत्म-संवाद नामक पूस्तक में लेखक जनार्दन राय नागर के आंतरिक भाव, आंतरिक चिन्तन, आंतरिक द्वन्द्व आदि संग्रहित किये गये हंै। व्यक्ति समय-समय पर विभिन्न व...

item-thumbnail

वीर अर्जुन की गाथा

0 October 4, 2019

अर्जुन- पांडव योद्धा की गाथा’ नामक पुस्तक भारतवर्ष के महानतम योद्धाओं में से एक, पांडव राजकुमार अर्जुन की अमर गाथा है। इस पुस्तक में अर्जुन की कथा का,...

item-thumbnail

गुरू का हमारे जीवन में महत्व

0 October 4, 2019

स्वरों के आघात के पूर्व स्वरों का आभास होना चाहिये। स्वरों की सूक्ष्मतम परतें उनके प्रस्फुटन के पूर्व ही मस्तिष्क में तरंगित हो जाती हैं। ध्यान के कें...

item-thumbnail

कही आप अमीरी के शिकार तो नहीं ?

0 September 16, 2019

अमीरी और दौलत अपने साथ प्रदर्शन व दिखावे की आदत लेकर आती है। यहीं से जीवन में आलस्य और अपव्यय का भी आरंभ हो जाता है। दुर्व्यसन दूर खड़े होकर प्रतीक्षा...

item-thumbnail

गुरू-शिष्य परंपरा अतुल्य

0 September 16, 2019

किसी भी देश का निर्माण उस देश के अच्छे शिक्षकों के द्वारा ही हो सकता है। क्योंकि शिक्षक न सिर्फ  अपने छात्रों को ज्ञान देता है, बल्कि उनके माध्यम से व...

item-thumbnail

पूंजीवाद और भारतीय समाज

0 September 3, 2019

‘घाचर-घोचर’ कन्नड़ भाषा से हिन्दी में अनुवादित एक उपन्यास है। इस उपन्यास के बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स बुक रिव्यू ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि न...

1 2 3 15